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अब 96 घंटे में ठेकेदार को भरने होंगे सड़क के गड्ढे, नहीं तो होगा जुर्माना
Updated Mon, 16 Apr 2018 01:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हरपथ एप पर भेजी गई गड्ढों की शिकायत का अब 96 घंटे में समाधान करना होगा। अगर 96 घंटे में समाधान नहीं हुआ तो संबंधित एजेंसी या ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। ठेकेदार या एजेंसी से वसूली गई जुर्माना राशि शिकायतकर्ता को दी जाएगी। उच्चाधिकारियों तक यह शिकायतें पहुंची हैं कि अधिकारियों के संज्ञान में समस्या आने के बाद भी समाधान नहीं होता है। न ही ठेकेदार अपने कर्मचारियों को गड्ढे भरने भेजते हैं, जिसके बाद अब 96 घंटे यानी चार दिन का प्रावधान कर दिया गया है।
हिसार शहर में नगर निगम के पास हर रोज सड़कों के गड्ढों से संबंधित 15 से 20 शिकायतें आ रही हैं, जिसके बाद निगम के जेई या एमई मौके का मुुआयना करते हैं। उसके बाद सड़कों के गड्ढे भरवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। कुछ जगहों पर तारकोल डालकर, जबकि कुछ स्थानों पर सीमेंट के ब्लॉक लगाकर गड्ढों को भरते हैं।
समाधान नहीं करने के लिए बनाते हैं बहाने
एप पर आई शिकायतों का समाधान नहीं करने के लिए अधिकारी तरह-तरह के बहाने बनाते हैं। कभी शिकायत को किसी दूसरे विभाग से संबंधित बताकर टाल दिया जाता है तो कभी संपर्क नहीं होने की बात कहकर ही रिजेक्ट कर दिया जाता है।
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दिसंबर 2017 में हुई थी एप लांच
प्रदेश सरकार की ओर से सड़कों के गड्ढों की शिकायत करने के लिए दिसंबर 2017 में हरपथ एप लांच की गई है। सड़क के गड्ढे की फोटो खींचकर उसे इस एप पर अपलोड करना होता है। उसके बाद संबंधित नगर निगम, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर या मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी और इंजीनियर के पास शिकायत पहुंच जाएगी। उसके बाद शिकायत को संबंधित एरिया के जेई और अन्य कर्मचारियों तक भेजा जाएगा। फिर कर्मचारी मौके पर आकर गड्ढों को भरेंगे।
प्ले स्टोर से डाउनलोड कर भरना होगा नाम और मोबाइल नंबर
हरपथ एप को किसी भी एंड्रॉयड मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। एप डाउनलोड करके उसमें नाम और मोबाइल नंबर भरकर रजिस्टर करवाना होता है। उसके बाद सड़क के गड्ढे की फोटो खींचनी होती है। तीन ऑप्शन होंगे, जिसमें डैमेज रोड, एक्सीडेंट ब्लैकस्पॉट या अन्य लिखा होगा। एक ऑप्शन चुनना होगा। रिमार्क ऑप्शन में कोई टिप्पणी भी लिख सकते हैं। इसके बाद फोटो अपलोड करनी है।
केस नंबर एक
वार्ड नंबर दो के पार्षद प्रतिनिधि मुकेश बंसल ने बताया कि उन्होंने एप डाउनलोड की हुई है। कई गड्ढों की फोटो उन्होंने अपलोड की थी। एक-दो का तो समाधान हो गया, लेकिन बाकी गड्ढे नहीं भरे गए हैं। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड की सड़क के गड्ढों से संबंधित शिकायत दी थी। उस पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।
केस नंबर दो
व्यापारी जेडी महता ने बताया कि सिटी थाना रोड में भी कई गड्ढे बने हुए हैं। यह ऑटो मार्केट साइड से बाजार में आने के लिए मुख्य रास्ता है। इसलिए उन्होंने हरपथ एप के जरिये गड्ढों की फोटो भेजकर शिकायत की थी, मगर अभी तक तो गड्ढों को भरने कोई आया नहीं है।
केस नंबर तीन
सुंदर नगर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार बैनीवाल का कहना है कि सरकार ने एप तो लांच कर दी, लेकिन अधिकारी इसके प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने सुंदर नगर के गड्ढों की फोटो अपलोड की थी, लेकिन गड्ढों को संभालने कोई नहीं पहुंचा। फिर क्या फायदा ऐसी एप लांचिंग का।
हरपथ एप को लेकर गंभीरता से काम होगा। ठेकेदार के लिए 96 घंटे का समय तय किया जाएगा, जिससे समय अवधि में गड्ढों को भरा जा सके। हमारी कोशिश है कि सड़कों को लेकर लोगों को परेशानी न रहे। सड़क निर्माण में सरकार जबरदस्त काम रही है।
-विशाल सेठ, टेक्निकल एडवाइजर, मुख्यमंत्री
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हिसार।
हरपथ एप पर भेजी गई गड्ढों की शिकायत का अब 96 घंटे में समाधान करना होगा। अगर 96 घंटे में समाधान नहीं हुआ तो संबंधित एजेंसी या ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। ठेकेदार या एजेंसी से वसूली गई जुर्माना राशि शिकायतकर्ता को दी जाएगी। उच्चाधिकारियों तक यह शिकायतें पहुंची हैं कि अधिकारियों के संज्ञान में समस्या आने के बाद भी समाधान नहीं होता है। न ही ठेकेदार अपने कर्मचारियों को गड्ढे भरने भेजते हैं, जिसके बाद अब 96 घंटे यानी चार दिन का प्रावधान कर दिया गया है।
हिसार शहर में नगर निगम के पास हर रोज सड़कों के गड्ढों से संबंधित 15 से 20 शिकायतें आ रही हैं, जिसके बाद निगम के जेई या एमई मौके का मुुआयना करते हैं। उसके बाद सड़कों के गड्ढे भरवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। कुछ जगहों पर तारकोल डालकर, जबकि कुछ स्थानों पर सीमेंट के ब्लॉक लगाकर गड्ढों को भरते हैं।
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समाधान नहीं करने के लिए बनाते हैं बहाने
एप पर आई शिकायतों का समाधान नहीं करने के लिए अधिकारी तरह-तरह के बहाने बनाते हैं। कभी शिकायत को किसी दूसरे विभाग से संबंधित बताकर टाल दिया जाता है तो कभी संपर्क नहीं होने की बात कहकर ही रिजेक्ट कर दिया जाता है।
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दिसंबर 2017 में हुई थी एप लांच
प्रदेश सरकार की ओर से सड़कों के गड्ढों की शिकायत करने के लिए दिसंबर 2017 में हरपथ एप लांच की गई है। सड़क के गड्ढे की फोटो खींचकर उसे इस एप पर अपलोड करना होता है। उसके बाद संबंधित नगर निगम, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर या मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी और इंजीनियर के पास शिकायत पहुंच जाएगी। उसके बाद शिकायत को संबंधित एरिया के जेई और अन्य कर्मचारियों तक भेजा जाएगा। फिर कर्मचारी मौके पर आकर गड्ढों को भरेंगे।
प्ले स्टोर से डाउनलोड कर भरना होगा नाम और मोबाइल नंबर
हरपथ एप को किसी भी एंड्रॉयड मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। एप डाउनलोड करके उसमें नाम और मोबाइल नंबर भरकर रजिस्टर करवाना होता है। उसके बाद सड़क के गड्ढे की फोटो खींचनी होती है। तीन ऑप्शन होंगे, जिसमें डैमेज रोड, एक्सीडेंट ब्लैकस्पॉट या अन्य लिखा होगा। एक ऑप्शन चुनना होगा। रिमार्क ऑप्शन में कोई टिप्पणी भी लिख सकते हैं। इसके बाद फोटो अपलोड करनी है।
केस नंबर एक
वार्ड नंबर दो के पार्षद प्रतिनिधि मुकेश बंसल ने बताया कि उन्होंने एप डाउनलोड की हुई है। कई गड्ढों की फोटो उन्होंने अपलोड की थी। एक-दो का तो समाधान हो गया, लेकिन बाकी गड्ढे नहीं भरे गए हैं। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड की सड़क के गड्ढों से संबंधित शिकायत दी थी। उस पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।
केस नंबर दो
व्यापारी जेडी महता ने बताया कि सिटी थाना रोड में भी कई गड्ढे बने हुए हैं। यह ऑटो मार्केट साइड से बाजार में आने के लिए मुख्य रास्ता है। इसलिए उन्होंने हरपथ एप के जरिये गड्ढों की फोटो भेजकर शिकायत की थी, मगर अभी तक तो गड्ढों को भरने कोई आया नहीं है।
केस नंबर तीन
सुंदर नगर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार बैनीवाल का कहना है कि सरकार ने एप तो लांच कर दी, लेकिन अधिकारी इसके प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने सुंदर नगर के गड्ढों की फोटो अपलोड की थी, लेकिन गड्ढों को संभालने कोई नहीं पहुंचा। फिर क्या फायदा ऐसी एप लांचिंग का।
हरपथ एप को लेकर गंभीरता से काम होगा। ठेकेदार के लिए 96 घंटे का समय तय किया जाएगा, जिससे समय अवधि में गड्ढों को भरा जा सके। हमारी कोशिश है कि सड़कों को लेकर लोगों को परेशानी न रहे। सड़क निर्माण में सरकार जबरदस्त काम रही है।
-विशाल सेठ, टेक्निकल एडवाइजर, मुख्यमंत्री