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134ए में उलझे अभिभावक प्राईवेट स्कूलों की मांग के आगे विवश हो रहें है अभिभावक

Sun, 22 Apr 2018 12:48 AM IST
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:48 AM IST
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134ए में उलझे  अभिभावक प्राईवेट स्कूलों की मांग के आगे विवश हो रहें है अभिभावक
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
नियम 134-ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिला रहे अभिभावकों से अतिरिक्त सुविधाओं के नाम पर भारी-भरकम फीस मांगी जाने लगी है, जिससे अच्छे स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए गरीब अभिभावकों के सपने चकनाचूर होते दिख रहे हैं। कहीं पर प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा अभिभावकों से एक लाख रुपये तक फीस मांगने तो कहीं पर अभिभावकों को भरे गए ऑप्शन से अलग स्कूल अलॉट करने का मामला सामने आया है। अब अभिभावकों ने इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से करने का मन बनाया है।
गांव नंगथला के जयकुमार अपनी बेटी किरण को अच्छे स्कूल में पढ़ाकर आईएएस अधिकारी बनाना चाहते हैं। प्राइवेट स्कूल द्वारा मांगी गई करीब एक लाख रुपये फीस के बारे में सुनकर ही जयकुमार चिंतित हो गए। जयकुमार ने गांव चिकनवास के नजदीक एक प्राइवेट स्कूल के संचालकों पर बेटी किरण का नियम 134-ए के तहत सातवीं कक्षा में दाखिले के लिए करीब एक लाख रुपये की मांग करने का आरोप लगाया है। जयकुमार ने बताया कि बेटी को परीक्षा में 81 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। उसका सपना है कि वो एक आईएएस अधिकारी बने। अब प्राइवेट स्कूल की डिमांड को पूरा करने में असमर्थ है।
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राजीव नगर निवासी सुुनील सैनी ने बताया कि जिन नजदीकी स्कूलों की हमने मांग की थी, उनमें से किसी भी स्कूल में उनके बेटे केशव का नाम नहीं आया। दूसरे स्कूल में उसका नाम डाला गया है। केशव दूूसरी कक्षा का छात्र है। परीक्षा में केशव के 96 प्रतिशत अंक आए थे। केशव को दाखिले के लिए गंगवा के पास स्थित स्कूल अलॉट किया गया है। इसकी उन्होंने डिमांड ही नहीं की थी।
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अभी तक मेरे संज्ञान में ऐसा मामला नहीं आया है। स्कूलों को अतिरिक्त सुविधाओं की फीस के लिए बीईओ ऑफिस का फॉर्म नंबर छह भरकर देना होता है। अतिरिक्त सुविधाओं का खर्च अभिभावकों को उठाना पड़ता है। अगर अधिक फीस मांग रहे हैं तो अभिभावक हमें शिकायत दें, जांच करेंगे।
-धनपत सिंह, बीईओ, अग्रोहा खंड
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