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एसीएस और डीसी के दौरे के बाद भी नहीं हुआ सुधार, किसानों से उतरवाई के लिए जा रहे 15 रुपये
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हिसार। अतिरिक्त मुख्य सचिव और उपायुक्त के दौरे के बाद भी किसानों की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। अब भी किसानों से सरसों उतरवाई के नाम पर 15 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उपायुक्त ने बोरी उतारने के रेट लिखकर नोटिस बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए थे। मगर वीरवार को कहीं बोर्ड नहीं लगा।
वहीं, किसान सभा का भी आरोप है कि उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जो मांगें रखी गई थीं, उनमें से एक भी नहीं मानी गई है। सभा ने चेतावनी दी कि शुक्रवार को भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो शनिवार को जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
गौरतलब है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह और डीसी अशोक मीणा ने बुधवार को अधिकारियों के साथ अनाज मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याएं जानी थी। किसानों ने कई समस्याओं से अवगत करवाया था। मगर अधिकतर समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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जमा करवाए गए फार्मों की दो दिन में होगी वेरिफिकेशन
किसानों की ओर से रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए जमा करवाए गए फार्मों की वेरिफिकेशन के लिए वीरवार को पटवारियों को लगाया गया। पटवारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के गांव से संबंधित किसानों की वेरिफिकेशन करेंगे। शुक्रवार को भी पटवारी इसी काम में लगे रहेंगे। मार्केट कमेटी कार्यालय की ओर से तहसीलदार को सुबह करीब 3500 से अधिक फार्म सौंपे गए।
दोपहर बाद शुरू हुई प्राइवेट खरीद
अनाज मंडी के आढ़तियों की हड़ताल प्रदेश सरकार द्वारा मांगे मानने के बाद दोपहर बाद को खुल गई। हड़ताल खुलते ही सरसों की प्राइवेट खरीद शुरू हो गई। किसानों से आढ़तियों ने 3450 रुपये के भाव के अनुसार सरसों खरीदी। इससे पहले आढ़तियों ने दूसरे दिन भी धरना लगाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ई-पेमेंट का विरोध जताते हुए सरकार से इस फरमान को वापस लेने की मांग की गई। इसके अलावा जननायक जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए मार्केट कमेटी सचिव को ज्ञापन सौंपा
सरकारी खरीद 2498 तो प्राइवेट हुई 666 क्विंटल
वीरवार को अनाज मंडी में सरकारी और प्राइवेट दोनों खरीद हुई। सरकारी एजेंसी हैफेड ने 2498 क्विंटल सरसों खरीदी जबकि आढ़तियों ने प्राइवेट तौर पर 666 क्विंटल सरसों की खरीद की। हालांकि किसानों को प्राइवेट खरीद में 800 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। सरकारी खरीद जहां 4200 रुपये तक हो रही है जबकि आढ़ती किसानों को 3450 रुपये का भाव दे रहे हैं।
अगर किसी की 100 क्विंटल सरसों तो चार बार में खरीदेंगे
बुधवार को मंडी के दौरे के दौरान उपायुक्त के सामने किसानों ने प्रदेश सरकार द्वारा 25 क्विंटल सरसों ही एक बार में खरीदने की शर्त को लेकर समस्या रखी थी। इससे अधिक सरसों को लेकर किसानों ने मार्गदर्शन मांगा था। इस पर डीसी ने उन्हें बताया था कि हर किसान की कुल सरसों में से 25 प्रतिशत खरीदी जाएगी। अगर किसी किसान की 400 क्विंटल सरसों हैं तो उसका 25 प्रतिशत यानी 100 क्विंटल सरसों खरीदेंगे। यह 100 क्विंटल चार बार में खरीदी जाएगी।
एसीएस और डीसी के दौरे के बाद भी किसानों की समस्याओं का हल नहीं हुआ है। किसी किसान के पास गिरदावरी नहीं है तो किसी के पास अन्य कागजात। उतरवाई के नाम पर अब भी 15 रुपये वसूल रहे हैं जबकि पिछली बार इसका रेट 6 रुपये था। बारदाने के नाम पर 800 ग्राम प्रति बोरी तक काटा जा रहा है। प्रशासन ने समाधान नहीं किया तो शनिवार को प्रदर्शन करेंगे।
- सूबे सिंह बूरा, जिला सचिव, किसान सभा।
हमने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। अभी तक मेरे पास किसी किसान की शिकायत नहीं आई है। बोरी उतरवाई का रेट क्या है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मगर कोई ज्यादा पैसे लेता है तो हमारी टीम उस पर सख्त कार्रवाई करेगी।
- अशोक कुमार मीणा, उपायुक्त
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वहीं, किसान सभा का भी आरोप है कि उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जो मांगें रखी गई थीं, उनमें से एक भी नहीं मानी गई है। सभा ने चेतावनी दी कि शुक्रवार को भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो शनिवार को जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
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गौरतलब है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह और डीसी अशोक मीणा ने बुधवार को अधिकारियों के साथ अनाज मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याएं जानी थी। किसानों ने कई समस्याओं से अवगत करवाया था। मगर अधिकतर समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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जमा करवाए गए फार्मों की दो दिन में होगी वेरिफिकेशन
किसानों की ओर से रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए जमा करवाए गए फार्मों की वेरिफिकेशन के लिए वीरवार को पटवारियों को लगाया गया। पटवारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के गांव से संबंधित किसानों की वेरिफिकेशन करेंगे। शुक्रवार को भी पटवारी इसी काम में लगे रहेंगे। मार्केट कमेटी कार्यालय की ओर से तहसीलदार को सुबह करीब 3500 से अधिक फार्म सौंपे गए।
दोपहर बाद शुरू हुई प्राइवेट खरीद
अनाज मंडी के आढ़तियों की हड़ताल प्रदेश सरकार द्वारा मांगे मानने के बाद दोपहर बाद को खुल गई। हड़ताल खुलते ही सरसों की प्राइवेट खरीद शुरू हो गई। किसानों से आढ़तियों ने 3450 रुपये के भाव के अनुसार सरसों खरीदी। इससे पहले आढ़तियों ने दूसरे दिन भी धरना लगाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ई-पेमेंट का विरोध जताते हुए सरकार से इस फरमान को वापस लेने की मांग की गई। इसके अलावा जननायक जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए मार्केट कमेटी सचिव को ज्ञापन सौंपा
सरकारी खरीद 2498 तो प्राइवेट हुई 666 क्विंटल
वीरवार को अनाज मंडी में सरकारी और प्राइवेट दोनों खरीद हुई। सरकारी एजेंसी हैफेड ने 2498 क्विंटल सरसों खरीदी जबकि आढ़तियों ने प्राइवेट तौर पर 666 क्विंटल सरसों की खरीद की। हालांकि किसानों को प्राइवेट खरीद में 800 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। सरकारी खरीद जहां 4200 रुपये तक हो रही है जबकि आढ़ती किसानों को 3450 रुपये का भाव दे रहे हैं।
अगर किसी की 100 क्विंटल सरसों तो चार बार में खरीदेंगे
बुधवार को मंडी के दौरे के दौरान उपायुक्त के सामने किसानों ने प्रदेश सरकार द्वारा 25 क्विंटल सरसों ही एक बार में खरीदने की शर्त को लेकर समस्या रखी थी। इससे अधिक सरसों को लेकर किसानों ने मार्गदर्शन मांगा था। इस पर डीसी ने उन्हें बताया था कि हर किसान की कुल सरसों में से 25 प्रतिशत खरीदी जाएगी। अगर किसी किसान की 400 क्विंटल सरसों हैं तो उसका 25 प्रतिशत यानी 100 क्विंटल सरसों खरीदेंगे। यह 100 क्विंटल चार बार में खरीदी जाएगी।
एसीएस और डीसी के दौरे के बाद भी किसानों की समस्याओं का हल नहीं हुआ है। किसी किसान के पास गिरदावरी नहीं है तो किसी के पास अन्य कागजात। उतरवाई के नाम पर अब भी 15 रुपये वसूल रहे हैं जबकि पिछली बार इसका रेट 6 रुपये था। बारदाने के नाम पर 800 ग्राम प्रति बोरी तक काटा जा रहा है। प्रशासन ने समाधान नहीं किया तो शनिवार को प्रदर्शन करेंगे।
- सूबे सिंह बूरा, जिला सचिव, किसान सभा।
हमने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। अभी तक मेरे पास किसी किसान की शिकायत नहीं आई है। बोरी उतरवाई का रेट क्या है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। मगर कोई ज्यादा पैसे लेता है तो हमारी टीम उस पर सख्त कार्रवाई करेगी।
- अशोक कुमार मीणा, उपायुक्त