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Fatehabad News: जिले में 24 घंटे में 17 जगह जलाई पराली, धुआं-धुआं हुआ आसमान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Oct 2023 10:03 PM IST
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Stubble burnt at 17 places in 24 hours in the district, sky filled with smoke
भूना में पराली जलने की सूचना मिलने पर आग बुझाने पहुंचे कृषि अधिकारी।
फतेहाबाद। जिले में 24 घंटे में 17 जगह पराली जलाई गई। मंगलवार रात को 12 स्थानों की हरसेक ने फायर लोकेशन भेजी हैं। वहीं बुधवार को दिन में पांच स्थानों पर फायर लोकेशन आई हैं। इसके अलावा पांच शिकायतें कृषि विभाग को मिली हैं। मंगलवार रात को जली पराली से फतेहाबाद में बुधवार सुबह देखने आसमान में धुआं छाया रहा।
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फतेहाबाद जिले में हरसेक अब तक 128 फायर लोकेशन कृषि विभाग को दे चुका है। सबसे अधिक फायर लोकेशन टोहाना व भूना क्षेत्र में आ रही हैं। इनमें 25 ऐसी फायर लोकेशन भी हैं, जो फेक पाई गई। मंगलवार रात को 12 स्थानों पर फायर लोकेशन मिली हैं तो बुधवार को शाम तक पांच स्थानों की लोकेशन आई हैं। इनमें तीन टोहाना से व दो भूना से हैं। कृषि विभाग अब तक 91 किसानों को दो लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना लगा चुका है। इसके अलावा किसानों पर कार्रवाई के लिए कोई अन्य कदम नहीं उठाया जा रहा है। प्रशासन केवल अधिकारियों व कर्मचारियों के भरोसे ही आगजनी पर रोक लगवाने में जुटा है।
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सुबह एक्यूआई पहुंचा 200 के पार
मंगलवार रात को जले अवशेषों का असर जिले में बुधवार सुबह देखा गया। सुबह साढ़े 10 बजे तक फतेहाबाद में एक्यूआई 200.1 आंका गया, जिससे सुबह सड़कों पर धुआं साफ दिखाई दे रहा था। दोपहर को हालांकि एक्यूआई 150 पर आया, लेकिन शाम ढलते ही छह बजे तक एक्यूआई का स्तर 176 तक पहुंच गया।
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उपायुक्त ने दूसरी बार ली अधिकारियों की बैठक
जिले में पराली अवशेष जलने के मामलोें में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने दूसरी बार अधिकारियों की बैठक ली है। बैठक में उन्होंने कहा कि भूना स्थित ज्योति पॉवर प्लांट व अन्य जिन फैक्टरियों में पराली का प्रयोग किया जा रहा है और जहां-जहां जरूरत है, वहां का पूरा विवरण लेकर किसानों को भी अवगत करवाएं ताकि वे पराली बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति को और ज्यादा मजबूत कर सकें। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य व जिला भिवानी, जींद व पानीपत आदि अन्य जिलों की फैक्ट्रियों में पराली की खपत है, वहां से भी शैलरों से संपर्क कर पराली भिजवाना सुनिश्चित किया जाए।


कोट
पराली जलाने से बढ़ता प्रदूषण बेहद चिंता का विषय है और प्रदूषित व जहरीली हवा मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पशुओं के लिए भी घातक है। इस हालात से निपटने के लिए हम सब को सामूहिक प्रयास करने होंगे। पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश के लिए पंचायती राज संस्थाओं समेत किसानों व अन्य ग्रामीणों का सहयोग अपेक्षित है।
-अजय तोमर, डीसी फतेहाबाद।
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