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Fatehabad News: सरपंच परमजीत कौर निलंबित, पंचायत फंड के दुरुपयोग का आरोप
Thu, 26 Jun 2025 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 26 Jun 2025 11:31 PM IST
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भूना। ग्राम पंचायत बुवान की सरपंच परमजीत कौर को पंचायत फंड के दुरुपयोग के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उपायुक्त मनदीप कौर ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51 (1)(बी) के तहत यह कार्रवाई की है।
उपायुक्त ने परमजीत कौर को धारा 51 (2) के तहत पंचायत की किसी भी कार्यवाही में भाग लेने से भी रोक दिया गया है। सरपंच पर आरोप है कि नशे के विरुद्ध निकाली गई साइकिल यात्रा के लिए झूठे बिल लगाए। इस यात्रा में दो डीएसपी, अन्य अधिकारी और कई गांवों के लोग शामिल हुए थे। गांव बुवान से भी बड़ी संख्या में लोग इस यात्रा में शामिल हुए थे।
ग्राम पंचायत बुवान ने इन लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था की थी। इस पर बतरा स्वीट्स बुवान का बिल पंचायत फंड से चेक से किया गया है। पंचायत का कहना है कि यह भुगतान नियमों के तहत सर्वसम्मति से किया गया। इसके अलावा सरपंच पर शपथ समारोह के दौरान टैंट के झूठे बिल लगाने और वकील को तय फीस से अधिक भुगतान करने के भी आरोप हैं। इन सभी मामलों में पंचायत फंड का दुरुपयोग किया गया।
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इन आरोपों के चलते उपायुक्त ने 9 मई 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके जवाब में 14 मई 2025 को सरपंच परमजीत कौर को निजी सुनवाई का अवसर दिया गया। वह पेश तो हुईं, लेकिन कोई लिखित दस्तावेज या सबूत पेश नहीं कर सकीं, जिससे आरोप खारिज हो पाते। उपायुक्त ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी भूना को निर्देश दिए गए हैं कि यदि सरपंच के पास पंचायत की कोई चल या अचल संपत्ति हो तो उसे कब्जे में लिया जाए।
16 सितंबर 2024 को भी किया गया था निलंबित, 2 अक्तूबर को कर दिया था बहाल
सरपंच परमजीत कौर को पंचायती जोहड़ पर अवैध कब्जे के मामले में 16 सितंबर 2024 को भी उपायुक्त मनदीप कौर ने निलंबित कर दिया था। हालांकि इसमें सरपंच का कोई भी कसूर नहीं था, मगर फिर भी उन्हें बलि का बकरा बनाया गया। परंतु उपायुक्त मनदीप कौर ने मात्र 15 दिन बाद ही उन्हें बहाल कर दिया। सरपंच परमजीत कौर ने कहा कि अब भी उनका कोई कसर नहीं है। प्रशासनिक स्तर पर नशामुक्ति यात्रा के लिए लोगों व अधिकारियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी। सामान खरीदने वाले को सीधे चेक दिए गए हैं, मगर फिर भी उन्हें निलंबित किया गया है। वह आज भी बेकसूर हैं। उसने एक पैसे की भी गडबड़ी नहीं की है। निर्दोष होने के बाद उनको दोषी बनाया जा रहा है।
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उपायुक्त ने परमजीत कौर को धारा 51 (2) के तहत पंचायत की किसी भी कार्यवाही में भाग लेने से भी रोक दिया गया है। सरपंच पर आरोप है कि नशे के विरुद्ध निकाली गई साइकिल यात्रा के लिए झूठे बिल लगाए। इस यात्रा में दो डीएसपी, अन्य अधिकारी और कई गांवों के लोग शामिल हुए थे। गांव बुवान से भी बड़ी संख्या में लोग इस यात्रा में शामिल हुए थे।
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ग्राम पंचायत बुवान ने इन लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था की थी। इस पर बतरा स्वीट्स बुवान का बिल पंचायत फंड से चेक से किया गया है। पंचायत का कहना है कि यह भुगतान नियमों के तहत सर्वसम्मति से किया गया। इसके अलावा सरपंच पर शपथ समारोह के दौरान टैंट के झूठे बिल लगाने और वकील को तय फीस से अधिक भुगतान करने के भी आरोप हैं। इन सभी मामलों में पंचायत फंड का दुरुपयोग किया गया।
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इन आरोपों के चलते उपायुक्त ने 9 मई 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके जवाब में 14 मई 2025 को सरपंच परमजीत कौर को निजी सुनवाई का अवसर दिया गया। वह पेश तो हुईं, लेकिन कोई लिखित दस्तावेज या सबूत पेश नहीं कर सकीं, जिससे आरोप खारिज हो पाते। उपायुक्त ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी भूना को निर्देश दिए गए हैं कि यदि सरपंच के पास पंचायत की कोई चल या अचल संपत्ति हो तो उसे कब्जे में लिया जाए।
16 सितंबर 2024 को भी किया गया था निलंबित, 2 अक्तूबर को कर दिया था बहाल
सरपंच परमजीत कौर को पंचायती जोहड़ पर अवैध कब्जे के मामले में 16 सितंबर 2024 को भी उपायुक्त मनदीप कौर ने निलंबित कर दिया था। हालांकि इसमें सरपंच का कोई भी कसूर नहीं था, मगर फिर भी उन्हें बलि का बकरा बनाया गया। परंतु उपायुक्त मनदीप कौर ने मात्र 15 दिन बाद ही उन्हें बहाल कर दिया। सरपंच परमजीत कौर ने कहा कि अब भी उनका कोई कसर नहीं है। प्रशासनिक स्तर पर नशामुक्ति यात्रा के लिए लोगों व अधिकारियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी। सामान खरीदने वाले को सीधे चेक दिए गए हैं, मगर फिर भी उन्हें निलंबित किया गया है। वह आज भी बेकसूर हैं। उसने एक पैसे की भी गडबड़ी नहीं की है। निर्दोष होने के बाद उनको दोषी बनाया जा रहा है।