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बस क्यू शेल्टर से भिड़ा कैंटर, तीन युवकों की मौत
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अग्रोहा (हिसार)। हिसार-सिरसा राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेडिकल कॉलेज अग्रोहा से करीब तीन किलोमीटर दूर भोडा होशनाक गांव के समीप एक कैंटर अनियंत्रित होकर बस क्यू शेल्टर से टकरा गया। इस दुर्घटना में कैंटर में सवार तीनों युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में उनका पोस्टमार्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार मीरपुर निवासी 24 वर्षीय सोनू, 25 वर्षीय सोमबीर व 24 वर्षीय नवीन अपने गांव से भोडा होशनाक गांव के खेतों से तूड़ी लेने जा रहे थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे जब वे भोडा होशनाक गांव के समीप पहुंचे और कैंटर को मोड़ने लगे तो अचानक कैंटर अनियंत्रित होकर बस क्यू शेल्टर में जा लगा। बताया जा रहा है कि कैंटर की गति तेज थी और तेज गति में मोड़ते समय वह अनियंत्रित होकर सामने बने बस क्यू शेल्टर में जा घुसा। शेल्टर की ऊपर की दीवार ने कैंटर के केबिन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसमें तीनों युवक सवार थे। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। उन्होंने कैंटर की खिड़कियां तोड़कर घायलों को बाहर निकाला और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
कैंटर की खिड़की को तोड़कर निकालना पड़ा बाहर
हादसा इतना दर्दनाक था कि कैंटर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था और घायल उसमें फंसे हुए थे। तीनों को निकालने के लिए मौजूद लोगों ने कैंटर की खिड़की को रॉड व अन्य औजारों से तोड़ना पड़ा। तीनों को बाहर निकाला गया और प्राइवेट गाड़ियों व एंबुलेंस से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। सोमबीर की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि नवीन और सोनू ने भी अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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तीनों करते थे मजदूरी
मृतक तीनों गरीब परिवार से संबंध रखते थे और मजदूरी करके पेट पाल रहे थे। सोमबीर के तीन बच्चे हैं, जिनमें 5 व 3 साल की दो बेटियां और चार महीने का एक बेटा शामिल हैं। उसका एक भाई है, जो मेडिकल कॉलेज में ड्राइवर है। मृतक सोनू शादीशुदा था। तीन भाइयों में एक उससे बड़ा और दूसरा उससे छोटा है और वे दोनों भी मजदूरी करते हैं। मृतक नवीन अभी अविवाहित था। ग्रामीणों के अनुसार सोमबीर के दादा बलदेव की पांच दिन पहले ही मौत हुई थी।
एकसाथ जलीं तीनों की चिताएं
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने तीनों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए। गांव में तीनों के शव पहुंचते ही मातम पसर गया। तीनों का गांव के श्मशानघाट में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरा गांव उमड़ पड़ा और गमगीन परिजनों को ढांढस बंधाता नजर आया। पूरे गांव में शाम तक किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला।
भोडा होशनाक निवासी सतीश के बयान पर मामले में इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिए गए हैं। सतीश ने बयान में बताया कि एक कैंटर सुबह अग्रोहा की तरफ से आ रहा था। जब कैंटर यू टर्न लेने लगा तो अनियंत्रित होकर भोडा होशनाक गांव में राजमार्ग के बीच में बने कट के सामने स्थित बस क्यू शेल्टर में घुस गया।
- रामेश्वर दयाल, जांच अधिकारी, बड़ोपल चौकी पुलिस।
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जानकारी के अनुसार मीरपुर निवासी 24 वर्षीय सोनू, 25 वर्षीय सोमबीर व 24 वर्षीय नवीन अपने गांव से भोडा होशनाक गांव के खेतों से तूड़ी लेने जा रहे थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे जब वे भोडा होशनाक गांव के समीप पहुंचे और कैंटर को मोड़ने लगे तो अचानक कैंटर अनियंत्रित होकर बस क्यू शेल्टर में जा लगा। बताया जा रहा है कि कैंटर की गति तेज थी और तेज गति में मोड़ते समय वह अनियंत्रित होकर सामने बने बस क्यू शेल्टर में जा घुसा। शेल्टर की ऊपर की दीवार ने कैंटर के केबिन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसमें तीनों युवक सवार थे। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। उन्होंने कैंटर की खिड़कियां तोड़कर घायलों को बाहर निकाला और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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कैंटर की खिड़की को तोड़कर निकालना पड़ा बाहर
हादसा इतना दर्दनाक था कि कैंटर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था और घायल उसमें फंसे हुए थे। तीनों को निकालने के लिए मौजूद लोगों ने कैंटर की खिड़की को रॉड व अन्य औजारों से तोड़ना पड़ा। तीनों को बाहर निकाला गया और प्राइवेट गाड़ियों व एंबुलेंस से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। सोमबीर की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि नवीन और सोनू ने भी अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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तीनों करते थे मजदूरी
मृतक तीनों गरीब परिवार से संबंध रखते थे और मजदूरी करके पेट पाल रहे थे। सोमबीर के तीन बच्चे हैं, जिनमें 5 व 3 साल की दो बेटियां और चार महीने का एक बेटा शामिल हैं। उसका एक भाई है, जो मेडिकल कॉलेज में ड्राइवर है। मृतक सोनू शादीशुदा था। तीन भाइयों में एक उससे बड़ा और दूसरा उससे छोटा है और वे दोनों भी मजदूरी करते हैं। मृतक नवीन अभी अविवाहित था। ग्रामीणों के अनुसार सोमबीर के दादा बलदेव की पांच दिन पहले ही मौत हुई थी।
एकसाथ जलीं तीनों की चिताएं
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने तीनों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए। गांव में तीनों के शव पहुंचते ही मातम पसर गया। तीनों का गांव के श्मशानघाट में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरा गांव उमड़ पड़ा और गमगीन परिजनों को ढांढस बंधाता नजर आया। पूरे गांव में शाम तक किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला।
भोडा होशनाक निवासी सतीश के बयान पर मामले में इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिए गए हैं। सतीश ने बयान में बताया कि एक कैंटर सुबह अग्रोहा की तरफ से आ रहा था। जब कैंटर यू टर्न लेने लगा तो अनियंत्रित होकर भोडा होशनाक गांव में राजमार्ग के बीच में बने कट के सामने स्थित बस क्यू शेल्टर में घुस गया।
- रामेश्वर दयाल, जांच अधिकारी, बड़ोपल चौकी पुलिस।