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Fatehabad News: खाद की टैगिंग पर सख्ती, दोषी मिले तो लाइसेंस रद्द होंगे
Fri, 25 Sep 2026 10:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 25 Sep 2026 10:13 PM IST
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रतिया बैठक में मौजूद किसान और अधिकारी :संवाद
रतिया। डीएपी और यूरिया खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर किसानों की शिकायतों के बीच कृषि विभाग ने कालाबाजारी और टैगिंग पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद फौगाट ने कहा कि नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
किसान रेस्ट हाउस में शुक्रवार को कृषि विभाग के अधिकारियों, पैक्स प्रतिनिधियों, पेस्टीसाइड एसोसिएशन और किसान संगठनों की बैठक हुई। यह बैठक भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ की ओर से उपायुक्त को दी गई शिकायत के बाद हुई।
जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि जिले में डीएपी और यूरिया की कमी नहीं है। किसानों को खाद के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने व्यापारियों और पैक्स अधिकारियों को खाद के साथ जबरन कीटनाशक या अन्य सामान बेचने से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी या टैगिंग में संलिप्तता मिलने पर लाइसेंस रद्द करने के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह चहल और प्रवक्ता राम जाट ने कहा कि कई दिनों से किसान खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर स्टॉक होने के बावजूद किसानों को खाद नहीं दी जा रही। कुछ जगह खाद के साथ महंगी दवाइयां लेने का दबाव बनाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
उन्होंने खाद विक्रेताओं के निरीक्षण की मांग की। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के जिला प्रधान निर्भय सिंह ने छोटे और सीमांत किसानों की समस्या उठाई। पेस्टीसाइड यूनियन के उपदेश ने व्यापारियों का पक्ष रखते हुए भविष्य में ऐसी शिकायत नहीं आने का भरोसा दिया।
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किसान रेस्ट हाउस में शुक्रवार को कृषि विभाग के अधिकारियों, पैक्स प्रतिनिधियों, पेस्टीसाइड एसोसिएशन और किसान संगठनों की बैठक हुई। यह बैठक भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ की ओर से उपायुक्त को दी गई शिकायत के बाद हुई।
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जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि जिले में डीएपी और यूरिया की कमी नहीं है। किसानों को खाद के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने व्यापारियों और पैक्स अधिकारियों को खाद के साथ जबरन कीटनाशक या अन्य सामान बेचने से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी या टैगिंग में संलिप्तता मिलने पर लाइसेंस रद्द करने के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह चहल और प्रवक्ता राम जाट ने कहा कि कई दिनों से किसान खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर स्टॉक होने के बावजूद किसानों को खाद नहीं दी जा रही। कुछ जगह खाद के साथ महंगी दवाइयां लेने का दबाव बनाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
उन्होंने खाद विक्रेताओं के निरीक्षण की मांग की। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के जिला प्रधान निर्भय सिंह ने छोटे और सीमांत किसानों की समस्या उठाई। पेस्टीसाइड यूनियन के उपदेश ने व्यापारियों का पक्ष रखते हुए भविष्य में ऐसी शिकायत नहीं आने का भरोसा दिया।