{"_id":"5ab1707b4f1c1b8f778b69a4","slug":"41521578107-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरसों खरीद का मुआयना करने पहुंचे मंत्री किसानों की शिकायत पर बोले हां, हूं, करते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरसों खरीद का मुआयना करने पहुंचे मंत्री किसानों की शिकायत पर बोले हां, हूं, करते हैं
Updated Wed, 21 Mar 2018 02:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अनाज मंडी में सरसों खरीद का मुआयना करने पहुंचे जनस्वास्थ्य मंत्री ने केवल 7 मिनट में ही किसानों की समस्याएं सुन ली। मंत्री जी के सामने सरसों की दो ढेरियों की नमी को मापा गया। किसानों ने नमी को लेकर अपनी शिकायतें बताई तो मंत्री का जवाब हां, हूूं, करते हैं तक सीमित रहा।
सरसों खरीद की प्रक्रिया जांचने के लिए जन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने मिंगनी खेड़ा के किसान जगदीश की सरसों की ढेरी के पास जाकर नमी की जांच कराई। जगदीश ने अपनी शिकायत में कहा मंत्री जी सरकारी मशीन तो 13 प्रतिशत नमी बता रही है। प्राइवेट आढ़तियों की मशीन 6 बता रही है। मंत्री डॉ. बनवारीलाल ने कहा हां देखते हैं। मंत्री के सामने जांच में 12 प्रतिशत नमी पाई गई। इसके बाद किसान डाटा निवासी रामफल ने भी इसी तरह की शिकायत रखी। जिस पर मंत्री जी बोले हां, करते हैं। इसके बाद मंत्री जी मंडी से रवाना हो गए। मीडिया से बातचीत में उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने कहा कि हैफेड के मीटरों की जांच करवाएंगे।
आदमपुर, बरवाला में भी होगी खरीद
मीडिया से बातचीत में डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए हिसार, बास के अलावा आदमपुर, बरवाला की अनाज मंडियों में भी सरसों की खरीद की जाएगी। गिरदावरी की रिपोर्ट देने के लिए पटवारी को खरीद केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। किसान की 25 क्विंटल सरसों खरीद की सीमा को भी खत्म कर दिया है।
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सूबे सिंह जुगलान
आढ़ती अपनी मनमर्जी करते हैं। सरकार को सरसों बेचने में कई जगह चक्कर काटने पड़ते हैं। किसानों की तो कहीं भी सुनवाई नहीं होती। इस सरकार न किसाना की बिरानमाटी कर राखी सै। सरकारी दफ्तर की मशीन मै माहरी सरसम म्ह 12 प्रतिशत नमी सै अर प्राइवेेट मशीन 8 प्रतिशत नमी बतावै सै। हामनै तो प्राइवेट तक ए बचणी पडै़गी।
प्रदीप बोबुआ
सरकार नै बेच दयां पर चक्कर घणे काटणे पड़ैंगे। फेर रपिये खाता आण की बाट देखो। इसतै आच्छा तो प्राइवेट आले हाथों हाथ रपिये तो दे दै स। प्रदीप ने बताया कि सरकारी मशीन में हमारी सरसों की नमी 11.5 प्रतिशत आई है। व प्राईवेट मशीन में 8 प्रतिशत आई है। सरकार के अनुसार तो हमकों कई दिन और इंतजार करना पड़ेेगा। गांव डाटा निवासी रामफल ने कहा कि बैरा ना सरकारी मशीन खराब सै अक प्राइवेट आली खराब सै। मैं 25 क्विंटल सरसम लाया था। सरकारी आली ने 13 नमी बताई। प्राइवेट आली के चैक करवाया तो 6 बताई। इब ये सरसम खरीदते कौना। इब राम भी बरसण न होरया सै। नमी घटैगी क बैढेगी। मिंगनीखेडा के किसान जगदीश बोले 20 क्विंटल सरसम लाये थे। दो दिन तो हो लिए। ये सरकारी अफसर न्यू कहवैं से इबै आली सै। आड़े रोज कबूतर किमे सरसम खा ज्या सैं। म्हारी गैल तो रामजी अर सरकार दोनू पड़ रहे सै।
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हिसार।
अनाज मंडी में सरसों खरीद का मुआयना करने पहुंचे जनस्वास्थ्य मंत्री ने केवल 7 मिनट में ही किसानों की समस्याएं सुन ली। मंत्री जी के सामने सरसों की दो ढेरियों की नमी को मापा गया। किसानों ने नमी को लेकर अपनी शिकायतें बताई तो मंत्री का जवाब हां, हूूं, करते हैं तक सीमित रहा।
सरसों खरीद की प्रक्रिया जांचने के लिए जन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने मिंगनी खेड़ा के किसान जगदीश की सरसों की ढेरी के पास जाकर नमी की जांच कराई। जगदीश ने अपनी शिकायत में कहा मंत्री जी सरकारी मशीन तो 13 प्रतिशत नमी बता रही है। प्राइवेट आढ़तियों की मशीन 6 बता रही है। मंत्री डॉ. बनवारीलाल ने कहा हां देखते हैं। मंत्री के सामने जांच में 12 प्रतिशत नमी पाई गई। इसके बाद किसान डाटा निवासी रामफल ने भी इसी तरह की शिकायत रखी। जिस पर मंत्री जी बोले हां, करते हैं। इसके बाद मंत्री जी मंडी से रवाना हो गए। मीडिया से बातचीत में उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने कहा कि हैफेड के मीटरों की जांच करवाएंगे।
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आदमपुर, बरवाला में भी होगी खरीद
मीडिया से बातचीत में डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए हिसार, बास के अलावा आदमपुर, बरवाला की अनाज मंडियों में भी सरसों की खरीद की जाएगी। गिरदावरी की रिपोर्ट देने के लिए पटवारी को खरीद केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। किसान की 25 क्विंटल सरसों खरीद की सीमा को भी खत्म कर दिया है।
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सूबे सिंह जुगलान
आढ़ती अपनी मनमर्जी करते हैं। सरकार को सरसों बेचने में कई जगह चक्कर काटने पड़ते हैं। किसानों की तो कहीं भी सुनवाई नहीं होती। इस सरकार न किसाना की बिरानमाटी कर राखी सै। सरकारी दफ्तर की मशीन मै माहरी सरसम म्ह 12 प्रतिशत नमी सै अर प्राइवेेट मशीन 8 प्रतिशत नमी बतावै सै। हामनै तो प्राइवेट तक ए बचणी पडै़गी।
प्रदीप बोबुआ
सरकार नै बेच दयां पर चक्कर घणे काटणे पड़ैंगे। फेर रपिये खाता आण की बाट देखो। इसतै आच्छा तो प्राइवेट आले हाथों हाथ रपिये तो दे दै स। प्रदीप ने बताया कि सरकारी मशीन में हमारी सरसों की नमी 11.5 प्रतिशत आई है। व प्राईवेट मशीन में 8 प्रतिशत आई है। सरकार के अनुसार तो हमकों कई दिन और इंतजार करना पड़ेेगा। गांव डाटा निवासी रामफल ने कहा कि बैरा ना सरकारी मशीन खराब सै अक प्राइवेट आली खराब सै। मैं 25 क्विंटल सरसम लाया था। सरकारी आली ने 13 नमी बताई। प्राइवेट आली के चैक करवाया तो 6 बताई। इब ये सरसम खरीदते कौना। इब राम भी बरसण न होरया सै। नमी घटैगी क बैढेगी। मिंगनीखेडा के किसान जगदीश बोले 20 क्विंटल सरसम लाये थे। दो दिन तो हो लिए। ये सरकारी अफसर न्यू कहवैं से इबै आली सै। आड़े रोज कबूतर किमे सरसम खा ज्या सैं। म्हारी गैल तो रामजी अर सरकार दोनू पड़ रहे सै।