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गाय पकड़ते वक्त ठेकेदार को मिल रही धमकियां, बीच में छोड़ा काम, अब गोवंश पकड़ने वाला कोई नहीं

Sat, 16 Mar 2019 12:25 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2019 12:25 AM IST
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गाय पकड़ते वक्त ठेकेदार को मिल रही धमकियां, बीच में छोड़ा काम, अब गोवंश पकड़ने वाला कोई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। नगर निगम प्रशासन के अधिकारी ही लावारिस गोवंश पकड़ने के अभियान में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अकेले ठेकेदार के भरोसे छोड़े गए काम में पशुपालक बड़ी बाधा बन गए हैं। गाय पकड़ते वक्त ठेकेदार को इन पशुपालकों द्वारा देख लेने तक की धमकियां मिल रही हैं।
ठेकेदार ने अधिकारियों को अवगत करवाया। मगर धमकी देने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। नाराज ठेकेदार ने काम बीच में ही छोड़ दिया है। अब चार दिन से शहर में गोवंश पकड़ने वाला कोई नहीं है। अर्बन एस्टेट में चार लोगों को चोटिल करने वाली गाय को पकड़ने के लिए बार-बार सेक्टरवासी फोन करते रहे, लेकिन कोई नहीं आया। ठेकेदार ने निगम अधिकारियों को दो टूक जवाब दे दिया है कि जब तक धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वह गाय नहीं पकड़ेगा।
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आरडब्ल्यूए ने खुद पकड़ी थीं गाय, तब मिल पाई थी पीसीआर
सेक्टर 16-17 की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने छह फरवरी को खुद सेक्टर में घूम रही गायों को पकड़कर कम्यूनिटी सेंटर में एकत्रित किया था। इसके बाद लंबी जद्दोजहद के बाद ठेकेदार को पुलिस सुरक्षा के लिए काउ सेल की पीसीआर दिलाई गई थी। उसके बाद से जब भी ठेकेदार को गाय पकड़नी होती थी, तो उसके साथ पीसीआर रहती थी। मगर ठेकेदार का आरोप है कि पीसीआर होने का भी फायदा नहीं मिल रहा है। पुलिसकर्मी पीसीआर को दूर खड़ी कर लेते हैं, जबकि उन्हें पशु पकड़ने के लिए गलियों में दौड़ लगानी पड़ती है।
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पशुपालक ही छोड़ रहे शहर में लावारिस गाय
अब तो नगर निगम के अधिकारी भी मान चुके हैं कि शहर में घूम रही अधिकतर गाय पशुपालकों की हैं। पशुपालक दिन और शाम के समय दो बार इन गायों का दूध निकालने के बाद इन्हें खुला सड़कों पर छोड़ देते हैं। नतीजतन, गायों के झुंड सेक्टरों और कॉलोनियों में घुस आते हैं। कई हिंसक पशु शहरवासियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। कुछ पशुपालक तो ऐसे हैं, जिनके पास 100 से 150 गाय तक हैं।
निगम के वीएलडीए को फोन किया तो बोला कुछ नहीं कर सकते
अर्बन एस्टेट आरडब्ल्यूए के महासचिव राकेश आर्य ने बताया कि एक ही गाय उनके एरिया में रहने वाले दो परिवार के चार लोगों को चोटिल कर चुकी है। क्षेत्रवासी नेता बाली और उनके बेटे अनुराग को टक्कर मारने के अलावा रिटायर्ड प्रोफेसर और उनकी पत्नी को भी चोट पहुंचाई गई है। उन्होंने बताया कि इस गाय को पकड़ने के लिए उन्होंने पहले ठेकेदार को फोन किया फिर निगम के वीएलडीए से आग्रह किया। मगर कोई मदद नहीं मिली। वीएलडीए ने ही उन्हें बताया कि ठेकेदार ने चार दिन से काम रोक रखा है।
300 गाय पकड़ी, 10 गुणा अब भी शहर में घूम रही
ठेकेदार की मानें तो उसने पिछले दो महीने में 300 से ज्यादा गाय पकड़कर गोशालाओं में पहुंचाई हैं। मगर अब भी दस गुणा करीब तीन हजार गाय शहर के अलग-अलग इलाकों में घूम रही हैं। पशुपालकों द्वारा बड़े पैमाने पर इन गायों को खुला छोड़ा जा रहा है।
वर्जन
मैं कई दिन से गाय पकड़ने का काम कर रहा हूं। मगर हर रोज पशुपालक बाधा बन रहे हैं। मुझे व मेरे सहयोगियों को देख लेने तक की धमकियां दी जा रही हैं। मैंने निगम अधिकारियों से लेकर पुलिस थाने में भी लिखित में शिकायत दे रखी है। मगर किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जान जोखिम में डालकर गाय पकड़ें और फिर पशुपालकों की धमकी क्यों सुनें।
- विकास पूनिया, ठेकेदार

अर्बन एस्टेट में लावारिस घूम रही गायों के झुंड घूम रहे हैं। ठेकेदार को पर्याप्त सुरक्षा और सहयोग नहीं मिल रहा है और निगम प्रशासन लंबे समय से शहर को कैटल फ्री घोषित किए हुए हैं। यह सरासर अधिकारियों की नाकामी है।
- उदयवीर मिंटू, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नंबर 13

शहर को सड़कों पर घूम रहे पशुओं से निजात दिलाना निगम अधिकारियों के बस की बात नहीं लग रही है। अब तो इस मुद्दे पर शहरवासियों को एकजुट होना पड़ेगा। जब तक खुले पशु छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक पशु छोड़ना बंद नहीं करेंगे।

- जितेंद्र श्योराण, प्रधान, सेक्टर 16-17 आरडब्ल्यूए

ठेकेदार का कोई सुरक्षा से संबंधित मामला है। तीन-चार दिन से ठेकेदार ने काम बंद किया हुआ है। कुछ लोग मोटरसाइकिल लेकर उसके पीछे काम रोकने को लगे रहते हैं। एक-दो दिन में मामले को सुलझाकर दोबारा काम शुरू करवाएंगे।
- डॉ. सतबीर सिंह, वीएलडीए, नगर निगम
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