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Fatehabad News: अनाजमंडी के बाहर सस्ते में बिक रहा धान, किसानों को लग रही चपत

Fri, 09 Oct 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 09 Oct 2026 12:13 AM IST
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Paddy is being sold at low prices outside the grain market, causing financial losses to farmers.
फतेहाबाद। अनाजमंडी में धान बेचने के लिए किसान इंतजार में है, कहीं गेट पास का विवाद है तो किसी के साथ नमी का बहाना किया जा रहा है। लेकिन मंडी के बाहर सस्ते में धान खरीद का राइस शेलर मिल संचालक खेल खेल रहे हैं। फतेहाबाद, रतिया में किसान संगठन लगातार मुद्दा उठा रहे हैं लेकिन प्रशासन मौन है। हालांकि रतिया और कुलां क्षेत्र में राइस मिलर पर जुर्माना कार्रवाई हो चुकी है।
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किसान संगठनों का आरोप है कि मंडी के बाहर व्यापारियों और राइस मिलर्स द्वारा किसानों से धान की फसल निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर खरीदी जा रही है। बाद में इसी धान को सरकार द्वारा तय 2461 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी के हिसाब से बेचकर भुगतान का पूरा खेल किया जा रहा है।
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ऐसे चल रहा खेल
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मंदीप नथवान ने बताया कि व्यापारियों द्वारा किसानों से धान करीब 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जा रहा है। किसानों के साथ सौदा करते समय उन्हें बताया जाता है कि उनके बैंक खाते में सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी के अनुसार भुगतान किया जाएगा। हालांकि, आरोप है कि एमएसपी और किसान को दिए जा रहे वास्तविक खरीद भाव के बीच की रकम वापस आढ़ती के पास जमा करवाने की शर्त रखी जाती है। यह रकम आगे राइस मिलर तक पहुंचाई जाती है।
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प्रति क्विंटल 300 रुपये से अधिक का नुकसान
किसानों ने बताया कि यदि धान 2100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जाता है तो एमएसपी 2461 रुपये के हिसाब से उसके खाते में 2461 रुपये का भुगतान दिखाया जाता है। इसके बाद 361 रुपये प्रति क्विंटल की अंतर राशि वापस वसूल किए जाने का आरोप है। किसान संगठनों का कहना है कि इस तरह किसानों को उनकी फसल का वास्तविक एमएसपी नहीं मिल रहा और खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की जा रही है।

प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं
किसान रविंद्र ने बताया कि मंडी के बाहर इस प्रकार की खरीद शुरू से चल रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। संगठनों ने मार्केट कमेटी और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की कथित मिलीभगत की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करें और खरीद रिकॉर्ड की जांच की जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।


:: अनाजमंडी में धान की खरीद एमएसपी पर जारी है। अगर किसी के पास खरीद में गड़बड़ी या एमएसपी से नीचे के भाव में खरीद करने का कोई सबूत है तो पेश करें। विभाग के अनुसार उस पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।

-अमित रोहिल्ला, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।
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