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Fatehabad News: हेपेटाइटिस सी और बी के मरीजों की सैंपलिंग 30 दिन से बंद, इंतजार में 366 मरीज
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फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी और बी के मरीज जिले में बढ़ रहे हैं। लेकिन यहां जिला मुख्यालय में सैंपल जांच की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंबाला के सरकारी अस्पताल में सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे थे। लेकिन करीब एक माह से सैंपल बंद है। अंबाला स्वास्थ्य विभाग जांच किट न होने का हवाला देकर मनाकर चुका है। इसके चलते जिले में हेपेटाइटिस सी और बी के 366 मरीज सैंपलिंग शुरू होने के इंतजार में हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि अगले सप्ताह से अंबाला में दोबारा से सैंपल भेजे जाने की सुविधा शुरू हो सकती है।
फिलहाल जिले में एक माह से सैंपल बंद होने से हेपेटाइटिस सी के 329 और बी के 37 मरीज वेटिंग में हैं। जिले में रतिया, टोहाना, जाखल क्षेत्र के मरीजों के अलावा पंजाब से भी मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वर्ष 2022 तक विभाग द्वारा हेपेटाइटिस सी और बी के मरीजों के सैंपलों की जांच निजी लैब में करवाई जा रही थी। इसको लेकर अनुबंध खत्म होने के बाद आरटीपीसीआर लैब में शुरू करने के निर्देश दिए गए। लेकिन यहां 6 माह तक ही सैंपलों की जांच हुई और माइक्रोबायोलॉजिस्ट न होने से बंद कर दिए गए। इसके बाद सिरसा और फिर रोहतक पीजीआई में सैंपल भेजे गए। लेकिन यहां भी मना कर दिया गया।
जिले में ये है हेपेटाइटिस मरीजों की स्थिति
जिला अस्पताल में शुरू हुआ उपचार : वर्ष 2017
जिले में हेपेटाइटिस सी के पॉजिटिव मिल चुके मरीज : 5850
हेपेटाइटिस बी के पॉजिटिव मिल चुके मरीज : 90
तीन से छह माह खानी होती है दवा
डॉक्टरों के मुताबिक हेपेटाइटिस सी के मरीजों को तीन माह दवा खानी होती है। जिन मरीजों का लीवर खराब हो जाता है, उन मरीजों का 6 महीने दवाई दी जाती है। जिन मरीजों का उपचार पूरा हो गया है, उन्हें हेपेटाइटिस-सी का कार्ड टेस्ट दोबारा करवाने की जरूरत नहीं है, कार्ड टेस्ट 15 साल तक पॉजिटिव रह सकता है। बता दें कि हेपेटाइटिस सी को लेकर जिला रेड जोन में शामिल रह चुका है। रतिया में सर्वे के दौरान करीब 15 सौ मरीज सामने आए और बढ़ते चले गए। जिला मुख्यालय पर उपचार शुरू हुआ तो जांच में करीब पांच हजार से ज्यादा मरीज पाए जा चुके हैं।
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कोट
हेपेटाइटिस सी और बी के मरीजों के सैंपल जांच के लिए अंबाला में भेजे जा रहे थे। लेकिन वहां सामान खत्म होने के कारण बंद किया गया है। वहां के अधिकारियों से बात हुई है। अगले सप्ताह मंगलवार को सैंपल लेकर बुधवार को भेजे जाएंगे।
-डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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फिलहाल जिले में एक माह से सैंपल बंद होने से हेपेटाइटिस सी के 329 और बी के 37 मरीज वेटिंग में हैं। जिले में रतिया, टोहाना, जाखल क्षेत्र के मरीजों के अलावा पंजाब से भी मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वर्ष 2022 तक विभाग द्वारा हेपेटाइटिस सी और बी के मरीजों के सैंपलों की जांच निजी लैब में करवाई जा रही थी। इसको लेकर अनुबंध खत्म होने के बाद आरटीपीसीआर लैब में शुरू करने के निर्देश दिए गए। लेकिन यहां 6 माह तक ही सैंपलों की जांच हुई और माइक्रोबायोलॉजिस्ट न होने से बंद कर दिए गए। इसके बाद सिरसा और फिर रोहतक पीजीआई में सैंपल भेजे गए। लेकिन यहां भी मना कर दिया गया।
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जिले में ये है हेपेटाइटिस मरीजों की स्थिति
जिला अस्पताल में शुरू हुआ उपचार : वर्ष 2017
जिले में हेपेटाइटिस सी के पॉजिटिव मिल चुके मरीज : 5850
हेपेटाइटिस बी के पॉजिटिव मिल चुके मरीज : 90
तीन से छह माह खानी होती है दवा
डॉक्टरों के मुताबिक हेपेटाइटिस सी के मरीजों को तीन माह दवा खानी होती है। जिन मरीजों का लीवर खराब हो जाता है, उन मरीजों का 6 महीने दवाई दी जाती है। जिन मरीजों का उपचार पूरा हो गया है, उन्हें हेपेटाइटिस-सी का कार्ड टेस्ट दोबारा करवाने की जरूरत नहीं है, कार्ड टेस्ट 15 साल तक पॉजिटिव रह सकता है। बता दें कि हेपेटाइटिस सी को लेकर जिला रेड जोन में शामिल रह चुका है। रतिया में सर्वे के दौरान करीब 15 सौ मरीज सामने आए और बढ़ते चले गए। जिला मुख्यालय पर उपचार शुरू हुआ तो जांच में करीब पांच हजार से ज्यादा मरीज पाए जा चुके हैं।
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हेपेटाइटिस सी और बी के मरीजों के सैंपल जांच के लिए अंबाला में भेजे जा रहे थे। लेकिन वहां सामान खत्म होने के कारण बंद किया गया है। वहां के अधिकारियों से बात हुई है। अगले सप्ताह मंगलवार को सैंपल लेकर बुधवार को भेजे जाएंगे।
-डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल