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Fatehabad News: जहां फीस की दीवार थी वहां नवकल्याण ने शिक्षा की राह खोली
Sun, 20 Sep 2026 10:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 20 Sep 2026 10:17 PM IST
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फतेहाबाद में नवकल्याण संस्था के सदस्य बच्चों को पढ़ाते हुए स्त्रोत संस्था
फतेहाबाद। आर्थिक तंगी किसी बच्चे के सपनों की राह न रोके इसी सोच से नवकल्याण संस्था अशोकनगर के जरूरतमंद बच्चों के लिए उम्मीद की रोशनी बनी हुई है। संस्था वर्ष 2022 से बच्चों को निशुल्क शिक्षा देकर उन्हें पढ़ाई की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
अशोकनगर क्षेत्र अपेक्षाकृत पिछड़ा हुआ है। यहां कई परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे परिवार बच्चों की पढ़ाई पर पर्याप्त खर्च नहीं कर पाते। बच्चों की यह स्थिति देखकर नवकल्याण संस्था के सदस्यों ने उन्हें पढ़ाने का संकल्प लिया। अब संस्था के सदस्य नियमित रूप से बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं।
संस्था के प्रधान बंटी कंबोज कहते हैं कि शिक्षा किसी बच्चे के लिए सुविधा नहीं बल्कि उसका अधिकार है। आर्थिक स्थिति इस अधिकार के रास्ते में दीवार नहीं बननी चाहिए। इसी विचार ने संस्था को जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचने की प्रेरणा दी।
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संस्था की पहल केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य उन बच्चों में पढ़ाई के प्रति भरोसा पैदा करना भी है जो आर्थिक परिस्थितियों के चलते पीछे छूट सकते हैं। संस्था का मानना है कि एक बच्चे की पढ़ाई आगे बढ़ती है तो उसके साथ पूरे परिवार की उम्मीदें भी मजबूत होती हैं।
संस्था में करीब 10 सदस्य सक्रिय रूप से सामाजिक कार्यों में योगदान दे रहे हैं। इनमें आरसी राठौर, राजकमल, रिंकू राजपूत, रीतू खन्ना, ओमप्रकाश, महेंद्र कंबोज, केसर कंबोज, रूप सिंह, हर्ष, संदीप यादव और जिया समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। संस्था का कहना है कि समाज में बदलाव केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि सामूहिक भागीदारी से भी संभव है।
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शाम चार से छह बजे तक लगती हैं कक्षाएं
नवकल्याण संस्था की ओर से रोजाना शाम चार से छह बजे तक बच्चों को पढ़ाया जाता है। प्रचार मंत्री सुदर्शन नरूला ने बताया कि संस्था की सदस्य भूमिका, रूपसी कंबोज, जिया और रीतू खन्ना समेत अन्य सदस्य बच्चों को पढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। पढ़ाई के साथ बच्चों को जरूरत के अनुसार स्टेशनरी और किताबें भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं ताकि संसाधनों की कमी उनकी शिक्षा में बाधा न बने।
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शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी जोर
संस्था का काम केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। नवकल्याण संस्था की ओर से अब तक पांच स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण अभियान भी चलाया गया है। संस्था का उद्देश्य समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
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अशोकनगर क्षेत्र अपेक्षाकृत पिछड़ा हुआ है। यहां कई परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे परिवार बच्चों की पढ़ाई पर पर्याप्त खर्च नहीं कर पाते। बच्चों की यह स्थिति देखकर नवकल्याण संस्था के सदस्यों ने उन्हें पढ़ाने का संकल्प लिया। अब संस्था के सदस्य नियमित रूप से बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं।
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संस्था के प्रधान बंटी कंबोज कहते हैं कि शिक्षा किसी बच्चे के लिए सुविधा नहीं बल्कि उसका अधिकार है। आर्थिक स्थिति इस अधिकार के रास्ते में दीवार नहीं बननी चाहिए। इसी विचार ने संस्था को जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचने की प्रेरणा दी।
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संस्था की पहल केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य उन बच्चों में पढ़ाई के प्रति भरोसा पैदा करना भी है जो आर्थिक परिस्थितियों के चलते पीछे छूट सकते हैं। संस्था का मानना है कि एक बच्चे की पढ़ाई आगे बढ़ती है तो उसके साथ पूरे परिवार की उम्मीदें भी मजबूत होती हैं।
संस्था में करीब 10 सदस्य सक्रिय रूप से सामाजिक कार्यों में योगदान दे रहे हैं। इनमें आरसी राठौर, राजकमल, रिंकू राजपूत, रीतू खन्ना, ओमप्रकाश, महेंद्र कंबोज, केसर कंबोज, रूप सिंह, हर्ष, संदीप यादव और जिया समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। संस्था का कहना है कि समाज में बदलाव केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि सामूहिक भागीदारी से भी संभव है।
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शाम चार से छह बजे तक लगती हैं कक्षाएं
नवकल्याण संस्था की ओर से रोजाना शाम चार से छह बजे तक बच्चों को पढ़ाया जाता है। प्रचार मंत्री सुदर्शन नरूला ने बताया कि संस्था की सदस्य भूमिका, रूपसी कंबोज, जिया और रीतू खन्ना समेत अन्य सदस्य बच्चों को पढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। पढ़ाई के साथ बच्चों को जरूरत के अनुसार स्टेशनरी और किताबें भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं ताकि संसाधनों की कमी उनकी शिक्षा में बाधा न बने।
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शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी जोर
संस्था का काम केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। नवकल्याण संस्था की ओर से अब तक पांच स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण अभियान भी चलाया गया है। संस्था का उद्देश्य समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।