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Fatehabad News: तीन लाख रुपये में बिकी थारपारकर नस्ल की गाय
Fri, 25 Sep 2026 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 25 Sep 2026 10:54 PM IST
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समैन। गांव गाजूवाला में तीन लाख रुपये में बिकी थारपारकर नस्ल की गाय ‘चाहत’’ के साथ पशुपालक विजय
समैन। गांव गाजूवाला के पूर्व सरपंच विजय हरिपाल की थारपारकर नस्ल की गाय चाहत तीन लाख रुपये में बिकी है। इसे महाराष्ट्र के पशुपालक विट्ठल मौर्य ने खरीदा है।
विजय हरिपाल ने बताया कि वह वर्ष 2020 से थारपारकर नस्ल की गायों का पालन कर रहे हैं। उनके अनुसार यह देशी नस्ल की उच्च गुणवत्ता वाली गाय मानी जाती है। इसका दूध पौष्टिक माना जाता है। राजस्थान में पाई जाने वाली थारपारकर नस्ल की गाय गर्म जलवायु को सहन करने में सक्षम मानी जाती है और सामान्य देशी नस्लों की तुलना में अच्छा दुग्ध उत्पादन देती है।
उन्होंने बताया कि बेची गई गाय चाहत की मां केसर हैं जबकि उनके पास उसकी तीन बेटियां लक्ष्मी, कृष्णा और क्रांति भी हैं। विजय हरिपाल के अनुसार पशुपालकों और किसानों के लिए उन्नत देशी नस्ल की गायों का पालन आय का अच्छा साधन बन सकता है। उनके परिवार में लंबे समय से गाय पालन किया जा रहा है।
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विजय हरिपाल ने बताया कि वह वर्ष 2020 से थारपारकर नस्ल की गायों का पालन कर रहे हैं। उनके अनुसार यह देशी नस्ल की उच्च गुणवत्ता वाली गाय मानी जाती है। इसका दूध पौष्टिक माना जाता है। राजस्थान में पाई जाने वाली थारपारकर नस्ल की गाय गर्म जलवायु को सहन करने में सक्षम मानी जाती है और सामान्य देशी नस्लों की तुलना में अच्छा दुग्ध उत्पादन देती है।
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उन्होंने बताया कि बेची गई गाय चाहत की मां केसर हैं जबकि उनके पास उसकी तीन बेटियां लक्ष्मी, कृष्णा और क्रांति भी हैं। विजय हरिपाल के अनुसार पशुपालकों और किसानों के लिए उन्नत देशी नस्ल की गायों का पालन आय का अच्छा साधन बन सकता है। उनके परिवार में लंबे समय से गाय पालन किया जा रहा है।
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