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शिक्षकों के तबादले ने बढ़ाई विद्यार्थियों की चिंता
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फतेहाबाद के सरकारी स्कूल में पढ़ाते हुए शिक्षक।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शैक्षणिक सत्र आधा बीतने के बाद शिक्षा विभाग ने मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के अध्यापकों के ट्रांसफर आदेशों में गड़बड़ी करके विद्यार्थियों को झटका दिया है। विद्यार्थियों को अब सिलेबस बीच में लटकने की चिंता सताने लगी है। 70 फीसदी तक स्कूलों में ट्रांसफर आदेशों के बाद अध्यापक 60 फीसदी तक रह गए हैं। जिला मुख्यालय के आसपास के कई स्कूल तो बिना मुखिया और अध्यापक के हो गए हैं। यहां पर सिर्फ पीटीआई रह गए हैं।
ट्रांसफर ड्राइव में जहां अध्यापकों के पद देने चाहिए थे, वहां नहीं दिए गए और दूसरी जगह अध्यापकों की संख्या बढ़ा दी गई है। गांव बहबलपुर में प्राइमरी से मिडिल बने स्कूल में पांच अध्यापक भेज दिए गए हैं जबकि यहां विद्यार्थी कम हैं। गांव भड़ोलांवाली के स्कूल में मात्र दो अध्यापक रह गए हैं। मॉडल संस्कृति स्कूलों में भी अध्यापकों के पद खाली होने की चिंता अधिकारियों को सताने लगी है। इन स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों के तो ट्रांसफर हो गए हैं, लेकिन नए शिक्षक नहीं भेजे गए हैं। यहां पर अध्यापकों की नियुक्ति अभी होनी बाकी है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को इस संबंध में चिट्ठी भी जारी की है और खंड अधिकारियों से खाली पदों की सूची मांगी है ताकि वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। ये स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है। संवाद
केस नंबर एक
गांव मानावाली के हाई स्कूल में सिर्फ एक पीटीआई रह गए
जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर गांव मानावाली में राजकीय हाई स्कूल है, जिसमें छठी से लेकर दसवीं तक की कक्षाएं लगती हैं। ट्रांसफर आदेश से पहले स्कूल में विद्यार्थियों की पढ़ाई अच्छे से चल रही थी। ट्रांसफर आदेश के बाद विद्यार्थियों को झटका लगा है। स्कूल बिना मुखिया और शिक्षक के हो गया है। पूरा स्कूल एक पीटीआई के सहारे रह गया है। स्कूल में 104 विद्यार्थी हैं। यहां पर ट्रांसफर ड्राइव में टीजीटी हिंदी, इंग्लिश, एसएस, संस्कृति, मैथ, साइंस, डीपीई के पद पोर्टल पर जारी कर दिए। मगर ट्रांसफर आदेश में कोई भी शिक्षक यहां नहीं आया है। सिर्फ पहले से मौजूद पीटीआई रह गया है। यहां तक कि मुख्य शिक्षक भी नहीं भेजा है। पहले यहां पर मुख्य अध्यापक, हिंदी, संस्कृत, साइंस, एसएस आदि शिक्षक थे।
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केस नंबर दो
गांव धारनियां के हाई स्कूल में मुख्याध्यापक व दो अध्यापक बचे
जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर और खंड फतेहाबाद के गांव धारनियां का राजकीय हाई स्कूल भी ट्रांसफर आदेश से प्रभावित हुआ है। नए आदेशों के बाद स्कूल में सिर्फ मुख्य अध्यापक और दो अध्यापक ही रह गए है। स्कूल में 180 विद्यार्थी हैं। इसमें कक्षा छठी से आठवीं में 115 और नौंवी व दसवीं 65 विद्यार्थी हैं। नए आदेशों में स्कूल को मुख्य अध्यापक, एक गणित अध्यापक मिला है। इसके अलावा संस्कृत का गेस्ट अध्यापक है। स्कूल में हिंदी, इंग्लिश, सामाजिक विज्ञान, डीपीई और विज्ञान विषय के अध्यापकों के पद खाली रह गए हैं।
केस नंबर तीन
गांव भिरड़ाना के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में उम्मीद से ज्यादा आए अध्यापक
गांव भिरड़ाना के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल को ट्रांसफर आदेश का सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। यहां पर उम्मीद से ज्यादा अध्यापक मिले हैं। स्कूल में बायोलॉजी का एक अध्यापक था, अब दो हो गए हैं। फिजिक्स और केमिस्ट्री विषय के भी एक-एक अध्यापक थे, अब दो-दो मिल गए हैं। अंग्रेजी के पहले दो अध्यापक थे, अब तीन हो गए हैं। इसके अलावा साइकोलॉजी और इकोनोमिक्स विषय के भी एक-एक अध्यापक मिले हैं।
जिले में शिक्षकों के ये पद हैं स्वीकृत
शिक्षक स्वीकृत पद कार्यरत अतिथि कार्यरत
जेबीटी 2110 1646 367
मास्टर 1568 883 282
मौलिक मुख्य अध्यापक 233 170 0
प्राध्यापक 1734 1096 68
मुख्य अध्यापक 49 10 0
प्रिंसिपल 105 34 0
(नोट: यह आंकड़ा ट्रांसफर आदेश से पहले का है)
जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की स्थिति
कक्षा विद्यार्थी
पहली से पांचवीं 44110
छठी से आठवीं 26502
नौंवी से बारहवीं 28928
कोट
अव्यवहारिक रेशनलाइजेशन के कारण तबादलों के बाद बहुत से स्कूलों में अध्यापकों की कमी हो गई है। इन स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर अध्यापक उपलब्ध करवाएं जाएं। तबादले से वंचित अध्यापकों के लिए अतिशीघ्र ड्राइव चलाया जाए।
- रामेश्वर मताना, प्रदेश उपाध्यक्ष, हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन
कोट
शिक्षा विभाग द्वारा ट्रांसफर आदेश जारी करने के बाद कई स्कूलों में दिक्कत आई है। कई स्कूलों में अध्यापकों के पद खाली हो गए है और कई जगह ज्यादा भी गए हैं। अभी एक सप्ताह अध्यापकों की रिलीविंग और ज्वाइनिंग को लगेगा, इसके बाद ही स्थिति पता चल पाएगी। जहां कमी है, वहां पर व्यवस्था की जाएगी। मॉडल संस्कृति स्कूलों में जल्द ही अध्यापकों की कमी दूर होगी।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी
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ट्रांसफर ड्राइव में जहां अध्यापकों के पद देने चाहिए थे, वहां नहीं दिए गए और दूसरी जगह अध्यापकों की संख्या बढ़ा दी गई है। गांव बहबलपुर में प्राइमरी से मिडिल बने स्कूल में पांच अध्यापक भेज दिए गए हैं जबकि यहां विद्यार्थी कम हैं। गांव भड़ोलांवाली के स्कूल में मात्र दो अध्यापक रह गए हैं। मॉडल संस्कृति स्कूलों में भी अध्यापकों के पद खाली होने की चिंता अधिकारियों को सताने लगी है। इन स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों के तो ट्रांसफर हो गए हैं, लेकिन नए शिक्षक नहीं भेजे गए हैं। यहां पर अध्यापकों की नियुक्ति अभी होनी बाकी है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को इस संबंध में चिट्ठी भी जारी की है और खंड अधिकारियों से खाली पदों की सूची मांगी है ताकि वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। ये स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है। संवाद
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केस नंबर एक
गांव मानावाली के हाई स्कूल में सिर्फ एक पीटीआई रह गए
जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर गांव मानावाली में राजकीय हाई स्कूल है, जिसमें छठी से लेकर दसवीं तक की कक्षाएं लगती हैं। ट्रांसफर आदेश से पहले स्कूल में विद्यार्थियों की पढ़ाई अच्छे से चल रही थी। ट्रांसफर आदेश के बाद विद्यार्थियों को झटका लगा है। स्कूल बिना मुखिया और शिक्षक के हो गया है। पूरा स्कूल एक पीटीआई के सहारे रह गया है। स्कूल में 104 विद्यार्थी हैं। यहां पर ट्रांसफर ड्राइव में टीजीटी हिंदी, इंग्लिश, एसएस, संस्कृति, मैथ, साइंस, डीपीई के पद पोर्टल पर जारी कर दिए। मगर ट्रांसफर आदेश में कोई भी शिक्षक यहां नहीं आया है। सिर्फ पहले से मौजूद पीटीआई रह गया है। यहां तक कि मुख्य शिक्षक भी नहीं भेजा है। पहले यहां पर मुख्य अध्यापक, हिंदी, संस्कृत, साइंस, एसएस आदि शिक्षक थे।
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केस नंबर दो
गांव धारनियां के हाई स्कूल में मुख्याध्यापक व दो अध्यापक बचे
जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर और खंड फतेहाबाद के गांव धारनियां का राजकीय हाई स्कूल भी ट्रांसफर आदेश से प्रभावित हुआ है। नए आदेशों के बाद स्कूल में सिर्फ मुख्य अध्यापक और दो अध्यापक ही रह गए है। स्कूल में 180 विद्यार्थी हैं। इसमें कक्षा छठी से आठवीं में 115 और नौंवी व दसवीं 65 विद्यार्थी हैं। नए आदेशों में स्कूल को मुख्य अध्यापक, एक गणित अध्यापक मिला है। इसके अलावा संस्कृत का गेस्ट अध्यापक है। स्कूल में हिंदी, इंग्लिश, सामाजिक विज्ञान, डीपीई और विज्ञान विषय के अध्यापकों के पद खाली रह गए हैं।
केस नंबर तीन
गांव भिरड़ाना के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में उम्मीद से ज्यादा आए अध्यापक
गांव भिरड़ाना के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल को ट्रांसफर आदेश का सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। यहां पर उम्मीद से ज्यादा अध्यापक मिले हैं। स्कूल में बायोलॉजी का एक अध्यापक था, अब दो हो गए हैं। फिजिक्स और केमिस्ट्री विषय के भी एक-एक अध्यापक थे, अब दो-दो मिल गए हैं। अंग्रेजी के पहले दो अध्यापक थे, अब तीन हो गए हैं। इसके अलावा साइकोलॉजी और इकोनोमिक्स विषय के भी एक-एक अध्यापक मिले हैं।
जिले में शिक्षकों के ये पद हैं स्वीकृत
शिक्षक स्वीकृत पद कार्यरत अतिथि कार्यरत
जेबीटी 2110 1646 367
मास्टर 1568 883 282
मौलिक मुख्य अध्यापक 233 170 0
प्राध्यापक 1734 1096 68
मुख्य अध्यापक 49 10 0
प्रिंसिपल 105 34 0
(नोट: यह आंकड़ा ट्रांसफर आदेश से पहले का है)
जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की स्थिति
कक्षा विद्यार्थी
पहली से पांचवीं 44110
छठी से आठवीं 26502
नौंवी से बारहवीं 28928
कोट
अव्यवहारिक रेशनलाइजेशन के कारण तबादलों के बाद बहुत से स्कूलों में अध्यापकों की कमी हो गई है। इन स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर अध्यापक उपलब्ध करवाएं जाएं। तबादले से वंचित अध्यापकों के लिए अतिशीघ्र ड्राइव चलाया जाए।
- रामेश्वर मताना, प्रदेश उपाध्यक्ष, हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन
कोट
शिक्षा विभाग द्वारा ट्रांसफर आदेश जारी करने के बाद कई स्कूलों में दिक्कत आई है। कई स्कूलों में अध्यापकों के पद खाली हो गए है और कई जगह ज्यादा भी गए हैं। अभी एक सप्ताह अध्यापकों की रिलीविंग और ज्वाइनिंग को लगेगा, इसके बाद ही स्थिति पता चल पाएगी। जहां कमी है, वहां पर व्यवस्था की जाएगी। मॉडल संस्कृति स्कूलों में जल्द ही अध्यापकों की कमी दूर होगी।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी