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कोरोना में बेसहारा हुए बच्चों को मदद का इंतजार हो रहा लंबा

Tue, 22 Jun 2021 10:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 10:33 PM IST
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Long waiting for help to destitute children in Corona
कोरोना काल के दौरान अपने मां-बाप खो चुके बच्चों को सरकार की घोषणा के बाद अभी तक मदद नहीं मिली है। अभी ये इंतजार और लंबा हो सकता है। ये ही नहीं अभी तक सर्वे भी पूरा नहीं हुआ है। अस्पतालों में कोरोना से जान गंवाने वाले मरीजों की रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर भी सर्वे होगा। यानी की बाल संरक्षण विभाग की टीम पूछेगी कि जिन कोरोना संक्रमितों ने जान गंवाई है उनके परिवार में बच्चों की उम्र क्या है। अगर ऐसे बच्चे मिलते हैं जिन्होंने दोनों को खो दिया है या फिर मां-बाप में से एक को खोया है उसे सर्वे में शामिल किया जाएगा।
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जिले में अभी तक सर्वे में सामने आया है कि 8 बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने कोरोना काल के दौरान मां-बाप दोनों को खो दिया है। इसके अलावा 126 बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने एक सदस्य को खोया है। बाल संरक्षण विभाग की टीम ने इन 8 बच्चों को सर्वे में शामिल करके काउंसलिंग की गई तो उन्होंने संरक्षण लेने से मना कर दिया है। यानी की ये अपने रिश्तेदारों के पास ही रहना चाहते हैं। वहीं अभी तक जो सर्वे हुआ है उसमें सामने आया है कि 126 ऐसे बच्चे हैं जिन्होंने मां-बाप में से एक को खो दिया है। इन्हें मदद कैसे मिलेगी इसको लेकर अभी संशय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि बाल कल्याण समिति के सदस्यों की 24 जून को इस संबंध में बैठक है। इस बैठक में ही तय हो पाएगा कि इन्हें किस प्रकार से मदद देनी है।
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ये है मदद का प्रावधान
बाल संरक्षण विभाग के अधिकारियों की माने तो केंद्र सरकार की तरफ से इन बच्चों के नाम 10 लाख रुपये की एफडी होगी। ढाई हजार रुपये राज्य सरकार प्रति माह देगी। इसके अलावा 12 हजार रुपये वार्षिक दिया जाएगा। इसके अलावा दो हजार रुपये केंद्र सरकार भी हर माह देगी।
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कोट
केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से बेसहारा बच्चों के लिए घोषणा की गई है। इसको लेकर सर्वे चल रहा है। अभी कई बच्चे ऐसे सामने आ सकते हैं जिन्हें नियम अनुसार मदद की जरूरत है। उम्मीद है जल्द बच्चों को मदद मिल जाएगी। इसको लेकर 24 जून को बैठक होनी है।
- नरेंद्र मोंगा, चेयरमैन, बाल कल्याण समिति।
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