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ओरल सर्जन के अभाव में 15 मरीजों के अटके ऑपरेशन, जबड़ों तक फैला ब्लैक फंगस

Tue, 01 Jun 2021 01:04 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 01:04 AM IST
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15 black fungus patienst operation Hold, because medical college has not oral surgen
हिसार। जिले के कोविड-19 घोषित अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ओरल सर्जन के न होने से ब्लैक फंगस संक्रमण यानी म्यूकरमाइकोसिस के करीब 15 मरीजों के जबड़े के ऑपरेशन अटके हुए हैं, जो 2 दिन से नहीं हो पा रहे। इन ब्लैक फंगस के मरीजों में आंख एवं नाक के बाद फंगस का संक्रमण जबड़े तक जा पहुंचा है।
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ऐसे में फंगस को रोकने के लिए मरीजों के जबड़े का ऑपरेशन होना बहुत जरूरी है। वरना फंगस जबड़े से हड्डियों तक पहुंच सकता है, जिस कारण मरीज की मौत होने की आशंका भी है। इसे देखते हुए चिकित्सकों द्वारा मरीजों को रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा था, लेकिन उन्होंने भी दाखिल करने से मना कर दिया। मरीजों की इंजेक्शन लगाए जाने का इंतजार है। तब तक सरकार या मेडिकल कॉलेज प्रबंधन मरीजों के ऑपरेशन के लिए चिकित्सक का प्रबंध करें। इस बारे में मरीजों से बातचीत की गई तो बोले कि रविवार को 2 इंजेक्शन लगे थे। अब सोमवार को कोई भी इंजेक्शन नहीं लगा है। इस समय सरकार को भी मदद करनी चाहिए। मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में दवा और इंजेक्शन दोनों नहीं हैं। इसलिए मरीजों को गोली देनी पड़ती है। इस गोली का एक पत्ता 6 हजार रुपये का मिलता है, जो बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
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सरकार भी मेडिकल कॉलेज से बार-बार मरीजों की संख्या और उनके लिए इंजेक्शन और दवा की खपत की रिपोर्ट मांग रही है, लेकिन अभी तक दवा नहीं पहुंची है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा उच्च अधिकारियों और सरकार को भी अवगत करवा दिया है। इसके अलावा जिले के दो ओरल सर्जन को भी सहयोग के लिए मांग भेजी है, जिनसे उम्मीदें बढ़ी है।
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यह बोले मरीज व उनके परिजन
फिलहाल अस्पताल में मेरी जान पहचान के सिरसा से दो और एक रनिया निवासी कुल 3 मरीज दाखिल हैं। तीनों को ब्लैक फंगस की शिकायत है। इनमें से 2 को फंगस जबड़ों तक पहुंच गया है। यहां पर चिकित्सक नहीं है तो ऑपरेशन भी नहीं हुआ है। इसलिए संक्रमण फैल रहा है। ऐसे में सोमवार को मरीजों को संक्रमण से बचाव के लिए इंजेक्शन भी नहीं लगे हैं। इस वजह से मरीजों को गोली देनी पड़ती है, जो बाहर से खरीदनी पड़ी। इस गोली का पत्ता बाजार में 6000 रुपये में मिलता है।
-बूटासिंह, रानियां निवासी।
हमारे मरीज की भी हालत बिगड़ती जा रही है। चिकित्सक भी रेफर नहीं कर रहे हैं। पता चला है कि रोहतक वालों ने भी दाखिल करने से मना कर दिया है। यहां पर चिकित्सक नहीं है। इसलिए 2 दिन से मरीज का झगड़े का ऑपरेशन नहीं हुआ है। सोमवार को इंजेक्शन भी नहीं लगी है। यदि ऑपरेशन नहीं हुआ तो मरीज की जान जा सकती हैं।
- मरीज के तीमारदार, सिरसा निवासी।
समाज सेवा के लिए तैयार हूं
जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत ओरल सर्जन डॉक्टर बंसीलाल बेनीवाल का कहना है कि ड्यूटी लगाना प्रशासन का काम है। यदि प्रशासन द्वारा उनकी ड्यूटी मेडिकल कॉलेज में लगाई जाती है तो वह समाज सेवा के लिए तैयार हैं। डॉ. बेनीवाल सरकारी सुविधाओं में इकलौते ओरल सर्जन हैं। इससे पहले भी इन्होंने पिछले साल कोरोना काल में अहम भूमिका निभाई थी।
नहीं कर रहे रेफर
चिकित्सकों का कहना है कि हमने अपनी तरफ से मरीजों को रेफर किया, पर मरीज जाने को तैयार नहीं है। अभी तक यहां से कोई मरीज नहीं गया है। दूसरी ओर मरीजों का कहना है कि यहां से चिकित्सक रेफर नहीं कर रहे। रोहतक पीजीआई वालों ने दाखिल करने से मना कर दिया है। मरीजों ने आंख रोग विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण रेवाड़ी की सराहना की कहा कि हमें ऐसे दौर में भी सहयोग कर रहे हैं।
हमारे पास ओरल सर्जन नहीं है
फिलहाल 15 ऐसे मरीज हैं, जिनके जबड़ों के ऑपरेशन होने हैं। मगर हमारे पास ओरल सर्जन नहीं है, जिस कारण नहीं हो पा रहे। इस बारे में हमने सरकार और उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवा दिया है। इसके लिए हमने जिले के दो ओरल सर्जन को भी सहयोग के लिए संपर्क किया है। दवा का भंडारण खत्म हो गया है। हमने मांग भेजी है और सरकार भी बार-बार स्थिति के बारे में रिपोर्ट ले रही है उम्मीद है कि जल्दी दब आएगी।

- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा, हिसार।
ब्लैक फंगस के 13 नए मामले पहुंचे, 5 मरीजों की मौत
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में सोमवार को ब्लैक फंगस के 13 नए मामले पहुंचे। कुल मरीजों का आंकड़ा 153 हो गया है। इसके अलावा सोमवार को ब्लैक फंगस के कारण 5 मरीजों की मौत हो गई। अब ब्लैक फंगस से होने वाली मौत का आंकड़ा 33 हो गया है। फिलहाल 79 मरीज दाखिल हैं। 2 दिन बाद फिर मेडिकल कॉलेज में म्यूकरमाइकोसिस इलाज में कारगर दवा का भंडारण खत्म हो गया है। सोमवार को आंख रोग एवं दंत रोग विभाग के चिकित्सकों ने 13 मरीजों के ऑपरेशन किए।
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