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टायर बदल रहे ट्राला चालक व हेल्परों को टैंकर ने मारी टक्कर, एक की मौत, तीन घायल
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। ढंढूर गांव के पास हुई एक दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। भोजराज निवासी संदीप, आजाद व सत्यवान तथा डाबड़ा निवासी रामनिवास अपना ट्राला खानक से लोड करके ठसका की ओर जा रहे थे। ये सभी अपने ट्राले का टायर बदल रहे थे कि पीछे एक तेल टैंकर ने उनको टक्कर मार दी, जिसमें चारों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां चिकित्सकों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया, जबकि सत्यवान को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सदर थाना पुलिस ने गाड़ी चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक संदीप के चेचेरे भाई मोहन सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे चारों खानक से ट्राला लोड कर ठसका जा रहे थे। ढंढूर गांव के समीप ट्राले का टायर पंक्चर होने के कारण वे गाड़ी साइड में करके उसका टायर बदलने लगे। कुछ देर बाद पीछे से आ रहे तेल से भरे एक टैंकर चालक ने उनको टक्कर मार दी।
इकलौता बेटा था संदीप
मोहन सिंह का कहना है कि संदीप अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। संदीप की लगभग आठ साल पहले शादी हुई थी और उसका एक बेटा और एक बेटी हैं। इसके अलावा दो बहने हैं, जो शादीशुदा हैं। संदीप पहले खेती का काम करता था। दो महीने पहले ही गाड़ी पर हेल्पर के तौर पर काम करने लगा था।
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हिसार। ढंढूर गांव के पास हुई एक दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। भोजराज निवासी संदीप, आजाद व सत्यवान तथा डाबड़ा निवासी रामनिवास अपना ट्राला खानक से लोड करके ठसका की ओर जा रहे थे। ये सभी अपने ट्राले का टायर बदल रहे थे कि पीछे एक तेल टैंकर ने उनको टक्कर मार दी, जिसमें चारों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां चिकित्सकों ने संदीप को मृत घोषित कर दिया, जबकि सत्यवान को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सदर थाना पुलिस ने गाड़ी चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक संदीप के चेचेरे भाई मोहन सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे चारों खानक से ट्राला लोड कर ठसका जा रहे थे। ढंढूर गांव के समीप ट्राले का टायर पंक्चर होने के कारण वे गाड़ी साइड में करके उसका टायर बदलने लगे। कुछ देर बाद पीछे से आ रहे तेल से भरे एक टैंकर चालक ने उनको टक्कर मार दी।
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इकलौता बेटा था संदीप
मोहन सिंह का कहना है कि संदीप अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। संदीप की लगभग आठ साल पहले शादी हुई थी और उसका एक बेटा और एक बेटी हैं। इसके अलावा दो बहने हैं, जो शादीशुदा हैं। संदीप पहले खेती का काम करता था। दो महीने पहले ही गाड़ी पर हेल्पर के तौर पर काम करने लगा था।
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