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प्रदर्शनकारियों के समक्ष रजिस्ट्रार ने स्वीकारी अपनी गलती
Updated Tue, 25 Jul 2017 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के हरियाणा में दाखिलों में धांधली मामले में एससी-बीसी संगठनों ने छात्रों के साथ मिलकर विरोध-प्रदर्शन किया और कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान एससी-बीसी के संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मधुबन पार्क में एकत्रित हुए और बाद में प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई एचएयू के कुलपति और कुलसचिव को उनकी असंवैधानिक कार्यप्रणाली को देखते हुए तुरंत प्रभाव से हटाया जाना चाहिए। विवि के आदेश रद्द कर मुख्य सचिव हरियाणा के 25-6-97 के निर्देशानुसार सभी दाखिले दोबारा किए जाने चाहिए। इस दौरान स्वयं रजिस्ट्रार ने प्रदर्शनकारियों से समक्ष आकर विश्वविद्यालय की गलती स्वीकार की। इसके बाद रजिस्ट्रार और एचएयू के अधिकारियों ने प्रतिनिधि, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल, बिजेंद्र सब्रवाल, जोगी राम खुड़िया, उदय भान चोपड़ा, इंद्राज भारती, खुशी राम, कर्नल ओमप्रकाश, मिया ने बैठकर सभी मांगें रजिस्ट्रार के समक्ष रखीं, जिन पर अधिकारियों ने एक हफ्ते के भीतर सभी मांगें पूरा करने वादा किया।
यह है मामला
राज्यपाल के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया कि एचएयू में इस वर्ष विभिन्न कोर्स किए जा रहे हैं। काउंसिलिंग के दौरान विश्वविद्यालय ने 13 जुलाई को दिए प्रॉस्पेक्टस में संशोधन करते हुए मुख्य सचिव के दिनांक 25-6-1997 के निर्देशों के विपरीत जाकर मेरिट में सामान्य श्रेणी से ऊपर आए अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के दाखिलों पर रोक लगा दी है और सामान्य श्रेणी की सीटों को पूरी तरह से सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
एचएयू कुलपति, कुलसचिव को हटाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने साथ ही पिछड़ा वर्ग के लिए क्रीमीलेयर बाबत, इनकम प्रमाण पत्र मांगने पर ऐतराज जताया है। इस पर भी एचएयू अथॉरिटी ने ऐसा ना करने का वादा किया। प्रदर्शनकारियों ने एचएयू कुलपति, कुलसचिव को हटाने की मांग की। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल, कृष्ण गंगवा पार्षद, डॉ. दलबीर भारती, उदयभान चोपड़ा, डॉ. कुलवंत जागंड़ा, सुरेश एमसी नारनौंद, डॉ. लखी राम रामनिवास, मास्टर देशराज, जोगी राम खुड़िया प्रधान आदि मौजूद थे।
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फोटो 54, 57
प्रदर्शनकारियों के समक्ष रजिस्ट्रार ने स्वीकारी अपनी गलती
- एससी-बीसी संगठनों, छात्रों ने दाखिलों में धांधली के मामले में एचएयू में किया प्रदर्शन
- अधिकारियों ने एक सप्ताह में सभी मांगें पूरा करने का वादा किया
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हिसार।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के हरियाणा में दाखिलों में धांधली मामले में एससी-बीसी संगठनों ने छात्रों के साथ मिलकर विरोध-प्रदर्शन किया और कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान एससी-बीसी के संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मधुबन पार्क में एकत्रित हुए और बाद में प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई एचएयू के कुलपति और कुलसचिव को उनकी असंवैधानिक कार्यप्रणाली को देखते हुए तुरंत प्रभाव से हटाया जाना चाहिए। विवि के आदेश रद्द कर मुख्य सचिव हरियाणा के 25-6-97 के निर्देशानुसार सभी दाखिले दोबारा किए जाने चाहिए। इस दौरान स्वयं रजिस्ट्रार ने प्रदर्शनकारियों से समक्ष आकर विश्वविद्यालय की गलती स्वीकार की। इसके बाद रजिस्ट्रार और एचएयू के अधिकारियों ने प्रतिनिधि, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल, बिजेंद्र सब्रवाल, जोगी राम खुड़िया, उदय भान चोपड़ा, इंद्राज भारती, खुशी राम, कर्नल ओमप्रकाश, मिया ने बैठकर सभी मांगें रजिस्ट्रार के समक्ष रखीं, जिन पर अधिकारियों ने एक हफ्ते के भीतर सभी मांगें पूरा करने वादा किया।
यह है मामला
राज्यपाल के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया कि एचएयू में इस वर्ष विभिन्न कोर्स किए जा रहे हैं। काउंसिलिंग के दौरान विश्वविद्यालय ने 13 जुलाई को दिए प्रॉस्पेक्टस में संशोधन करते हुए मुख्य सचिव के दिनांक 25-6-1997 के निर्देशों के विपरीत जाकर मेरिट में सामान्य श्रेणी से ऊपर आए अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के दाखिलों पर रोक लगा दी है और सामान्य श्रेणी की सीटों को पूरी तरह से सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
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एचएयू कुलपति, कुलसचिव को हटाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने साथ ही पिछड़ा वर्ग के लिए क्रीमीलेयर बाबत, इनकम प्रमाण पत्र मांगने पर ऐतराज जताया है। इस पर भी एचएयू अथॉरिटी ने ऐसा ना करने का वादा किया। प्रदर्शनकारियों ने एचएयू कुलपति, कुलसचिव को हटाने की मांग की। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल, कृष्ण गंगवा पार्षद, डॉ. दलबीर भारती, उदयभान चोपड़ा, डॉ. कुलवंत जागंड़ा, सुरेश एमसी नारनौंद, डॉ. लखी राम रामनिवास, मास्टर देशराज, जोगी राम खुड़िया प्रधान आदि मौजूद थे।
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प्रदर्शनकारियों के समक्ष रजिस्ट्रार ने स्वीकारी अपनी गलती
- एससी-बीसी संगठनों, छात्रों ने दाखिलों में धांधली के मामले में एचएयू में किया प्रदर्शन
- अधिकारियों ने एक सप्ताह में सभी मांगें पूरा करने का वादा किया