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खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के धरने से केंद्र सरकार को हो रहा फायदा : टिकैत
Sat, 04 Jan 2025 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 04 Jan 2025 11:06 PM IST
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टोहाना (फतेहाबाद)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि इस बार जब आंदोलन होगा और किसान दिल्ली की ओर कूच करेंगे तो दिल्ली को अंदर से घेरने के बजाय केएमपी को घेरा जाएगा। इससे दिल्ली चारों ओर से जाम हो सकेगी। फिलहाल आंदोलन का समय निर्धारित नहीं किया गया है। किसानों की पंचायत जारी रहेगी और जब भी किसान आंदोलन होगा तो किसानों को सूचना मिल जाएगी।
राकेश टिकैत शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले टोहाना की एडिशनल अनाज मंडी में आयोजित की गई महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। जिसमें केंद्र सरकार की नई कृषि नीति का भी विरोध किया गया। टिकैत ने कहा कि सरकार एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के नाम पर किसानों को बेवकूफ बना रही है। हरियाणा सरकार किसानों को उन फसलों की एमएसपी देने की बात कहते हैं, जिनकी यहां पैदावार ही नहीं होती।
मीडिया से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर जो किसानों का धरना चल रहा है, उससे केंद्र सरकार को फायदा हो रहा है। इससे पंजाब सरकार की छवि खराब हो रही है और सड़क जाम होने से सिख समाज के कुछ लोग इस धरने से नाराज हैं। टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि यह धरना लंबा चलता रहे। किसानों के दो फाड़ होने के सवाल पर टिकैत ने कहा कि किसान अलग-अलग तरीके से अपना आंदोलन कर रहे हैं। करीब 700 किसान संगठन पूरे देश में है, और वह सभी लगे हुए हैं।
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उग्राहा गुट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह ने कहा कि सबको एकजुट होकर रहना होगा। किसान आंदोलन को तोड़ने का प्रयास करेगी। अब हम सरकार से एमएसपी लागू करने की अपील नहीं करेंगे बल्कि चुनौती देंगे कि इसे देशभर में लागू ही करना पड़ेगा।
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कुछ लोग आंदोलन व संगठन को तोड़ने की कोशिश कर रहे
टिकैत ने कहा कि हम सभी को दोबारा फिर से एकजुट होना पड़ेगा क्योंकि 4 साल पहले 22 जनवरी 2021 को केंद्र सरकार से संयुक्त किसान मोर्चा की बातचीत हुई थी। उसके बाद चार साल बीत गए, लेकिन सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है। कुछ लोग बहकाने का कार्य कर रहे हैं, हमारे आंदोलन व संगठनों को तोड़ने का काम कर रहे हैं। ये लोग सरकार के बहकावे में आकर संगठन को तोड़कर नई जत्थेबंदियां खड़ी करने का काम करेंगे। हमारा संयुक्त किसान मोर्चा एक ही है, हमारी अपने 40 लीडरों पर ही आस्था है। हम एकजुट होंगे तो हमारी जीत होगी। महापंचायत को घासीराम नैन गुट की किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र नैन, डाॅ. दर्शन पाल, कृष्ण प्रसाद, रमिंदर पटियाला, मनजीत सिंह धनेर, सुखदेव जम्मू, आर वेंकैया, सत्यवान, सुरेश कोथ, बलदेव निहालगढ़, इंद्रजीत सिंह, अमरीक सिंह, किरण जीत शेखों, विकास सीसर, रुलदू सिंह मानसा, प्रेम सिंह गहलावत, कर्मजीत सिंह, बाबा गुरदीप सिंह, सूबेदार रणबीर मलिक, जगमती सांगवान सहित कई किसान नेताओं ने संबोधित किया। मंच संचालन लाभ सिंह ने किया।
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24 व 25 जनवरी को दिल्ली में होगी बड़ी बैठक
किसान नेता जोगिंद्र नैन ने बताया कि 9 जनवरी को पंजाब के मोगा में महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 24 व 25 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में होगी। उस बैठक में आगामी रणनीति बनाई जाएगी ताकि सरकार उनकी मांग को पूरा करें।
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राकेश टिकैत शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले टोहाना की एडिशनल अनाज मंडी में आयोजित की गई महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। जिसमें केंद्र सरकार की नई कृषि नीति का भी विरोध किया गया। टिकैत ने कहा कि सरकार एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के नाम पर किसानों को बेवकूफ बना रही है। हरियाणा सरकार किसानों को उन फसलों की एमएसपी देने की बात कहते हैं, जिनकी यहां पैदावार ही नहीं होती।
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मीडिया से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर जो किसानों का धरना चल रहा है, उससे केंद्र सरकार को फायदा हो रहा है। इससे पंजाब सरकार की छवि खराब हो रही है और सड़क जाम होने से सिख समाज के कुछ लोग इस धरने से नाराज हैं। टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि यह धरना लंबा चलता रहे। किसानों के दो फाड़ होने के सवाल पर टिकैत ने कहा कि किसान अलग-अलग तरीके से अपना आंदोलन कर रहे हैं। करीब 700 किसान संगठन पूरे देश में है, और वह सभी लगे हुए हैं।
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उग्राहा गुट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह ने कहा कि सबको एकजुट होकर रहना होगा। किसान आंदोलन को तोड़ने का प्रयास करेगी। अब हम सरकार से एमएसपी लागू करने की अपील नहीं करेंगे बल्कि चुनौती देंगे कि इसे देशभर में लागू ही करना पड़ेगा।
कुछ लोग आंदोलन व संगठन को तोड़ने की कोशिश कर रहे
टिकैत ने कहा कि हम सभी को दोबारा फिर से एकजुट होना पड़ेगा क्योंकि 4 साल पहले 22 जनवरी 2021 को केंद्र सरकार से संयुक्त किसान मोर्चा की बातचीत हुई थी। उसके बाद चार साल बीत गए, लेकिन सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है। कुछ लोग बहकाने का कार्य कर रहे हैं, हमारे आंदोलन व संगठनों को तोड़ने का काम कर रहे हैं। ये लोग सरकार के बहकावे में आकर संगठन को तोड़कर नई जत्थेबंदियां खड़ी करने का काम करेंगे। हमारा संयुक्त किसान मोर्चा एक ही है, हमारी अपने 40 लीडरों पर ही आस्था है। हम एकजुट होंगे तो हमारी जीत होगी। महापंचायत को घासीराम नैन गुट की किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र नैन, डाॅ. दर्शन पाल, कृष्ण प्रसाद, रमिंदर पटियाला, मनजीत सिंह धनेर, सुखदेव जम्मू, आर वेंकैया, सत्यवान, सुरेश कोथ, बलदेव निहालगढ़, इंद्रजीत सिंह, अमरीक सिंह, किरण जीत शेखों, विकास सीसर, रुलदू सिंह मानसा, प्रेम सिंह गहलावत, कर्मजीत सिंह, बाबा गुरदीप सिंह, सूबेदार रणबीर मलिक, जगमती सांगवान सहित कई किसान नेताओं ने संबोधित किया। मंच संचालन लाभ सिंह ने किया।
24 व 25 जनवरी को दिल्ली में होगी बड़ी बैठक
किसान नेता जोगिंद्र नैन ने बताया कि 9 जनवरी को पंजाब के मोगा में महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 24 व 25 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में होगी। उस बैठक में आगामी रणनीति बनाई जाएगी ताकि सरकार उनकी मांग को पूरा करें।