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हाईवे नियम-ब्रेकरलेस, पर मय्यड़ में 350 मीटर में तीन ब्रेकर

Wed, 06 Feb 2019 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Feb 2019 12:36 AM IST
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हाईवे नियम-ब्रेकरलेस, पर मय्यड़ में 350 मीटर में तीन ब्रेकर
फोटो आएंगी
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के नियमानुसार हाईवे ब्रेकरलेस का नियम है। अर्थात किसी भी हाईवे पर ब्रेकर नहीं बनाए जा सकते, लेकिन मय्यड़ गांव में करीब 350 मीटर के अंतराल पर तीन ब्रेकर बनाए हुए हैं। इनमें दो ब्रेकर करीब आधा फुट ऊंचे हैं, जबकि एक ब्रेकर तो एक फुट के करीब बनाया हुआ है। इसके अलावा यहां से खरड़ के लिए रास्ता जाता है, जिसके लिए डिवाइडर से स्पेशल कट दिया हुआ है। यह कट और इससे पहले 20 कदम की दूर पर बना ब्रेकर यहां इस प्वाइंट को डेंजर प्वाइंट की श्रेणी में शामिल करते हैं। यही कारण रहा कि मंगलवार को यहां विटारा ब्रेजा गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई और दो परिवारों की खुशियों को तहस-नहस कर गई।
यूं है डेंजर प्वाइंट
दरअसल हांसी की तरफ बने टोल से करीब एक किलोमीटर हिसार की तरफ मय्यड़ गांव है। गांव शुरू होने से लेकर खत्म होने तक के करीब 350 मीटर के अंतराल पर तीन ब्रेकर बने हैं। इसमें पहले ब्रेकर से 20 कदम की दूरी पर खरड़ की तरफ कट बना हुआ है। यह कट डेंजर प्वाइंट है। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि यहां अकसर छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं। खरड़ गांव से वाहनों के निकलने का कारण टोल टैक्स बचाना होता है। यही टोल टैक्स बचाने के लिए बड़े वाहन भी अकसर खरड़ से निकलते हैं।
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यह है नियम
एनएचएआई का नियम है कि किसी भी हाईवे पर ब्रेकर नहीं होगा, लेकिन हरियाणा में लगभग सभी हाईवे पर ब्रेकर बने हुए हैं। मंगलवार को हादसे के बाद अमर उजाला ने दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाने के लिए सर्वे किया, जिसमें पाया गया कि हादसा स्थल से लेकर 350 मीटर के अंतराल में तीन ब्रेकर बने हुए हैं। इसमें पहले ब्रेकर की ऊंचाई करीब पांच इंच है, जबकि दूसरे ब्रेकर की ऊंचाई छह इंच है, लेकिन तीसरा ब्रेकर तो सबसे अधिक ऊंचा बनाया हुआ है, जिसकी ऊंचाई करीब 9 इंच है।
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375 रुपये बचाने का लालच
रामायण में टोल टैक्स स्थापित है। इस टोल पर बड़े वाहनों का 375 रुपये टोल लगता है। इन 375 रुपयों को बचाने के चक्कर में अकसर बड़े वाहन चालक भी अपने वाहनों को खरड़ गांव से निकालते हैं। हिसार से जाने वाले वाहन अकसर ऐसा करते हैं और खरड़ से वाहन निकालते हैं। इससे ग्रामीणों को भी हमेशा खतरा बना रहता है।
बड़े ट्रालों के मुड़ने की स्थिति में पूरी सड़क हो जाती है कवर
ब्रेकर के तुरंत बाद खरड़ की तरफ का जो कट दिया गया है, वह सबसे खतरनाक है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस कट को बंद किए जाने की आवश्यकता है। इस कट से छोटे-बड़े सभी वाहन चालक अपने वाहनों को निकालते हैं। स्थिति उस समय खतरनाक होती है जब ट्राले और ट्रक भी यहां मुड़ते हैं। ट्राला मुड़ने की स्थिति में एक तरफ की सड़क पूरी और दूसरी तरफ की आधी सड़क अवरुद्ध हो जाती है। यह स्थिति भी दुर्घटनाओं को न्यौता देती है।
न चेक प्वाइंट, न पुलिस का कोई बंदोबस्त
डेंजर प्वाइंट होने के बावजूद यहां पर न तो कोई पुलिस का चेक प्वाइंट है और न ही ट्रैफिक पुलिस का कोई बंदोबस्त है। इस बात की मांग टोल अधिकारी भी कई बार उठा चुके हैं। इसके बावजूद यहां दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।

टोल बचाने के चक्कर में अकसर वाहन चालक खरड़ गांव से निकलते हैं। इस बारे में कई बार अधिकारियों से मांग कर चुके हैं। मय्यड़ में पुलिस पोस्ट स्थापित करने और खरड़ मोड़ पर हाई ट्रस्टर (बड़ी गाड़ी के प्रवेश पर रोक के लिए एंगल) लगाने की मांग की गई है। हमने यह भी कहा था कि हाई ट्रस्टर हम लगवा देंगे, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए खरड़ की तरफ का कट बंद कर देना चाहिए, क्योंकि वह ब्रेकर के तुरंत बाद है।
अजय संधू, मैनेजर, रामायण टोल प्लाजा, हिसार।

एनएचएआई के नियमानुसार हाईवे पर कोई ब्रेकर नहीं होना चाहिए, लेकिन ग्रामीणों की सेफ्टी पर्पज से ब्रेकर बना दिए जाते हैं। खरड़ की तरफ मुड़ने वाले कट को बंद कर टोल बचाने के लिए वहां से जाने वाले भारी वाहनों पर रोक लगानी चाहिए। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है।

-मेजर सदानंद सिंह चौहान, सीजेएम, हाईवे प्रोजेक्ट

भारत भूषण के भाई आलोक नागपाल की शिकायत पर ट्राला चालक दादरी निवासी प्रदीप यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों शवों का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
-एएसआई सुरेंद्र, जांचकर्ता, सदर थाना, हिसार
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