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Fatehabad News: भूना, भट्टू और जाखल के मतदान केंद्रों पर कभी सुस्त तो कभी तेज होता रहा मतदान
Sun, 06 Oct 2024 03:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 06 Oct 2024 03:28 AM IST
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भूना/जाखल/भट्टू कलां। 15वीं विधानसभा के चुनाव के लिए शनिवार को भूना, भट्टू और जाखल में भी चुनाव के दौरान शांतिपूर्वक माहौल रहा। दिनभर मतदान केंद्रों के बाहर जमघट लगा रहा। मतदाताओं के लिए लगे किसी टेंट में चाय तो किसी में भोजन तक की व्यवस्था रही। अधिकतर गांवों में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही आमने-सामने का मुकाबला नजर आया। हालांकि, मतदाताओं की जुबान पर इन दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के साथ इनेलो का नाम भी रहा। लोग इनेलो-बसपा प्रत्याशी सुनैना चौटाला के व्यक्तित्व से प्रभावित दिखाई दिए।
गांव नहला, ढाणी गोपाल, बैजलपुर, गोरखपुर और मोची-चौबारा गांव में नतीजे रोचक रहने की संभावना है। भूना शहर के मतदान केंद्र 173 से लेकर 193 तक के 21 बूथों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच आमने-सामने की टक्कर रही। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार जाट बहुल गांवों में इनेलो को भी अच्छे वोट मिलने की उम्मीद है।
भट्टू क्षेत्र में दैयड़ और रामसरा में की गई नाकेबंद
भट्टू कलां। भट्टूकलां क्षेत्र के सभी स्थानों पर मतदान शांतिपूर्वक रहा। सुबह से ही लोगों में मतदान के लिए भारी उत्साह था। ग्रामीण अपने बूथ पर लाइन लगाकर खड़े देखे गए।
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भट्टूकलां के पास राजस्थान की सीमा से लगते गांव दैयड़ और रामसरा में पुलिस ने नाकेबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। ग्रामीण आंचल में फसली सीजन के कारण सुबह सात से 12 बजे तक मतदान के लिए लोगों में उत्साह कम देखा गया। गांव भट्टूकलां के बूथ नंबर 130 में 80 वर्षीय वृद्धा बलवंती देवी ने पैदल चलकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गावों में अधिकतर महिलाएं घूंघट में मतदान करती नजर आईं। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कमल बिसला ने अपने परिजनों और दोस्तों के साथ ठूईयां गांव के बूथ नंबर 123 में मतदान किया। वहीं, जजपा प्रत्याशी सुभाष गोरछिया ने गांव पीलीमंदोरी के बूथ नंबर 121 में अपने परिवार के साथ मताधिकार का प्रयोग किया।
जाखल में दिव्यांगों को नहीं मिली व्हीलचेयर
पंजाब सीमा के साथ लगते टोहाना क्षेत्र के जाखल इलाके में भी मतदाताओं का मिला जुला रुझान रहा। सुबह 10 बजे तक कम लोग ही मतदान केंद्रों में नजर आए तो दोपहर बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ने लगी। मतदान केंद्रों में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। हालांकि, मतदान केंद्रों में बजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुबह व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं रही। इसकी सूचना अधिकारियों के पास पहुंची तो दोपहर तक व्हीलचेयर का इंतजाम करवाया गया। जाखल क्षेत्र में मतदाताओं की मतदान केंद्रों पर शाम चार बजे के बाद ही भीड़ बढ़ी।
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गांव नहला, ढाणी गोपाल, बैजलपुर, गोरखपुर और मोची-चौबारा गांव में नतीजे रोचक रहने की संभावना है। भूना शहर के मतदान केंद्र 173 से लेकर 193 तक के 21 बूथों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच आमने-सामने की टक्कर रही। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार जाट बहुल गांवों में इनेलो को भी अच्छे वोट मिलने की उम्मीद है।
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भट्टू क्षेत्र में दैयड़ और रामसरा में की गई नाकेबंद
भट्टू कलां। भट्टूकलां क्षेत्र के सभी स्थानों पर मतदान शांतिपूर्वक रहा। सुबह से ही लोगों में मतदान के लिए भारी उत्साह था। ग्रामीण अपने बूथ पर लाइन लगाकर खड़े देखे गए।
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भट्टूकलां के पास राजस्थान की सीमा से लगते गांव दैयड़ और रामसरा में पुलिस ने नाकेबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। ग्रामीण आंचल में फसली सीजन के कारण सुबह सात से 12 बजे तक मतदान के लिए लोगों में उत्साह कम देखा गया। गांव भट्टूकलां के बूथ नंबर 130 में 80 वर्षीय वृद्धा बलवंती देवी ने पैदल चलकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गावों में अधिकतर महिलाएं घूंघट में मतदान करती नजर आईं। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कमल बिसला ने अपने परिजनों और दोस्तों के साथ ठूईयां गांव के बूथ नंबर 123 में मतदान किया। वहीं, जजपा प्रत्याशी सुभाष गोरछिया ने गांव पीलीमंदोरी के बूथ नंबर 121 में अपने परिवार के साथ मताधिकार का प्रयोग किया।
जाखल में दिव्यांगों को नहीं मिली व्हीलचेयर
पंजाब सीमा के साथ लगते टोहाना क्षेत्र के जाखल इलाके में भी मतदाताओं का मिला जुला रुझान रहा। सुबह 10 बजे तक कम लोग ही मतदान केंद्रों में नजर आए तो दोपहर बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ने लगी। मतदान केंद्रों में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। हालांकि, मतदान केंद्रों में बजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुबह व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं रही। इसकी सूचना अधिकारियों के पास पहुंची तो दोपहर तक व्हीलचेयर का इंतजाम करवाया गया। जाखल क्षेत्र में मतदाताओं की मतदान केंद्रों पर शाम चार बजे के बाद ही भीड़ बढ़ी।