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रतिया की एजेंसियों ने फतेहाबाद मंडी में शुरू की खरीद
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अनाज मंडी में धान की बोरियां भरने के काम में लगे मजदूर।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। फतेहाबाद की अनाज मंडी में उपायुक्त की अनुमति मिलने के बाद रतिया की एजेंसियों ने भी खरीद शुरू कर दी है। पहले दिन दो एजेंसियों ने खरीद की। इससे जिला मुख्यालय स्थित अनाज मंडी में खरीद एजेंसियों की संख्या बढ़ी है। किसानों को भी उम्मीद जगी है कि उनकी फसल थोड़ी जल्दी बिकेगी। वहीं, उठान प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई है।
इसके अलावा मंगलवार को डीएपी संकट से जूझ रहे किसानों को थोड़ी राहत मिली। टोहाना में 2500 बैग जबकि रतिया में 1310 बैग डीएपी वितरित की गई। हालांकि, किसानों को परमल धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने में अभी भी दिक्कत आ रही है। मंगलवार को कई किसानों की फसल 1960 के एमएसपी की बजाय 1880 रुपये में खरीदी गई।
अब तक तीन लाख 70 हजार मीट्रिक टन धान की हुई खरीद
जिले की विभिन्न मंडियों व खरीद केंद्रों में अब तक तीन लाख 70 हजार 634 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है जबकि 2 लाख 77 हजार 739 मीट्रिक टन धान की फसल का उठान किया जा चुका है। अब तक फूड सप्लाई ने 50 हजार 500 मीट्रिक टन, हैफेड ने एक लाख 59 हजार 191 मीट्रिक टन, एचडब्ल्यूसी ने एक लाख 60 हजार 943 मीट्रिक टन की खरीद हुई है। अभी तक दो लाख 77 हजार 739 मीट्रिक टन धान की फसल का भी उठान किया गया है, जिसमें फूड सप्लाई ने 38 हजार 40 मीट्रिक टन, हैफेड ने 1 लाख 17 हजार 761 मीट्रिक टन, एचडब्ल्यूसी ने एक लाख 21 हजार 938 मीट्रिक टन धान की फसल का उठान किया है। अब तक किसानों को 526 करोड़ 89 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 70 करोड़ 56 लाख रुपये, हैफेड द्वारा 217 करोड़ 34 लाख रुपये व हरियाणा वेयर हाउस द्वारा 238 करोड़ 99 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
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निगरानी के लिए बनाई गई टीमों ने भी किया निरीक्षण
कृषि विभाग की पुलिस अधिकारियों के साथ बनाई गई निगरानी टीमों ने भी अपने-अपने एरिया में खाद वितरण का निरीक्षण किया। हालांकि, पूरे दिन में टीम को किसी भी जगह गड़बड़ी नहीं मिली। रतिया व टोहाना में कृषि अधिकारियों की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर डीएपी का वितरण करवाया। इससे किसानों द्वारा हंगामा करने या रोष जताने जैसी स्थिति नहीं बनी।
कोट
किसान धान की फसल को सुखाकर ही मंडी में लेकर आएं ताकि बेचते समय उन्हें कोई परेशानी न हो। उठान कार्य भी लगातार चल रहा है।
संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी
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इसके अलावा मंगलवार को डीएपी संकट से जूझ रहे किसानों को थोड़ी राहत मिली। टोहाना में 2500 बैग जबकि रतिया में 1310 बैग डीएपी वितरित की गई। हालांकि, किसानों को परमल धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने में अभी भी दिक्कत आ रही है। मंगलवार को कई किसानों की फसल 1960 के एमएसपी की बजाय 1880 रुपये में खरीदी गई।
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अब तक तीन लाख 70 हजार मीट्रिक टन धान की हुई खरीद
जिले की विभिन्न मंडियों व खरीद केंद्रों में अब तक तीन लाख 70 हजार 634 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है जबकि 2 लाख 77 हजार 739 मीट्रिक टन धान की फसल का उठान किया जा चुका है। अब तक फूड सप्लाई ने 50 हजार 500 मीट्रिक टन, हैफेड ने एक लाख 59 हजार 191 मीट्रिक टन, एचडब्ल्यूसी ने एक लाख 60 हजार 943 मीट्रिक टन की खरीद हुई है। अभी तक दो लाख 77 हजार 739 मीट्रिक टन धान की फसल का भी उठान किया गया है, जिसमें फूड सप्लाई ने 38 हजार 40 मीट्रिक टन, हैफेड ने 1 लाख 17 हजार 761 मीट्रिक टन, एचडब्ल्यूसी ने एक लाख 21 हजार 938 मीट्रिक टन धान की फसल का उठान किया है। अब तक किसानों को 526 करोड़ 89 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 70 करोड़ 56 लाख रुपये, हैफेड द्वारा 217 करोड़ 34 लाख रुपये व हरियाणा वेयर हाउस द्वारा 238 करोड़ 99 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
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निगरानी के लिए बनाई गई टीमों ने भी किया निरीक्षण
कृषि विभाग की पुलिस अधिकारियों के साथ बनाई गई निगरानी टीमों ने भी अपने-अपने एरिया में खाद वितरण का निरीक्षण किया। हालांकि, पूरे दिन में टीम को किसी भी जगह गड़बड़ी नहीं मिली। रतिया व टोहाना में कृषि अधिकारियों की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर डीएपी का वितरण करवाया। इससे किसानों द्वारा हंगामा करने या रोष जताने जैसी स्थिति नहीं बनी।
कोट
किसान धान की फसल को सुखाकर ही मंडी में लेकर आएं ताकि बेचते समय उन्हें कोई परेशानी न हो। उठान कार्य भी लगातार चल रहा है।
संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी