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जाट नेता बोले, यशपाल मलिक की नौ को उचाना नहीं करने देंगे सभा

Mon, 03 Jul 2017 12:44 AM IST
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:44 AM IST
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जाट नेता बोले, यशपाल मलिक की नौ को उचाना नहीं करने देंगे सभा
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
जाट धर्मशाला में रविवार को जाट समाज के लोगों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मूलचंद दहिया ने की। प्रदेशस्तरीय बैठक में खाप प्रधान, संघर्ष समितियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
मीटिंग में बैठक में निर्णय लिया गया कि यशपाल मलिक जिस भी जिले में भी बैठक करेंगे, सभी जाट संगठन, सभी समितियां, खापें मिलकर उनका विरोध करेंगी। उनसे सरकार द्वारा किए गए वादे, चंदे का हिसाब और अभी तक समाज के गणमान्य व्यक्तियों पर लगाए गए आरोपों का स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। बैठक में मौजूद जाट नेताओं ने कहा कि नौ जुलाई को जींद के उचाना में होने वाली यशपाल मलिक की सभा नहीं होने देंगे। अधिक से अधिक संख्या में समाज के लोग वहां पहुंचकर विरोध करेंगे।
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प्रदेश स्तर पर अलग से खड़ी की जाएगी समिति
बैठक में फैसला लिया गया कि प्रदेश स्तर पर अलग से समिति बनाई जाएगी, जिसमें जिला वाइज पदाधिकारी बनाए जाएंगे और सदस्यता दी जाएगी। इस समिति में कोई भी खाप और संगठन शामिल हो सकता है। किरमारा ने कहा कि चाहे तो यशपाल मलिक भी इसमें शामिल हो, लेकिन हम उसे न राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएंगे और न ही कोई उसे कोई पद देंगे।
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जींद ने वापस मंगवाया चंदा, मलिक के पास तीन जिलों का चंदा अभी भी
कृष्ण किरमारा ने बताया कि यशपाल मलिक के पास अभी भी तीन जिलों का एक करोड़ रुपये से अधिक चंदा है। इसमें रोहतक, झज्जर और सोनीपत शामिल हैं। वहां मोटा चंदा एकत्रित हुआ था। जींद जिले का भी चंदा पहले मलिक के पास था, लेकिन उन्होंने अपना चंदा वापस मांग लिया। इसका 30 लाख के लगभग चंदा था। झज्जर में चंदे को लेकर विवाद चल रहा है।
रामभगत का हो हुक्का-पानी बंद : किरमारा
किरामरा ने कहा कि मेरे बारे में जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वो एकदम निराधार हैं। रामभगत मलिक गलत बयानबाजी कर रहे हैं। उनका तो समाज में हुक्का-पानी बंद किया जाना चाहिए।
करेंगे सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन
समाज के नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने शीघ्र ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं धरने के दौरान जाट समाज द्वारा दिए गए पैसे को किसी भी अन्य संगठनों को न दिए जाने का निर्णय भी किया गया, ताकि पैसा सिर्फ जाट आरक्षण की गतिविधियों में ही लगाया जा सके। प्रस्ताव पारित किया गया कि 13 सितंबर को मय्यड़ में शांतिपूर्वक शहीदी दिवस मनाया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि जो नौजवान जेलों में बंद हैं, उनके केसों की पैरवी और आरक्षण से संबंधित हाईकोर्ट में पेंडिंग केस की पैरवी एक समिति ही करेगी।

यह रहे मौजूद
बैठक में मुख्य वक्ता के तौर पर रोहतक रेंज की खापों के संयोजक महेंद्र सिंह नांदल, कैथल से संघर्ष समिति प्रदेश सचिव भरत सिंह बैनीवाल, झज्जर के जिला प्रधान जोगेंद्र सिंह, सत्यवान नरवाल, फतेह सिंह डागर पूर्व आईएएस, दहिया खाप के प्रधान सोनीपत से सुरेंद्र दहिया, सरोह खाप के प्रधान रणधीर सिंह सरोह, दलाल खाप से हवासिंह दलाल, पंचग्रामी खाप के पदाधिकारी रामनिवास खेदड़, कादियान खाप के प्रधान किदार सिंह कादियान, रोहतक से हुड्डा खाप के प्रधान रामकरण हुड्डा, खाप प्रधान कश्मीर जाखड़, दलजीत पंघाल, रोहतक से धर्मपाल गहलोत, भिवानी से शेर सिंह रतेरा, जींद से संघर्ष समिति चांदरूप मलिक, विजय दीप पंघाल भगाना, सतरोल खाप, सुमेर सिंह कुंडू किनाला और रोघी सुमेर डाटा के पदाधिकारी मास्टर फूल कुमार, झाबर सिंह किरमारा मौजूद थे।

फोटो .....48 और 49
- जाट संघर्ष समितियां और खापें हुईं एकत्रित
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