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Fatehabad News: घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ा
Mon, 05 Aug 2024 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 05 Aug 2024 12:22 AM IST
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जाखल क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी में आया पानी
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जाखल। हरियाणा और पंजाब से सटी शिवालिक की पहाड़ियों पर लगातार हो रही भारी बारिश से जाखल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घग्गर नदी में पानी का स्तर बढ़ने लगा है। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी दिखने लगी है।
पहाड़ों में अभी बारिश जारी है। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से बरसाती पानी घग्घर नदी से जाखल क्षेत्र में पहुंचने लगा है। भविष्य में जलस्तर लगातार बढ़ सकता है। घग्गर नदी के गुहला चीका हेड पर दो अगस्त को 1,540 क्यूसेक पानी पहुंचा था, जो बढ़कर चार अगस्त को 6,468 क्यूसेक हो गया है। स्रोत से पानी बढ़ने के कारण चांदपुरा साइफन हेड पर भी जलस्तर बढ़ा है।
सिंचाई विभाग से रविवार दोपहर जारी रिपोर्ट में जलस्तर 1,980 क्यूसेक मापा गया है। हालांकि इस नदी में शनिवार तक 500 क्यूसेक पानी था। नदी में बढ़ रहे जलस्तर से किसानों के चेहरे खिले नजर आए, क्योंकि घग्घर नदी के जल से उन्हें खेतों में सिंचाई करने में सुविधा होगी।
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बाढ़ से बीते वर्ष हुए नुकसान से लोग भयभीत
पिछले वर्ष नदी का जलस्तर बढ़ गया था। इससे नदी और नदी के सहायक रंगोई नाले के तटबंध टूटने से जाखल देहात क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी। इससे किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। इससे ग्रामीणों को बड़ी क्षति झेलनी पड़ी थी। उस समय सभी संबंधित लोगों ने कई दिनों तक दिन-रात एक हालात पर काबू पाया था जबकि बाढ़ का पानी जाखल शहर में नहीं पहुंचा था। इसके बावजूद जाखल के लोगों ने नदी के शहरी भाग को पक्का करने का सुझाव दिया है।
नदी में पानी देखने पहुंच रहे कई किसान
किसान कई दिनों से नदी में पानी आने का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में अब नदी में पानी आने से घग्घर नदी क्षेत्र के धान उत्पादक किसान पंपिंग कर धान की फसल में पानी लगाने लगे हैं। चांदपुरा साइफन हेड पर लोग नदी में पानी का जलस्तर देखने पहुंचने लगे हैं। कई लोग वहां पर सेल्फी भी ले रहे हैं।
कोट
सावन में क्षेत्र में वर्षा कम होने से धान की सिंचाई प्रभावित हो रही थी। अब पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश होने से घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ा है। ये पानी धान की फसल के लिए अमृत जैसा है। इसके बावजूद चांदपुरा साइफन हेड पर नदी की कुल क्षमता 22,000 के सापेक्ष रविवार का जलस्तर कम मात्र 2,000 क्यूसेक है। भविष्य में नदी में जलस्तर बढ़ने पर उसे विभिन्न नहरों के जरिए प्रवाहित किया जाएगा। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। - संजीव सिंगला, एसडीओ, सिंचाई विभाग, टोहाना।
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पहाड़ों में अभी बारिश जारी है। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से बरसाती पानी घग्घर नदी से जाखल क्षेत्र में पहुंचने लगा है। भविष्य में जलस्तर लगातार बढ़ सकता है। घग्गर नदी के गुहला चीका हेड पर दो अगस्त को 1,540 क्यूसेक पानी पहुंचा था, जो बढ़कर चार अगस्त को 6,468 क्यूसेक हो गया है। स्रोत से पानी बढ़ने के कारण चांदपुरा साइफन हेड पर भी जलस्तर बढ़ा है।
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सिंचाई विभाग से रविवार दोपहर जारी रिपोर्ट में जलस्तर 1,980 क्यूसेक मापा गया है। हालांकि इस नदी में शनिवार तक 500 क्यूसेक पानी था। नदी में बढ़ रहे जलस्तर से किसानों के चेहरे खिले नजर आए, क्योंकि घग्घर नदी के जल से उन्हें खेतों में सिंचाई करने में सुविधा होगी।
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बाढ़ से बीते वर्ष हुए नुकसान से लोग भयभीत
पिछले वर्ष नदी का जलस्तर बढ़ गया था। इससे नदी और नदी के सहायक रंगोई नाले के तटबंध टूटने से जाखल देहात क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी। इससे किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। इससे ग्रामीणों को बड़ी क्षति झेलनी पड़ी थी। उस समय सभी संबंधित लोगों ने कई दिनों तक दिन-रात एक हालात पर काबू पाया था जबकि बाढ़ का पानी जाखल शहर में नहीं पहुंचा था। इसके बावजूद जाखल के लोगों ने नदी के शहरी भाग को पक्का करने का सुझाव दिया है।
नदी में पानी देखने पहुंच रहे कई किसान
किसान कई दिनों से नदी में पानी आने का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में अब नदी में पानी आने से घग्घर नदी क्षेत्र के धान उत्पादक किसान पंपिंग कर धान की फसल में पानी लगाने लगे हैं। चांदपुरा साइफन हेड पर लोग नदी में पानी का जलस्तर देखने पहुंचने लगे हैं। कई लोग वहां पर सेल्फी भी ले रहे हैं।
कोट
सावन में क्षेत्र में वर्षा कम होने से धान की सिंचाई प्रभावित हो रही थी। अब पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश होने से घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ा है। ये पानी धान की फसल के लिए अमृत जैसा है। इसके बावजूद चांदपुरा साइफन हेड पर नदी की कुल क्षमता 22,000 के सापेक्ष रविवार का जलस्तर कम मात्र 2,000 क्यूसेक है। भविष्य में नदी में जलस्तर बढ़ने पर उसे विभिन्न नहरों के जरिए प्रवाहित किया जाएगा। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। - संजीव सिंगला, एसडीओ, सिंचाई विभाग, टोहाना।