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Fatehabad: राजकीय सम्मान में तिरंगा लाना भूले अधिकारी, होमगार्ड के अंतिम संस्कार में ग्रामीण हुए नाराज

Wed, 02 Aug 2023 08:10 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, टोहाना/समैन, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, टोहाना/समैन, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 02 Aug 2023 08:10 PM IST
सार

बाद में तिरंगा मंगवाया गया। चार साल के बेटे एकम सिंह ने पहले पिता को सेल्यूट किया फिर मुखाग्नि दी। वहीं, होमगार्ड गुरसेव सिंह को शहीद का दर्जा नहीं मिला है। 

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Officer forgot to bring tricolor in funeral of Home Guard with state honours
अपने दिवंगत पिता होमगार्ड गुरसेव को सेल्यूट करते हुए चार साल का बेटा एकम सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

नूंह में हिंसा के शिकार हुए  फतेहाबाद के गांव फतेहपुरी निवासी होमगार्ड गुरसेव सिंह का बुधवार को राजकीय सम्माान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चार साल के बेटे एकम सिंह ने पहले अपने पिता को सेल्यूट किया, फिर मुखाग्नि दी। हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासनिक अव्यवस्था देखने को मिली।

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दिवंगत गुरसेव के पार्थिव शरीर पर तिरंगा न होने से उसके साथी होमगार्ड व ग्रामीण गुस्सा गए। उन्होंने रोष जताते हुए एसपी आस्था मोदी के समक्ष नाराजगी जाहिर की। इसके बाद तिरंगा मंगवाया गया और गुरसेव के पार्थिव शरीर पर रखा गया। बाद में यह तिरंगा पुलिसकर्मियों ने दिवंगत के बेटे एकम सिंह को सौंप दिया।
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गौरतलब है कि सोमवार को गुरुग्राम से मेवात जाते समय उपद्रवियों द्वारा पुलिस की गाड़ी पर हमला किया गया। इस हमले में दो होमगार्ड जवानों की जान चली गई थी। इनमें एक फतेहपुरी निवासी गुरसेव सिंह शामिल थे। दिवंगत गुरसेव सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात को गांव फतेहपुरी लाया गया।
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इसके बाद बुधवार सुबह गांव में घर से गुरसेव की अंतिम यात्रा शुरू हुई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। अंतिम यात्रा में शामिल हर किसी की आंखें नम थी। उस समय लोग और भावुक हो गए, जब चार साल के बेटे ने अपने पिता को सेल्यूट करके मुखाग्नि दी।

इस दौरान हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला, जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह, पूर्व मंत्री परमवीर सिंह, पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के भाई विनोद बबली, कांग्रेस नेता रणधीर सिंह, हरपाल बुडानिया, आप नेता हरपाल सिंह, डीएसपी शमशेर सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी व कर्मचारी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

साथी होमगार्ड बोले- होमगार्ड के जवान को तिरंगे में न लाकर किया अपमान
एसपी के समक्ष अपने साथी को विदा करने पहुंचे अन्य होमगार्ड जवानों ने एतराज जताते हुए कहा कि जवान गुरसेव को तिरंगे में लाया जाना था, जब तक मान सम्मान नहीं होगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि होमगार्ड जवान को अभी तक शहीद का दर्जा नहीं दिया गया, न ही तिरंगे में लाया गया, यह उनके जवान के साथ नाइंसाफी है। होमगार्ड तन-मन से पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होता है। मगर, अब भी भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया था कि उन्हें सूचना दी गई थी कि पार्थिव शरीर तिरंगे में लाया जाएगा, इसको लेकर जिसकी ड्यूटी थी और जो तिरंगा नहीं लाया, उस पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।


गुरुग्राम पुलिस ने परिजनों को 57 लाख रुपये देने की घोषणा की
एसपी आस्था मोदी ने ग्रामीणों व होमगार्ड जवानों को समझाते हुए कहा कि यह समय विवाद का नहीं है। ऑन ड्यूटी जवान की मृत्यु हुई है, इसलिए सारे प्रोटोकॉल फॉलो किए जा रहे हैं। जवान को सलामी दी गई है। जवान के परिजनों को गुरुग्राम पुलिस की ओर से 57 लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की जा चुकी है। पत्नी को नौकरी सहित जो अन्य मांगें हैं, वह परिजन लिखित में दे देंगे, तो उसके बाद उसको आगे बढ़ाते हुए वह खुद फॉलो करवाएंगी।

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