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सुबह-सुबह हुई बारिश ने मौसम में किया बदलाव, बढ़ी ठंड
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। मौसम में बदलाव के चलते शनिवार सुबह से जिले में बारिश शुरू हो गई। सुबह करीब साढ़े छह बजे तेज बारिश हुई, जो करीब आधा घंटे तक चली। उसके बाद दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। इसके कारण एक बार फिर ठंड में इजाफा हो गया।
शनिवार को सुबह जिले के अनेक भागों में बारिश हुई। कहीं तेज तो कहीं बूंदाबांदी दर्ज की गई। हांसी, नारनौंद, बरवाला, उकलाना, आदमपुर, अग्रोहा, सिवानी, बालसमंद सहित सभी क्षेत्रों में देर शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। दिनभर में एक बार भी सूरज नहीं निकला। जिले में कुल 4.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार अगले दो दिनों तक बरसात की संभावना बनी रहेगी और चार फरवरी के बाद ही मौसम साफ होने की संभावना है।
फसलों के लिए फायदेमंद
वर्तमान में हो रही बारिश सभी फसलों के लिए फायदेमंद है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार यदि ओलावृष्टि होती है तो उससे फसलों को नुकसान हो सकता है। वर्तमान में गेहूं, सरसों, चना, मेथी, जौ आदि सभी फसलों को बारिश फायदा पहुंचाने वाली है। कृषि विशेषज्ञ एडीओ डॉ. राजीव भाटिया ने बताया कि बारिश से फायदा ही होगा। सिंचाई भी बचेगी और फसल अच्छी होगी, जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी।
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पश्चिमी विक्षोभ के कारण आ रहा मौसम में बदलाव
मौसम में बदलाव सामान्य प्रक्रिया है, जो इन दिनों में आमतौर पर होती है। एचएयू में कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. एमएल खीचड़ ने बताया कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के चलते है। पश्चिमी विक्षोभ हर महीने सात तारीख तक आते रहते हैं और उत्तर में पहाड़ों की तरफ चले जाते हैं। इस बार यह उत्तर पूर्व की तरफ बढ़ रहे हैं। यह दिशा परिवर्तन हवाओं के कारण होता है। जो विक्षोभ आमतौर पर पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर आदि की तरफ जाते हैं, उनका उत्तर-पूर्व की तरफ बढ़ने से पंजाब के साथ हरियाणा में भी इसका असर है और प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेज तो कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो रही है। अगले दो दिन और मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। चार फरवरी के बाद मौसम साफ होने की संभावना है।
किसानों को सलाह
- ओलावृष्टि से बचाव के लिए फसलों व सब्जियों में उचित प्रबंधन करें।
- सभी तरह के कीट-रोग नाशियों का छिड़काव अगले 2-3 दिन तक न करें।
- गेहूं की फसल में रोगों, विशेषकर रतुआ की निगरानी करते रहें। काला, भूरा रतुआ आने पर फसल में डाइथेन एम-45 2.5 ग्राम या कार्बनडीज्म 1.0 ग्राम अथवा प्रोपिकोनेजोल 1.0 ग्राम/लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।
- चने की फसल में फली छेदक कीट की निगरानी के लिए फीरोमोन प्रपंश (3-4 प्रपंश प्रति एकड़) उन खेतों में लगाएं, जहां पौधों में 30-40 प्रतिशत फूल खिल गए हों।
- तापमान तथा आर्द्रता को ध्यान में रखते हुए किसान सब्जी फसलों, सरसों की पछेती फसल में चेपा के आक्रमण की निगरानी करें।
- सब्जियों की फसलों पर छिड़काव के बाद एक सप्ताह तक तुड़ाई न करें।
- बीज वाली सब्जियों पर चेपा के आक्रमण पर विशेष ध्यान दें।
- भिंडी की बुवाई के लिए ए-4, परबनी क्रांति, हिसार उन्नत, पंजाब पदमनी, अर्का अनामिका आदि किस्मों की बुवाई हेतु खेतों में गोबर की सड़ी खाद डालकर पलेवा कर तैयार करें।
- टमाटर, मिर्च की रोपाई समतल क्यारियों पर करें।
- कद्दू वर्गीय सब्जियों के तैयार पौधों की रोपाई नाली की मैडो के मध्य पर करें।
भाजपा को बदलना पड़ा बाइक रैली का शेड्यूल
शनिवार सुबह से शुरू हुई बरसात के कारण भाजपा को भी अपना बाइक रैली का शेड्यूल बदलना पड़ा। पहले यह रैली 10 बजे होनी थी बरसात के कारण इसे दोपहर 12 बजे किया गया। हालांकि बूंदाबांदी बंद नहीं हुई, जिसके चलते भाजपा को बूंदाबांदी के बीच ही दोपहर बाद बाइक रैली निकालनी पड़ी।
पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण चार मार्च तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान प्रदेश में कहीं-कहीं हवाओं व गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद में मौसम खुश्क रहने की संभावना है।
- डॉ. एमएल खीचड़, कृषि मौसम विभागाध्यक्ष, एचएयू, हिसार।
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हिसार। मौसम में बदलाव के चलते शनिवार सुबह से जिले में बारिश शुरू हो गई। सुबह करीब साढ़े छह बजे तेज बारिश हुई, जो करीब आधा घंटे तक चली। उसके बाद दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। इसके कारण एक बार फिर ठंड में इजाफा हो गया।
शनिवार को सुबह जिले के अनेक भागों में बारिश हुई। कहीं तेज तो कहीं बूंदाबांदी दर्ज की गई। हांसी, नारनौंद, बरवाला, उकलाना, आदमपुर, अग्रोहा, सिवानी, बालसमंद सहित सभी क्षेत्रों में देर शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। दिनभर में एक बार भी सूरज नहीं निकला। जिले में कुल 4.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार अगले दो दिनों तक बरसात की संभावना बनी रहेगी और चार फरवरी के बाद ही मौसम साफ होने की संभावना है।
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फसलों के लिए फायदेमंद
वर्तमान में हो रही बारिश सभी फसलों के लिए फायदेमंद है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार यदि ओलावृष्टि होती है तो उससे फसलों को नुकसान हो सकता है। वर्तमान में गेहूं, सरसों, चना, मेथी, जौ आदि सभी फसलों को बारिश फायदा पहुंचाने वाली है। कृषि विशेषज्ञ एडीओ डॉ. राजीव भाटिया ने बताया कि बारिश से फायदा ही होगा। सिंचाई भी बचेगी और फसल अच्छी होगी, जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी।
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पश्चिमी विक्षोभ के कारण आ रहा मौसम में बदलाव
मौसम में बदलाव सामान्य प्रक्रिया है, जो इन दिनों में आमतौर पर होती है। एचएयू में कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. एमएल खीचड़ ने बताया कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के चलते है। पश्चिमी विक्षोभ हर महीने सात तारीख तक आते रहते हैं और उत्तर में पहाड़ों की तरफ चले जाते हैं। इस बार यह उत्तर पूर्व की तरफ बढ़ रहे हैं। यह दिशा परिवर्तन हवाओं के कारण होता है। जो विक्षोभ आमतौर पर पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर आदि की तरफ जाते हैं, उनका उत्तर-पूर्व की तरफ बढ़ने से पंजाब के साथ हरियाणा में भी इसका असर है और प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेज तो कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो रही है। अगले दो दिन और मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। चार फरवरी के बाद मौसम साफ होने की संभावना है।
किसानों को सलाह
- ओलावृष्टि से बचाव के लिए फसलों व सब्जियों में उचित प्रबंधन करें।
- सभी तरह के कीट-रोग नाशियों का छिड़काव अगले 2-3 दिन तक न करें।
- गेहूं की फसल में रोगों, विशेषकर रतुआ की निगरानी करते रहें। काला, भूरा रतुआ आने पर फसल में डाइथेन एम-45 2.5 ग्राम या कार्बनडीज्म 1.0 ग्राम अथवा प्रोपिकोनेजोल 1.0 ग्राम/लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।
- चने की फसल में फली छेदक कीट की निगरानी के लिए फीरोमोन प्रपंश (3-4 प्रपंश प्रति एकड़) उन खेतों में लगाएं, जहां पौधों में 30-40 प्रतिशत फूल खिल गए हों।
- तापमान तथा आर्द्रता को ध्यान में रखते हुए किसान सब्जी फसलों, सरसों की पछेती फसल में चेपा के आक्रमण की निगरानी करें।
- सब्जियों की फसलों पर छिड़काव के बाद एक सप्ताह तक तुड़ाई न करें।
- बीज वाली सब्जियों पर चेपा के आक्रमण पर विशेष ध्यान दें।
- भिंडी की बुवाई के लिए ए-4, परबनी क्रांति, हिसार उन्नत, पंजाब पदमनी, अर्का अनामिका आदि किस्मों की बुवाई हेतु खेतों में गोबर की सड़ी खाद डालकर पलेवा कर तैयार करें।
- टमाटर, मिर्च की रोपाई समतल क्यारियों पर करें।
- कद्दू वर्गीय सब्जियों के तैयार पौधों की रोपाई नाली की मैडो के मध्य पर करें।
भाजपा को बदलना पड़ा बाइक रैली का शेड्यूल
शनिवार सुबह से शुरू हुई बरसात के कारण भाजपा को भी अपना बाइक रैली का शेड्यूल बदलना पड़ा। पहले यह रैली 10 बजे होनी थी बरसात के कारण इसे दोपहर 12 बजे किया गया। हालांकि बूंदाबांदी बंद नहीं हुई, जिसके चलते भाजपा को बूंदाबांदी के बीच ही दोपहर बाद बाइक रैली निकालनी पड़ी।
पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण चार मार्च तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान प्रदेश में कहीं-कहीं हवाओं व गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद में मौसम खुश्क रहने की संभावना है।
- डॉ. एमएल खीचड़, कृषि मौसम विभागाध्यक्ष, एचएयू, हिसार।