फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Kumhariya youths stranded in Russia-Ukraine remain uncontacted even after 50 days

Fatehabad News: रूस-यूक्रेन में फंसे कुम्हारिया के युवकों का 50 दिन बाद भी संपर्क नहीं

Mon, 03 Nov 2025 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 03 Nov 2025 11:25 PM IST
विज्ञापन
Kumhariya youths stranded in Russia-Ukraine remain uncontacted even after 50 days
दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होते गांव कुम्हारिया के ग्रामीण स्त्रोत परिजन
फतेहाबाद। गांव कुम्हारिया के युवक अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया का 50 दिन से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी परिवार से संपर्क नहीं हुआ है। रूस में फंसे 27 लोगों की सूची विदेश मंत्रालय जारी कर चुका है।
विज्ञापन

सोमवार को अंकित और विजय के परिवार सदस्य दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। परिवार ने दोनों बच्चों को सरकार से वापस लाने की मांग रखी। विजय के परिवार से भाई, मामा, अंकित के परिवार से भाई और दोस्त व ग्रामीण शामिल हुए। अंकित के भाई रघुवीर ने बताया कि कई बार वह सरकार से अपील कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।
विज्ञापन

रूस गए दोनों को जबरन रशियन आर्मी में भर्ती कर यूक्रेन युद्ध में धकेल दिया गया है। परिजनों के अनुसार युवकों का पिछले करीब 50 दिन से ज्यादा समय से परिवार से कोई संपर्क नहीं हुआ है। आखिरी बार 11 सितंबर को अंकित का अपने भाई रघुवीर के पास मैसेज आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

अंकित के परिवार में उसके पिता रामप्रसाद, मां सुशीला देवी और बड़ा भाई रघुवीर है। अंकित के पिता रामप्रसाद राजमिस्त्री हैं, जबकि मां गृहिणी है। वहीं, इसी गांव के विजय के पिता का निधन हाे चुका है। अब परिवार में मां सुमन देवी और छोटा भाई सुनील कुमार है।
अंकित स्टडी वीजा पर 15 फरवरी 2025 को रूस गया था। परिवार ने कर्ज लेकर उसे वहां पढ़ने भेजा था। वहां उसने लेंग्वेज कोर्स में एडमिशन लिया था। पढ़ाई के साथ ही वह रेस्टोरेंट में काम करने लगा था। इसी तरह विजय पूनिया जुलाई 2024 में स्टडी वीजा पर गया। मार्च 2025 में वापस आ गया। इसके बाद बिजनेस वीजा पर जुलाई 2025 को वापस चला गया था। वह भी रेस्टोरेंट में काम कर रहा था।

विजय को वहां एक रूसी महिला मिली थी, जिसने कंप्यूटर ऑपरेटर या सिक्योरिटी गार्ड लगवाने का झांसा देकर रशियन आर्मी में भर्ती करवा दिया। 20 अगस्त को उन्हें रूस से यूक्रेन में ले गए। जहां मात्र 10 दिन की ट्रेनिंग देकर बंकरों में भेज दिया गया था। दोनों युवक वीडियो कॉल के जरिये परिवार के संपर्क में थे लेकिन 11 सितंबर के बाद संपर्क भी टूट गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed