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16 साल से नागरिक अस्पताल की
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नागरिक अस्पताल की 81 कनाल 18 मरने जमीन पर 153 लोगों ने करीब अढ़ाई दशक से भी अधिक समय से अवैध कब्जा किया हुआ है। इसको लेकर 2002 में कोर्ट फैसला भी सुना चुका है। पिछले 16 साल में इन कब्जों को हटाने के बारे में प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाए।
आरटीआई कार्यकर्त्ता अनिल महला ने स्वास्थ्य विभाग में आरटीआई लगाई थी। आरटीआई के जवाब में स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि सिविल अस्पताल की 81 कनाल 18 करने भूमि पर 153 लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। ये कब्जे भी आज से नहीं अपितु करीब 1995 में होने आरंभ हो गए थे। ये लगातार बढ़ते गए। आज अस्पताल की जमीन पर 153 परिवारों ने कब्जा किया हुआ है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एसडीएम कोर्ट में गया। एसडीएम कोर्ट ने सरकार के हक में फैसला सुनाया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने प्रशासन से कई बार इन अवैध कब्जों को हटाने को लेकर गुहार लगाई। आज तक ये अवैध कब्जे नहीं हट पाए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी प्रशासन को साफ तौर पर कह चुके हैं कि इन अवैध कब्जों को हटाना बहुत जरूरी है। शायद अभी तक प्रशासन की नींद नहीं खुली है। प्रशासन को ये अवैध कब्जे दिखाई नहीं दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की नींद कब खुलती है और इन अवैध कब्जों को कब हटाया जाता है।
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नागरिक अस्पताल की जमीन पर कब्जा कर पूरी कालोनी बस गई। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्वास्थ्य विभाग इस जमीन को कब्जे से छुड़ाकर यहां भवन बना सकता है।
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नागरिक अस्पताल की जमीन पर 1996 से कब्जा हुआ । 1996 से वर्ष 2018 तक नागरिक अस्पताल में 32 पीएमओ बदले हैं। फिलहाल डॉ. दयानंद हिसार नागरिक अस्पताल के पीएमओ हैं।
नागरिक अस्पताल प्रशासन ने आरटीआई के जरिए दी सूचना में बताया कि उन्होंने कब्जा हटवाने के लिए एसडीएम की अदालत में पीपी एक्ट के तहत केस दायर किया था। जो 1996 में दायर किया गया था। उसके बाद की कार्रवाई की जानकारी स्वास्थ्य विभाग नहीं दे सका।