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Fatehabad News: मरीज रेफर करना कैसे रुके, डॉक्टर सीएचसी में जाने को नहीं हो रहे तैयार
Sun, 09 Nov 2025 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 09 Nov 2025 11:13 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में जच्चा-बच्चा ओपीडी ब्लॉकसंवाद
फतेहाबाद। जिले में सरकारी अस्पतालों में गर्भवती और गंभीर शिशु के रेफर को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी स्तर पर ऑनकॉल चिकित्सक नियुक्त करके सुविधा देने की योजना बनाई, लेकिन यह तीन माह बीतने के बाद भी सिरे नहीं चढ़ रही है। दो बार आवेदन मांगने के बाद भी दो ने ही आवेदन किया है।
स्वास्थ्य विभाग ऑनकॉल विशेषज्ञ एनेस्थीसिया, शिशु रोग विशेषज्ञ और महिला रोग विशेषज्ञ को डेढ़ से दो हजार रुपये बढ़ाकर प्रति केस देने को तैयार हैं लेकिन निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ आने को तैयार नहीं हैं। हालात यह है कि डिलिवरी केस पीएचसी से सीएचसी और सीएचसी से नागरिक अस्पताल, यहां भी उपचार न मिलने पर मेडिकल कॉलेज रेफर हो रहे हैं।
विभाग ने जिले के एक उप नागरिक अस्पताल और चार सीएचसी के लिए एनेस्थीसिया, महिला रोग और शिशु रोग विशेषज्ञ के आवेदन मांगे थे।विभाग की तरफ से एनेस्थीसिया और तीन हजार, शिशु रोग विशेषज्ञ और ढाई हजार और महिला रोग विशेषज्ञ को साढ़े तीन हजार रुपये प्रति केस दिए जाने हैं। विभाग को 15 विशेषज्ञ चाहिए, लेकिन आवेदन अभी तक दो ही आए हैं। मुख्यालय से मंजूरी लेकर एनेस्थीसिया को 4500 रुपये, शिशु रोग विशेषज्ञ को 3800 रुपये और महिला रोग विशेषज्ञ को विभाग 5500 रुपये देने को तैयार हो गया। विशेषज्ञों को ये राशि मंजूर नहीं है।
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यहां रखे जाने हैं विशेषज्ञ
अस्पताल एनेस्थीसिया शिशु रोग महिला रोग
एसडीएच रतिया 1 1 1
सीएचसी भट्टूकलां 1 1 1
सीएचसी बड़ोपल 1 1 1
सीएचसी भूना 1 1 1
सीएचसी जाखल 1 1 1
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खुद का अस्पताल छोड़ जाने को नहीं तैयार
विशेषज्ञों की माने तो चार से साढ़े पांच हजार रुपये के लिए कोई भी विशेषज्ञ खुद का अस्पताल छोड़कर सीएचसी पर नहीं जाएगा। अगर विशेषज्ञ कोई केस लेता भी है तो उसे खुद के अस्पताल में केस की टेंशन रहेगी। ऐसे में वह दो जगह नहीं संभाल पाएगा।
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जिला नागरिक अस्पताल में भी पैनल पर विशेषज्ञ
जिला नागरिक अस्पताल में भी प्रशासन ने ऑनकॉल बेस पर चार महिला रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति की हुई है। हालांकि यहां पर एक स्थायी और एक एनएचएम के तहत महिला रोग विशेषज्ञ है। केस रेफर न करने पड़े इसके लिए विभाग ने नियुक्ति की हुई है। बावजूद इसके वर्ष 2024-25 में 13 फीसदी केस मेडिकल कॉलेज में रेफर हुए हैं। वहीं जो दो आवेदन आए हैं वो एक गायनी और बाल रोग विशेषज्ञ के लिए है। दोनों ने ही रतिया के लिए आवेदन किया है।
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नागरिक अस्पताल में पिछले साल ये आए डिलिवरी केस
डिलिवरी के लिए आए केस - 3911
सामान्य डिलिवरी - 2427
सिजेरियन - 953
रेफर किए गए मामले - 531
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सीएचसी में विशेषज्ञों की ऑनकॉल नियुक्ति के लिए दो बार आवेदन मांगे हैं। अभी तक दो ही ऑनकॉल विशेषज्ञ के लिए दो ही आवेदन आए हैं। इनमें एक गायनी और बाल रोग विशेषज्ञ ने आवेदन किया है। दोनों ने ही रतिया के लिए आवेदन किया है। अब विभाग को पत्र लिखा जाएगा ताकि मानदेय और बढ़ाया जा सके।
-डॉ. बुधराम, कार्यकारी सिविल सर्जन
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स्वास्थ्य विभाग ऑनकॉल विशेषज्ञ एनेस्थीसिया, शिशु रोग विशेषज्ञ और महिला रोग विशेषज्ञ को डेढ़ से दो हजार रुपये बढ़ाकर प्रति केस देने को तैयार हैं लेकिन निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ आने को तैयार नहीं हैं। हालात यह है कि डिलिवरी केस पीएचसी से सीएचसी और सीएचसी से नागरिक अस्पताल, यहां भी उपचार न मिलने पर मेडिकल कॉलेज रेफर हो रहे हैं।
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विभाग ने जिले के एक उप नागरिक अस्पताल और चार सीएचसी के लिए एनेस्थीसिया, महिला रोग और शिशु रोग विशेषज्ञ के आवेदन मांगे थे।विभाग की तरफ से एनेस्थीसिया और तीन हजार, शिशु रोग विशेषज्ञ और ढाई हजार और महिला रोग विशेषज्ञ को साढ़े तीन हजार रुपये प्रति केस दिए जाने हैं। विभाग को 15 विशेषज्ञ चाहिए, लेकिन आवेदन अभी तक दो ही आए हैं। मुख्यालय से मंजूरी लेकर एनेस्थीसिया को 4500 रुपये, शिशु रोग विशेषज्ञ को 3800 रुपये और महिला रोग विशेषज्ञ को विभाग 5500 रुपये देने को तैयार हो गया। विशेषज्ञों को ये राशि मंजूर नहीं है।
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यहां रखे जाने हैं विशेषज्ञ
अस्पताल एनेस्थीसिया शिशु रोग महिला रोग
एसडीएच रतिया 1 1 1
सीएचसी भट्टूकलां 1 1 1
सीएचसी बड़ोपल 1 1 1
सीएचसी भूना 1 1 1
सीएचसी जाखल 1 1 1
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खुद का अस्पताल छोड़ जाने को नहीं तैयार
विशेषज्ञों की माने तो चार से साढ़े पांच हजार रुपये के लिए कोई भी विशेषज्ञ खुद का अस्पताल छोड़कर सीएचसी पर नहीं जाएगा। अगर विशेषज्ञ कोई केस लेता भी है तो उसे खुद के अस्पताल में केस की टेंशन रहेगी। ऐसे में वह दो जगह नहीं संभाल पाएगा।
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जिला नागरिक अस्पताल में भी पैनल पर विशेषज्ञ
जिला नागरिक अस्पताल में भी प्रशासन ने ऑनकॉल बेस पर चार महिला रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति की हुई है। हालांकि यहां पर एक स्थायी और एक एनएचएम के तहत महिला रोग विशेषज्ञ है। केस रेफर न करने पड़े इसके लिए विभाग ने नियुक्ति की हुई है। बावजूद इसके वर्ष 2024-25 में 13 फीसदी केस मेडिकल कॉलेज में रेफर हुए हैं। वहीं जो दो आवेदन आए हैं वो एक गायनी और बाल रोग विशेषज्ञ के लिए है। दोनों ने ही रतिया के लिए आवेदन किया है।
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नागरिक अस्पताल में पिछले साल ये आए डिलिवरी केस
डिलिवरी के लिए आए केस - 3911
सामान्य डिलिवरी - 2427
सिजेरियन - 953
रेफर किए गए मामले - 531
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सीएचसी में विशेषज्ञों की ऑनकॉल नियुक्ति के लिए दो बार आवेदन मांगे हैं। अभी तक दो ही ऑनकॉल विशेषज्ञ के लिए दो ही आवेदन आए हैं। इनमें एक गायनी और बाल रोग विशेषज्ञ ने आवेदन किया है। दोनों ने ही रतिया के लिए आवेदन किया है। अब विभाग को पत्र लिखा जाएगा ताकि मानदेय और बढ़ाया जा सके।
-डॉ. बुधराम, कार्यकारी सिविल सर्जन