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रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर पुलिस ने दिनभर की संदिग्धों से पूछताछ
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सतलोक आश्रम प्रकरण में वीरवार को रामपाल की कोर्ट सुनवाई के दौरान बस स्टैंड पर तैनात पुलिस के जवानों ने दिनभर संदिग्धों से पूछताछ की। पुलिस ने लोकल बस स्टैंड के पिछले गेट से किसी भी निजी वाहन को अंदर नहीं जाने दिया। पुलिस की टीम ने बस स्टैंड के दोनों गेट पर चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस बस स्टैंड पर व बूूथों की पर भी गश्त करती रही। बस स्टैंड पर पुलिस की दो टुकड़ी तैनात रही। साथ ही किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आंसू गैस छोड़ने वाली गाड़ी भी बस स्टैंड पर खड़ी रही। पुलिस ने बस स्टैंड पर आने वाली वाली हर सवारी पर कड़ी नजर रखी।
बस स्टैंड के अंदर यात्रियों की संख्या आम दिनों की अपेक्षा काफी कम रही। हालांकि उन्हें बसों की दिक्कतें तो नहीं हुई, लेकिन पुलिस की बार-बार की चेकिंग को उन्हें झेलना पड़ा। न केवल बस स्टैंड के अंदर, बल्कि शहर के बाहर चौक-चौराहों पर नाकों पर तैनात पुलिस स्टाफ ने शहर की ओर आने वाली बसों की गहनता से जांच की। बसों के अंदर जा-जाकर सामान को चेक किया गया और संदिग्धों के आई कार्ड भी चेक किए गए। पुलिस ने सेक्टर-3 के पास नाके पर, जिंदल चौक, सिरसा बाईपास, मलिक चौक, पृथ्वीराज चौहान चौक, राजगढ़ रोड, बगला रोड, बरवाला रोड आदि चौक पर लगे नाकों पर पुलिस ने प्राइवेट यात्री वाहनों, बसों समेत कई पर्सनल गाड़ियों की भी चेकिंग की।
बस स्टैंड पर सामान्य रहे हालात
पुुलिस की टीम बस स्टैंड पर तैनात रही। पूरी तरह से कानून व्यवस्था बनाई रखी। संदिग्ध व्यक्तियों से पुलिस ने पूूछताछ भी की है। रोडवेज की सभी बसेें समयानुसार चलाई गई। व भविष्य में भी सवारियों को किसी प्रकार की परेेेशानी नहीं आने दी जाएगी
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- खूबीराम कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक हिसार।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से ज्यादा नजर आई पुलिस
हिसार रेलवे स्टेशन जो कभी रामपाल समर्थकों से भरा रहता था, वीरवार को रामपाल की सुनवाई के दिन वहां सन्नाटा पसरा रहा। स्टेशन पर आम दिनों की तरह वीरवार को करीब 80 प्रतिशत यात्री कम दिखाई दिए। स्टेशन पर यात्री कम व पुलिस के जवान ज्यादा नजर आ रहे थे। स्टेशन पर कोई ट्रेन रद्द नहीं थी, लेकिन यात्रियों की संख्या बेहद कम थी। सीआरपीएफ, आरपीएफ व जीआरपी, आरएफ के जवान रेलवे स्टेशन पर कड़ा पहरा देते रहे। आरपीएफ के अधिकारियों ने भी स्टेशन का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस ने स्टेशन पर आने वाले हर यात्री पर पैनी नजर रखी। रेलवे स्टेशन के दोनों एंट्री गेट पर यात्रियों की चेकिंग भी की गई।
नियमित चली सभी गाड़ियां
हिसार आवागमन करने वाली कोई भी गाड़ी रद्द नहीं थी। सभी गाड़ी नियमित रूप से चली हैं। अन्य दिनों की तुलना में वीरवार को यात्री बहुत ही कम दिखाई दिए। स्टेशन पर तैनात पुलिस के जवानों ने पूरी तरह सुरक्षा व्यवस्था बनाई रखी।
- महेंद्रपाल चुघ, रेलवे स्टेशन अधीक्षक।
नागरिक अस्पताल में खाली करवाए बेड
किसी भी प्रकार की घटना की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने सामान्य अस्पताल के बेड खाली करवा लिए थे। हालांकि ऐसी कोई नौबत नहीं आई, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा किसी भी आपात स्थिति से निपटाने के लिए पूरी तैयारियां की गई थीं। रामपाल के समर्थकों को हिसार में न आने के कारण शहर का माहौल सामान्य रहा।
यह सरासर अन्याय है। हमारी ओर से पूरे सबूत दिए गए थे। मृतकों के परिवार वालों ने भी एफिडेविट दिए थे, इसके बावजूद हमारी नहीं सुनी गई। आज पीएलए में पेट्रोल डलवाते समय मुझे भी उठा लिया गया। हमारा कसूर इतना है कि हम रामपाल के समर्थक हैं।
- राजेश सिवानी, रामपाल अनुयायी।
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हिसार। सतलोक आश्रम प्रकरण में वीरवार को रामपाल की कोर्ट सुनवाई के दौरान बस स्टैंड पर तैनात पुलिस के जवानों ने दिनभर संदिग्धों से पूछताछ की। पुलिस ने लोकल बस स्टैंड के पिछले गेट से किसी भी निजी वाहन को अंदर नहीं जाने दिया। पुलिस की टीम ने बस स्टैंड के दोनों गेट पर चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस बस स्टैंड पर व बूूथों की पर भी गश्त करती रही। बस स्टैंड पर पुलिस की दो टुकड़ी तैनात रही। साथ ही किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आंसू गैस छोड़ने वाली गाड़ी भी बस स्टैंड पर खड़ी रही। पुलिस ने बस स्टैंड पर आने वाली वाली हर सवारी पर कड़ी नजर रखी।
बस स्टैंड के अंदर यात्रियों की संख्या आम दिनों की अपेक्षा काफी कम रही। हालांकि उन्हें बसों की दिक्कतें तो नहीं हुई, लेकिन पुलिस की बार-बार की चेकिंग को उन्हें झेलना पड़ा। न केवल बस स्टैंड के अंदर, बल्कि शहर के बाहर चौक-चौराहों पर नाकों पर तैनात पुलिस स्टाफ ने शहर की ओर आने वाली बसों की गहनता से जांच की। बसों के अंदर जा-जाकर सामान को चेक किया गया और संदिग्धों के आई कार्ड भी चेक किए गए। पुलिस ने सेक्टर-3 के पास नाके पर, जिंदल चौक, सिरसा बाईपास, मलिक चौक, पृथ्वीराज चौहान चौक, राजगढ़ रोड, बगला रोड, बरवाला रोड आदि चौक पर लगे नाकों पर पुलिस ने प्राइवेट यात्री वाहनों, बसों समेत कई पर्सनल गाड़ियों की भी चेकिंग की।
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बस स्टैंड पर सामान्य रहे हालात
पुुलिस की टीम बस स्टैंड पर तैनात रही। पूरी तरह से कानून व्यवस्था बनाई रखी। संदिग्ध व्यक्तियों से पुलिस ने पूूछताछ भी की है। रोडवेज की सभी बसेें समयानुसार चलाई गई। व भविष्य में भी सवारियों को किसी प्रकार की परेेेशानी नहीं आने दी जाएगी
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- खूबीराम कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक हिसार।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से ज्यादा नजर आई पुलिस
हिसार रेलवे स्टेशन जो कभी रामपाल समर्थकों से भरा रहता था, वीरवार को रामपाल की सुनवाई के दिन वहां सन्नाटा पसरा रहा। स्टेशन पर आम दिनों की तरह वीरवार को करीब 80 प्रतिशत यात्री कम दिखाई दिए। स्टेशन पर यात्री कम व पुलिस के जवान ज्यादा नजर आ रहे थे। स्टेशन पर कोई ट्रेन रद्द नहीं थी, लेकिन यात्रियों की संख्या बेहद कम थी। सीआरपीएफ, आरपीएफ व जीआरपी, आरएफ के जवान रेलवे स्टेशन पर कड़ा पहरा देते रहे। आरपीएफ के अधिकारियों ने भी स्टेशन का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस ने स्टेशन पर आने वाले हर यात्री पर पैनी नजर रखी। रेलवे स्टेशन के दोनों एंट्री गेट पर यात्रियों की चेकिंग भी की गई।
नियमित चली सभी गाड़ियां
हिसार आवागमन करने वाली कोई भी गाड़ी रद्द नहीं थी। सभी गाड़ी नियमित रूप से चली हैं। अन्य दिनों की तुलना में वीरवार को यात्री बहुत ही कम दिखाई दिए। स्टेशन पर तैनात पुलिस के जवानों ने पूरी तरह सुरक्षा व्यवस्था बनाई रखी।
- महेंद्रपाल चुघ, रेलवे स्टेशन अधीक्षक।
नागरिक अस्पताल में खाली करवाए बेड
किसी भी प्रकार की घटना की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने सामान्य अस्पताल के बेड खाली करवा लिए थे। हालांकि ऐसी कोई नौबत नहीं आई, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा किसी भी आपात स्थिति से निपटाने के लिए पूरी तैयारियां की गई थीं। रामपाल के समर्थकों को हिसार में न आने के कारण शहर का माहौल सामान्य रहा।
यह सरासर अन्याय है। हमारी ओर से पूरे सबूत दिए गए थे। मृतकों के परिवार वालों ने भी एफिडेविट दिए थे, इसके बावजूद हमारी नहीं सुनी गई। आज पीएलए में पेट्रोल डलवाते समय मुझे भी उठा लिया गया। हमारा कसूर इतना है कि हम रामपाल के समर्थक हैं।
- राजेश सिवानी, रामपाल अनुयायी।