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स्टाफ नर्स नहीं बता पाई किस डस्टबिन में डालना है बायोवेस्ट
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में निरीक्षण करती हुई टीम।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। कायाकल्प अवॉर्ड 2022-23 को लेकर मंगलवार को नागरिक अस्पताल फतेहाबाद का निरीक्षण करने के लिए जींद से डॉक्टरों की टीम पहुंची। टीम ने इमरजेंसी वार्ड से अस्पताल का निरीक्षण शुरू किया तो प्रत्येक विभाग में कमियां मिलीं। इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ नर्स ये तक नहीं बता पाई कि बायोवेस्ट कौन से डस्टबिन में डाला जाना है। वार्ड में मास्क सही ढंग से न लगाने पर भी खिंचाई की गई। टीम ने इमरजेंसी वार्ड के बाहर रखे स्ट्रेचर पर चद्दर न होने पर भी जवाब तलब किया।
बता दें कि कायाकल्प टीम के निरीक्षण को लेकर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति रही। हालांकि निरीक्षण देरी से शुरू होने के कारण टीम मरीजों का सही ढंग से फीडबैक नहीं ले पाई। टीम ने अस्पताल के लेबर रूम, जच्चा-बच्चा वार्ड, मेल वार्ड का भी निरीक्षण किया। डॉक्टरों की टीम के साथ नागरिक अस्पताल का स्टाफ भी साथ रहा। टीम इमरजेंसी वार्ड से बाहर निकली तो शौचालय के बाहर ही डस्टबिन रखे मिले। इस पर टीम ने स्टाफ को कहा कि डस्टबिन रखने की व्यवस्था होनी चाहिए, ऐसे कहीं भी रख देंगे। टीम ने महिला शौचालय में सेनिटाइजर और साबुन न होने का भी कारण पूछा लेकिन कर्मचारी कोई जवाब नहीं दे पाए। जच्चा-बच्चा वार्ड में तीमारदारों की भीड़ पर, पूछा कि इंफेक्शन हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा।
निरीक्षण करने आई टीम में पीएचसी दरियावाला के एमओ डॉ. सूरज प्रकाश, सीएचसी अलेवा से एमओ डॉ. भूवनेश और सीएचसी कंडेला से डॉ. अनू शामिल रहीं।
लटकती तारों को तो ठीक करवाने और दवा स्टोर में सुधार करने के निर्देश
नागरिक अस्पताल में बिजली और इंटरनेट की तारें लटकती मिलने पर स्टाफ को ठीक करवाने के निर्देश दिए। टीम सदस्यों ने कहा कि अस्पताल में कोई भी तार लटकती हुई नहीं होनी चाहिए। सिरसा से आई टीम ने भी लटकती तारों को लेकर नाराजगी दिखाई थी। नागरिक अस्पताल में सीढ़ियों के नीचे बने दवा स्टोर को लेकर निरीक्षण के दौरान टीम संतुष्ट नहीं दिखी। स्टोर में दवाई सही ढंग से न रखे जाने पर स्टाफ से जवाब तलब किया। टीम ने पूछा कि दीवार पर लगे फाइव एस चार्ट का क्या मतलब है। लेकिन दवा स्टोर के अधिकारी फाइव एस चार्ट का मतलब नहीं बता पाए।
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सिरसा से आई टीम ने किया बड़ोपल सीएचसी निरीक्षण
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ोपल का भी कायाकल्प अवार्ड को लेकर निरीक्षण किया गया। सिरसा से डॉक्टर अमनदीप ने निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल के कोल्ड चेन रूम, लेबर रूम, डिस्पेंसरी का निरीक्षण किया और मरीजों से भी फीडबैक लिया।
70 फीसदी अंक जरूरी, तभी मिलेगा अवॉर्ड
स्वास्थ्य केंद्रों की हालत सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कायाकल्प योजना शुरू की गई है। योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग पहले अस्पताल स्तर फिर अंतर जिला और उसके बाद प्रदेश स्तर पर टीम भेजकर आंकलन करवाता है। आंकलन में 70 फीसदी अंक जरूरी है। अगर किसी स्वास्थ्य केंद्र के 70 फीसदी अंक मिलते है तो उसे कायाकल्प अवॉर्ड के तहत राशि मिलती है।
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बता दें कि कायाकल्प टीम के निरीक्षण को लेकर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति रही। हालांकि निरीक्षण देरी से शुरू होने के कारण टीम मरीजों का सही ढंग से फीडबैक नहीं ले पाई। टीम ने अस्पताल के लेबर रूम, जच्चा-बच्चा वार्ड, मेल वार्ड का भी निरीक्षण किया। डॉक्टरों की टीम के साथ नागरिक अस्पताल का स्टाफ भी साथ रहा। टीम इमरजेंसी वार्ड से बाहर निकली तो शौचालय के बाहर ही डस्टबिन रखे मिले। इस पर टीम ने स्टाफ को कहा कि डस्टबिन रखने की व्यवस्था होनी चाहिए, ऐसे कहीं भी रख देंगे। टीम ने महिला शौचालय में सेनिटाइजर और साबुन न होने का भी कारण पूछा लेकिन कर्मचारी कोई जवाब नहीं दे पाए। जच्चा-बच्चा वार्ड में तीमारदारों की भीड़ पर, पूछा कि इंफेक्शन हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा।
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निरीक्षण करने आई टीम में पीएचसी दरियावाला के एमओ डॉ. सूरज प्रकाश, सीएचसी अलेवा से एमओ डॉ. भूवनेश और सीएचसी कंडेला से डॉ. अनू शामिल रहीं।
लटकती तारों को तो ठीक करवाने और दवा स्टोर में सुधार करने के निर्देश
नागरिक अस्पताल में बिजली और इंटरनेट की तारें लटकती मिलने पर स्टाफ को ठीक करवाने के निर्देश दिए। टीम सदस्यों ने कहा कि अस्पताल में कोई भी तार लटकती हुई नहीं होनी चाहिए। सिरसा से आई टीम ने भी लटकती तारों को लेकर नाराजगी दिखाई थी। नागरिक अस्पताल में सीढ़ियों के नीचे बने दवा स्टोर को लेकर निरीक्षण के दौरान टीम संतुष्ट नहीं दिखी। स्टोर में दवाई सही ढंग से न रखे जाने पर स्टाफ से जवाब तलब किया। टीम ने पूछा कि दीवार पर लगे फाइव एस चार्ट का क्या मतलब है। लेकिन दवा स्टोर के अधिकारी फाइव एस चार्ट का मतलब नहीं बता पाए।
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सिरसा से आई टीम ने किया बड़ोपल सीएचसी निरीक्षण
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ोपल का भी कायाकल्प अवार्ड को लेकर निरीक्षण किया गया। सिरसा से डॉक्टर अमनदीप ने निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल के कोल्ड चेन रूम, लेबर रूम, डिस्पेंसरी का निरीक्षण किया और मरीजों से भी फीडबैक लिया।
70 फीसदी अंक जरूरी, तभी मिलेगा अवॉर्ड
स्वास्थ्य केंद्रों की हालत सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कायाकल्प योजना शुरू की गई है। योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग पहले अस्पताल स्तर फिर अंतर जिला और उसके बाद प्रदेश स्तर पर टीम भेजकर आंकलन करवाता है। आंकलन में 70 फीसदी अंक जरूरी है। अगर किसी स्वास्थ्य केंद्र के 70 फीसदी अंक मिलते है तो उसे कायाकल्प अवॉर्ड के तहत राशि मिलती है।

कायाकल्प अवॉर्ड को लेकर जींद से आई टीम अस्पताल का निरीक्षण करते हुए।- फोटो : Fatehabad