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Fatehabad News: अब पुलिस ने लटकाई जांच, 30 दिन में कार्रवाई शून्य
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सिविल सर्जन कार्यालय
फतेहाबाद। सिविल सर्जन कार्यालय फतेहाबाद में दिव्यांग प्रमाणपत्र को लेकर हुए फर्जीवाड़ा मामले की जांच को अब शहर पुलिस ने लटका दिया है। मामला दर्ज होने के एक माह बाद भी पुलिस ने मामले में जांच शुरू नहीं की है। मामले में अब तक सिविल सर्जन कार्यालय से रिकॉर्ड नहीं लिया गया है। रिकॉर्ड जब्त करने के बाद मामले में पुलिस ने आरोपियों को भी जांच शामिल करना है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों के भी बयान दर्ज करने हैं।
मामला पिछले साल जुलाई माह में सामने आया था। सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा बनाई गई कमेटी की जांच में भी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र सामने आए थे। जांच में 922 प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए थे। इन 922 प्रमाणपत्रों में से 842 संदिग्ध श्रेणी में लिए गए और 80 फर्जी पाए गए। इनमें से 19 आरोपी ऐसे हैं, जिन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करवाने के बाद जिला समाज कल्याण विभाग से पेंशन जारी करवा ली थी। इस मामले में 9 मई 2023 को शहर पुलिस ने मुख्यमंत्री उडऩदस्ता के अधिकारियों की शिकायत पर सिविल सर्जन कार्यालय के तत्कालीन क्लर्क विक्रम सिंह, रवि कुमार, गांव अमानी निवासी सुखराज सिंह, गांव कुम्हारिया निवासी राजेश, गांव नहला निवासी सोहन, गांव समैण निवासी सतबीर, जमालपुर शेखां निवासी बबली कौर, गांव भरपूर निवासी बलवंत, गांव जमालपुरशेखां निवासी भजनराम, रतिया निवासी राम सिंह, इंदाछुई निवासी देवेंद्र कुमार, गांव अयाल्की निवासी अजय, फतेहाबाद निवासी विष्णु, बैजलपुर निवासी राकेश, मेहूवाला निवासी गोरू, फतेहाबाद निवासी बीर सिंह, भट्टू निवासी रवि, झलनियां निवासी रवि, पिलछियां निवासी नवजोत कौर, पिरथला निवासी शारदा और फतेहाबाद निवासी राजेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
कोट
मामले की अभी जांच चल रही है। फर्जीवाड़ा का मामला है इसलिए जांच में समय लगता है। मामले में जल्द रिकॉर्ड लिया जाएगा।
-महेंद्र सिंह, शहर थाना प्रभारी
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मामला पिछले साल जुलाई माह में सामने आया था। सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा बनाई गई कमेटी की जांच में भी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र सामने आए थे। जांच में 922 प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए थे। इन 922 प्रमाणपत्रों में से 842 संदिग्ध श्रेणी में लिए गए और 80 फर्जी पाए गए। इनमें से 19 आरोपी ऐसे हैं, जिन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करवाने के बाद जिला समाज कल्याण विभाग से पेंशन जारी करवा ली थी। इस मामले में 9 मई 2023 को शहर पुलिस ने मुख्यमंत्री उडऩदस्ता के अधिकारियों की शिकायत पर सिविल सर्जन कार्यालय के तत्कालीन क्लर्क विक्रम सिंह, रवि कुमार, गांव अमानी निवासी सुखराज सिंह, गांव कुम्हारिया निवासी राजेश, गांव नहला निवासी सोहन, गांव समैण निवासी सतबीर, जमालपुर शेखां निवासी बबली कौर, गांव भरपूर निवासी बलवंत, गांव जमालपुरशेखां निवासी भजनराम, रतिया निवासी राम सिंह, इंदाछुई निवासी देवेंद्र कुमार, गांव अयाल्की निवासी अजय, फतेहाबाद निवासी विष्णु, बैजलपुर निवासी राकेश, मेहूवाला निवासी गोरू, फतेहाबाद निवासी बीर सिंह, भट्टू निवासी रवि, झलनियां निवासी रवि, पिलछियां निवासी नवजोत कौर, पिरथला निवासी शारदा और फतेहाबाद निवासी राजेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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कोट
मामले की अभी जांच चल रही है। फर्जीवाड़ा का मामला है इसलिए जांच में समय लगता है। मामले में जल्द रिकॉर्ड लिया जाएगा।
-महेंद्र सिंह, शहर थाना प्रभारी