फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Maternity treatment was done half an hour after the attendants called, the nurse could not understand the serious risk, did not even call the doctor.

Fatehabad News: तीमारदारों के बुलाने के आधे घंटे बाद किया था प्रसूता का उपचार, गंभीर जोखिम को समझ नहीं पाई नर्स, चिकित्सक को बुलाया ही नहीं

Tue, 17 Sep 2024 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Tue, 17 Sep 2024 11:56 PM IST
विज्ञापन
Maternity treatment was done half an hour after the attendants called, the nurse could not understand the serious risk, did not even call the doctor.
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद दाखिल प्रसूता की मौत के मामले में कमेटी ने मंगलवार को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक स्टाफ नर्स ने तीमारदारों के बुलाने के आधे घंटे बाद उपचार दिया लेकिन गंभीर जोखिम को जान नहीं पाई और न ही डॉक्टर को समय रहते बुलाया गया।
विज्ञापन

कमेटी ने रिपोर्ट में व्यवस्था में सुधार को लेकर सुझाव भी दिए हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन प्रसूता की मौत के कारणों को जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। फिलहाल ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अर्पणा का रतिया, स्टाफ नर्स प्रेमजोत और जीडीए ललिता का बड़ोपल सीएचसी में ट्रांसफर किया जा चुका है।
विज्ञापन

नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. बुधराम ने बताया कि कमेटी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक प्रसूता को तकलीफ होने पर सुबह तीन बजे स्टाफ नर्स को बुलाया गया लेकिन करीब 30 मिनट बाद इंजेक्शन दिया गया। प्रसूता के गंभीर जोखिम को स्टाफ नर्स समझ नहीं पाई और उसने अपने स्किल के मुताबिक उपचार जरूर किया। इसके बाद प्रसूता की हालत में सुधार भी हुआ लेकिन सुबह फिर अचानक तबीयत खराब हुई और डॉक्टर को बुलाया गया। जबकि स्टाफ नर्स को सुबह तीन बजे जैसे ही तीमारदारों ने बुलाया तो प्रसूता को उपचार देना चाहिए था और डॉक्टर को भी सूचित करना चाहिए था ताकि समय रहते गंभीर जोखिम को देखते हुए रेफर किया जा सकता। हालांकि ये नहीं कहा जा सकता है कि सीधे तौर पर लापरवाही रही है। उपचार देने के बाद स्टाफ बार-बार फॉलोअप भी लेता रहा है। फिलहाल मौत के कारण क्या रहे है इसको लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कमेटी का सुझाव- जोखिम का दिया जाए प्रशिक्षण
महिला की डिलीवरी के बाद उसे कई तरह के जोखिम हो सकते हैं। जिसमें मुख्य तौर पर इंफेक्शन होना, ब्लीडिंग होना, बच्चेदानी का ही बाहर आ जाना शामिल रहता है। कमेटी ने सुझाव दिया है कि स्टाफ नर्स की स्किल को बेहतर किया जाए। उन्हें प्रसूता के गंभीर जोखिम की जानकारी होनी चाहिए। महिला चिकित्सकों को भी चाहिए कि वह समय-समय पर स्टाफ को जानकारी देती रहे।

चिकित्सक को लगाने होंगे तीन घंटे बाद राउंड
कमेटी की रिपोर्ट के बाद एसएमओ ने निर्देश जारी किए है कि चिकित्सक को प्रत्येक तीन घंटे बाद वार्ड में राउंड लगाना होगा। इसके अलावा स्टाफ नर्स को भी प्रत्येक दो-दो घंटे बाद राउंड लगाना है और मरीज का फॉलोअप लेना होगा।

चिकित्सकों की कमेटी कर रही थी जांच

नागरिक अस्पताल में 11 सितंबर की सुबह प्रसूता आरती की मौत हो गई थी। मामले में परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। आरोप था कि तबीयत बिगड़ने पर स्टाफ नर्स को बार-बार बुलाने के बाद इंजेक्शन लगाया गया। मौके पर कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा था। मामले की जांच को लेकर ईएनटी डॉ. जयप्रकाश, डॉ. प्रियंका और सीएनओ प्रकाश कौर की कमेटी का गठन किया था।


मामले में जांच रिपोर्ट आ गई है हालांकि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है। कमेटी ने कुछ सुझाव दिए है, इन्हें लागू किया जाएगा। - डॉ.बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed