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Fatehabad News: गांवाें में पानी, ग्रामीण कर रहे पलायन
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रतिया में गांव बाहमणवाला से पलायन करके पहुंचे लोग।
रतिया/जाखल। वर्ष 2010 में आई बाढ़ के बाद एक बार फिर फतेहाबाद जिला बाढ़ की चपेट में आ गया है। जाखल के 20 व रतिया के 10 गांव बाढ़ प्रभावित हो चुके हैं। यहां पर लगातार पानी आ रहा है। अब तक 20 हजार एकड़ फसल डूब चुकी है और ढाणियों में लोग फंसने लगे हैं। अपने गांवों में संभावित बाढ़ को देखते हुए रतिया के निचले इलाकों में स्थित चार गांवों के लोग तो पलायन करके अपने रिश्तेदारों के घर पहुंचने लगे हैं।
फतेहाबाद एक बार फिर 13 साल बाद बाढ़ की विभीषिका को देख रहा है। प्रशासन द्वारा बाढ़ बचाव के पुख्ता प्रबंध न करने और अचानक घग्गर में बढ़े जलस्तर व पंजाब में घग्गर के ओवरफ्लो होने के कारण जाखल क्षेत्र पूरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हो गया है। जाखल क्षेत्र में ढाणियों में रहने वाले किसान अपने मवेशियों व सामान को लेकर दूसरे स्थानों पर पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। ग्रामीणों में जहां फसलों के नुकसान को लेकर परेशानी है, वहीं जान माल की सुरक्षा का भय भी बना हुआ है। दीवाना गांव में जहां आबादी में पानी घुसने को लेकर तीन स्थानों पर कुलां जाखल मार्ग पर सड़क को तोड़ दिया गया है, वहीं की तेज रफ्तार को देखते हुए शक्करपुरा के ग्रामीण भी काफी परेशान हैं। जाखल के उदयपुर सहित आठ गांव पूरी तरह से कट गए हैं। हालात यही रहे तो आगे पूरा जाखल क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ जाएगा। संवाद
ग्रामीणों में दिख रहा त्रासदी का भय
हालांकि ग्रामीण व जाखल शहर के लोग बाढ़ से बचने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन त्रासदी का भय उनमें साफ दिखाई दे रहा है। जाखल मंडी निवासी हरिओम व सुग्रीव ने बताया कि बाढ़ का पानी जाखल गांव व जाखल मंडी को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में उन्होंने अपनी दुकानों के आगे तीन-तीन फुट तक निर्माण करवाया है, ताकि बाढ़ आने के समय दुकानों में रखे सामान का बचाव हो सके। वहीं रतिया के गांवों में घग्गर का पानी तीन तरफ से मार कर रहा है। पंजाब का पानी जहां रतिया के गांवों में प्रवेश कर गया है, वहीं शनिवार अलसुबह घग्गर के तटबंध टूटने व रंगोई नाले में आए कटाव के कारण पानी रतिया की ओर बढ़ रहा है।
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रोझांवाली, ब्राहमणवाला, नंगल व सरदारेवाला के ग्रामीणों का पलायन शुरू
इस बीच गांव रोझांवाली, ब्राहमणवाला, नंगल व सरदारेवाला गांव के लोगों ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पलायन करना आरंभ कर दिया है। गांवों में जो लोग ढाणियों में रह रहे हैं, वह अपने रिश्तेदारों के पास जा रहे हैं। गांव रोझांवाली निवासी सतनाम ने बताया कि उनका गांव निचले क्षेत्राें में आता है और 2010 में भी गांव बाढ़ की चपेट में आ गया था। एहतियात के तौर पर उन्होंने रतिया में अपने रिश्तेदार के घर शरण ली है। वहीं सरदारेवाला में ढाणी में रह रहे छिंद्रपाल ने बताया कि ढाणी में बाढ़ का खतरा अधिक है, इसलिए वह अपने रिश्तेदारों के घर सरदारेवाला गांव में आया है। वहीं रतिया शहर में भी इन गांवों के लोग अपने रिश्तेदारों के घर आना आरंभ हो गए हैं।
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फतेहाबाद एक बार फिर 13 साल बाद बाढ़ की विभीषिका को देख रहा है। प्रशासन द्वारा बाढ़ बचाव के पुख्ता प्रबंध न करने और अचानक घग्गर में बढ़े जलस्तर व पंजाब में घग्गर के ओवरफ्लो होने के कारण जाखल क्षेत्र पूरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हो गया है। जाखल क्षेत्र में ढाणियों में रहने वाले किसान अपने मवेशियों व सामान को लेकर दूसरे स्थानों पर पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। ग्रामीणों में जहां फसलों के नुकसान को लेकर परेशानी है, वहीं जान माल की सुरक्षा का भय भी बना हुआ है। दीवाना गांव में जहां आबादी में पानी घुसने को लेकर तीन स्थानों पर कुलां जाखल मार्ग पर सड़क को तोड़ दिया गया है, वहीं की तेज रफ्तार को देखते हुए शक्करपुरा के ग्रामीण भी काफी परेशान हैं। जाखल के उदयपुर सहित आठ गांव पूरी तरह से कट गए हैं। हालात यही रहे तो आगे पूरा जाखल क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ जाएगा। संवाद
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ग्रामीणों में दिख रहा त्रासदी का भय
हालांकि ग्रामीण व जाखल शहर के लोग बाढ़ से बचने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन त्रासदी का भय उनमें साफ दिखाई दे रहा है। जाखल मंडी निवासी हरिओम व सुग्रीव ने बताया कि बाढ़ का पानी जाखल गांव व जाखल मंडी को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में उन्होंने अपनी दुकानों के आगे तीन-तीन फुट तक निर्माण करवाया है, ताकि बाढ़ आने के समय दुकानों में रखे सामान का बचाव हो सके। वहीं रतिया के गांवों में घग्गर का पानी तीन तरफ से मार कर रहा है। पंजाब का पानी जहां रतिया के गांवों में प्रवेश कर गया है, वहीं शनिवार अलसुबह घग्गर के तटबंध टूटने व रंगोई नाले में आए कटाव के कारण पानी रतिया की ओर बढ़ रहा है।
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रोझांवाली, ब्राहमणवाला, नंगल व सरदारेवाला के ग्रामीणों का पलायन शुरू
इस बीच गांव रोझांवाली, ब्राहमणवाला, नंगल व सरदारेवाला गांव के लोगों ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पलायन करना आरंभ कर दिया है। गांवों में जो लोग ढाणियों में रह रहे हैं, वह अपने रिश्तेदारों के पास जा रहे हैं। गांव रोझांवाली निवासी सतनाम ने बताया कि उनका गांव निचले क्षेत्राें में आता है और 2010 में भी गांव बाढ़ की चपेट में आ गया था। एहतियात के तौर पर उन्होंने रतिया में अपने रिश्तेदार के घर शरण ली है। वहीं सरदारेवाला में ढाणी में रह रहे छिंद्रपाल ने बताया कि ढाणी में बाढ़ का खतरा अधिक है, इसलिए वह अपने रिश्तेदारों के घर सरदारेवाला गांव में आया है। वहीं रतिया शहर में भी इन गांवों के लोग अपने रिश्तेदारों के घर आना आरंभ हो गए हैं।