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जिन दस्तावेजों पर किसानों के हस्ताक्षर और अंगुठे लगे थे, वह रिकॉर्ड ही बदल दिए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Apr 2022 11:57 PM IST
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The documents on which the farmers' signatures and thumbs were affixed, only those records were changed.
गांव जांडली कलां में क्रॉप कटिंग गड़बड़झाले पर प्रतिक्रिया देते किसान। - फोटो : Fatehabad
भूना। गांव जांडली कला में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खराब फसल और क्रॉप कटिंग में गड़बड़ी के लिए बड़े स्तर पर खेल खेला गया। इस गांव के 400 किसानों ने दो हजार एकड़ में फसल का बीमा करवाया था। किसानों ने बैंक के माध्यम से प्रति एकड़ 1750 रुपये बीमा कंपनी को दिए थे। इसके बाद आई बारिश ने किसानों की फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचाया। खराब फसल का सर्वे करने के लिए कृषि अधिकारियों और बीमा कंपनी के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई।
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किसानों के मुताबिक सर्वे में 80 फीसदी नुकसान दिखाया गया था। हालांकि बाद में कृषि विभाग और बीमा कंपनियों के अधिकारियों ने मिलीभगत कर सारा रिकॉर्ड ही बदल दिया। किसानों का आरोप है कि जिन दस्तावेजों पर उनके अंगुठे एवं हस्ताक्षर हुए थे, उन्हें पूरी तरह से बदल दिया गया। फिलहाल भूना पुलिस ने डीसी के आदेश पर कृषि विभाग के चार अधिकारियों और बीमा कंपनी के तीन कर्मचारियों सहित सात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस जांच में सामने आएगा कि इस गड़बड़झाले के तार किस स्तर पर जुड़े हुए थे।
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क्रॉप कटिंग में पूरे गांव की 23 मण प्रति एकड़ एवरेज निकाली
गांव जांडली कला के किसान एवं पूर्व सरपंच दलबीर सिंह, मास्टर रणवीर सिंह ने बताया कि कृषि विभाग एवं बीमा कंपनी के लोगों ने मिलीभगत करके क्रॉप कटिंग में पुराना सर्वे रिकॉर्ड बदला। किसान दलबीर सिंह का आरोप है कि प्रथम क्रॉप कटिंग किसान सुरेश जागलान के खेत में दिखाई गई। जिन के खेत में प्रति एकड़ 22 मण उत्पादन दिखाया। दूसरी क्रॉप कटिंग रामप्रसाद के खेत में दिखाई गई, जहां 30 मण पैदावार दर्ज की, जबकि तीसरी क्रॉप कटिंग रामपाल के खेत में दर्ज की गई। यहां प्रति एकड़ 32 मण पैदावार दिखाई। चौथी क्रॉप कटिंग शमशेर सिंह के खेत में हुई, जहां 28 मण फसल उत्पादन दिखाया गया। इसलिए कृषि विभाग व बीमा कंपनियों की सर्वे टीम ने फर्जी तरीके से किए गए रिकॉर्ड में ऑल ओवर 23 मण प्रति एकड़ की एवरेज निकाल दी। यह क्रॉप कटिंग मात्र कागजों तक सीमित थी, धरातल पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। चौथी क्रॉप कटिंग वास्तव में नारायणी देवी के खेत में होनी थी। इसलिए कृषि विभाग व बीमा कंपनी के सर्वे में शामिल लोग अपने फर्जीवाडे़ में स्वयं फंस गए।
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चार मण से ज्यादा नहीं हुई फसल
जांडली कलां के पूर्व सरपंच दलबीर सिंह, पूर्व सरपंच ईश्वर सिंह व मास्टर रणवीर सिंह ने बताया कि जांडली कला के किसानों को अपने खेतों में बारिश के साथ खराब हुई फसल के बाद चार मण से भी अधिक कहीं भी पैदावार नहीं मिली। कई किसानों को खड़ी फसल के पौधों को जमीन में ही रौंदना पड़ा था।
ब्लॉक कृषि अधिकारी का मोबाइल का स्विच ऑफ
गांव जांडली कला में क्रॉप कटिंग के गड़बड़झाले से संबंधित कृषि विभाग के ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर कृष्ण कुमार से संपर्क किया गया, तो उनका मोबाइल नंबर बंद आ रहा था।

कोट
डिप्टी कमिश्नर के लिखित आदेश पत्र के बाद पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देश पर क्रॉप कटिंग गड़बड़झाले में सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
-कुलदीप सिंह, थानाध्यक्ष
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