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ऑयल मिल में विस्फोट का मामला
Updated Wed, 08 Nov 2017 12:38 AM IST
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अमर उजाला
उकलाना मंडी।
आशीष एग्रो आयल मिल में रविवार को हुए हादसे की जांच के लिए मंगलवार को औद्योगिक सुरक्षा एवं श्रम विभाग के उपनिदेशक सुनील खुराना के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने निरीक्षण के दौरान टैंक नंबर दो से धुआं निकलते हुए देखा। हादसे के 60 घंटे बाद भी मिल में आग धधक रही थी। जांच टीम के सामने अग्निशमन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई। मामले की सूचना उन्होंने तुरंत दमकल को दी। मौके पर ही उकलाना थाना प्रभारी संदीप कुमार पहुंचे। दमकल की गाड़ी ने पहुंचकर आग बुझाई। वहीं पुलिस ने मंगलवार को मिली के तीन मालिकों आशीष, सुरेंद्र और कृष्ण के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
हादसे वाले दिन करीब आठ घंटे बाद आग पर काबू पाया गया था। टोहाना, नरवाना, बरवाला और हिसार से पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया था। मगर दमकल की टीम ने यह सुनिश्चित नहीं किया कि आग पूरी तरह से बुझ गई है। इससे पूर्व फायर ऑफिसर ताराचंद भी घटनास्थल पर पहुंचे और सुरक्षा यंत्रों का जायजा लिया। ताराचंद ने बताया कि इस फैक्ट्री के पास इस वर्ष का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं था, इसे गैर कानूनी ढंग से चलाया गया था।
टीम ने करवाई फोटोग्राफी
दोपहर को पहुंची टीम करीब दो घंटे तक मिल में रही। टीम में औद्योगिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं श्रम विभाग के उपनिदेशक सुनील खुराना, सहायक निदेशक (रसायन) सुनील कुमार नंदा, सहायक निदेशक (सामान्य) विवेक बतरा, डॉ. हरेंद्र मान थे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने हर कोने की फोटोग्राफी भी की।
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उकलाना मंडी।
आशीष एग्रो आयल मिल में रविवार को हुए हादसे की जांच के लिए मंगलवार को औद्योगिक सुरक्षा एवं श्रम विभाग के उपनिदेशक सुनील खुराना के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने निरीक्षण के दौरान टैंक नंबर दो से धुआं निकलते हुए देखा। हादसे के 60 घंटे बाद भी मिल में आग धधक रही थी। जांच टीम के सामने अग्निशमन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई। मामले की सूचना उन्होंने तुरंत दमकल को दी। मौके पर ही उकलाना थाना प्रभारी संदीप कुमार पहुंचे। दमकल की गाड़ी ने पहुंचकर आग बुझाई। वहीं पुलिस ने मंगलवार को मिली के तीन मालिकों आशीष, सुरेंद्र और कृष्ण के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
हादसे वाले दिन करीब आठ घंटे बाद आग पर काबू पाया गया था। टोहाना, नरवाना, बरवाला और हिसार से पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया था। मगर दमकल की टीम ने यह सुनिश्चित नहीं किया कि आग पूरी तरह से बुझ गई है। इससे पूर्व फायर ऑफिसर ताराचंद भी घटनास्थल पर पहुंचे और सुरक्षा यंत्रों का जायजा लिया। ताराचंद ने बताया कि इस फैक्ट्री के पास इस वर्ष का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं था, इसे गैर कानूनी ढंग से चलाया गया था।
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टीम ने करवाई फोटोग्राफी
दोपहर को पहुंची टीम करीब दो घंटे तक मिल में रही। टीम में औद्योगिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं श्रम विभाग के उपनिदेशक सुनील खुराना, सहायक निदेशक (रसायन) सुनील कुमार नंदा, सहायक निदेशक (सामान्य) विवेक बतरा, डॉ. हरेंद्र मान थे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने हर कोने की फोटोग्राफी भी की।
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