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एफआईआर के डर से भी नहीं लौटे बीएलओ
Gurgaon
Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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गुड़गांव। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य से गैर हाजिर चल रहे बीएलओ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी के बाद भी नहीं लौटे हैं। बीएलओ को लौटने के लिए दी गई मियाद में अब केवल तीन दिन बाकी हैं। हालांकि अधिकारी अभी भी लापरवाही करने वाले बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात पर अडिग हैं, लेकिन बीएलओ के रवैये को देखते हुए उनके लौटने की संभावना कम ही नजर आती है।
जिला के बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र के 289 मतदान केंद्रों मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए शिक्षा व अन्य विभागों के बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। इनमें से 113 बीएलओ अभी तक अपने कार्य से गैर-हाजिर हैं। अतिरिक्त उपायुक्त केएम पांडूरंग ने 10 अक्तूबर को निर्देश जारी किए थे कि अगर कार्य से गैर-हाजिर चल रहे बीएलओ जल्द काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ऐसे बीएलओ को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत जुर्माना व कैद भी हो सकती है। बावजूद इसके अभी तक कोई भी बीएलओ वापस नहीं आया।
स्मार्ट कार्ड का काम भी सुस्त
बीएलओ के भाग जाने की वजह से स्मार्ट कार्ड बनाने का काम भी सुस्त पड़ा है। राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने स्मार्ट कार्ड के लिए फॉर्म भरवाने का जिम्मा बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को सौंपा था। जिले में करीब 700 बीएलओ लगाए गए थे। इसमें से 250 बीएलओ को गुड़गांव में स्मार्ट कार्ड का फार्म भरवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। हाल ही में शिक्षा विभाग के निदेशक ने शिक्षकों को बीएलओ की जिम्मेदारी छोड़कर शिक्षण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद से 150 से अधिक बीएलओ चले गए हैं।
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जिला के बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र के 289 मतदान केंद्रों मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए शिक्षा व अन्य विभागों के बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। इनमें से 113 बीएलओ अभी तक अपने कार्य से गैर-हाजिर हैं। अतिरिक्त उपायुक्त केएम पांडूरंग ने 10 अक्तूबर को निर्देश जारी किए थे कि अगर कार्य से गैर-हाजिर चल रहे बीएलओ जल्द काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ऐसे बीएलओ को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत जुर्माना व कैद भी हो सकती है। बावजूद इसके अभी तक कोई भी बीएलओ वापस नहीं आया।
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स्मार्ट कार्ड का काम भी सुस्त
बीएलओ के भाग जाने की वजह से स्मार्ट कार्ड बनाने का काम भी सुस्त पड़ा है। राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने स्मार्ट कार्ड के लिए फॉर्म भरवाने का जिम्मा बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को सौंपा था। जिले में करीब 700 बीएलओ लगाए गए थे। इसमें से 250 बीएलओ को गुड़गांव में स्मार्ट कार्ड का फार्म भरवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। हाल ही में शिक्षा विभाग के निदेशक ने शिक्षकों को बीएलओ की जिम्मेदारी छोड़कर शिक्षण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद से 150 से अधिक बीएलओ चले गए हैं।
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