{"_id":"60fc4c1d8ebc3e583e16d101","slug":"garbage-piles-in-vacant-plot-not-cleaned-for-months-fatehabad-news-hsr6070050168","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाली प्लॉट में लगे कूड़े के ढेर, महीनों से नहीं हुई सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाली प्लॉट में लगे कूड़े के ढेर, महीनों से नहीं हुई सफाई
विज्ञापन
चार मरला कॉलोनी में खाली पड़े प्लाट की खराब हालत।
- फोटो : Fatehabad
शहर में जगह-जगह खाली निजी प्लॉट आस पड़ोस के लोगों के लिए परेशानी की वजह बने हुए हैं। चंद लोग इन प्लॉटों को डंपिंग प्वाइंट बना देते हैं। देखते ही देखते यहां कूड़े के ढेर लग जाते हैं। नगर परिषद कर्मचारियों की यह जिम्मेदारी नहीं है कि वे किसी के प्राइवेट प्लॉट में जाकर सफाई करें। ऐसे में खाली प्लाटों में पड़ा कूड़ा महीनों तक ऐसे ही सड़ता रहता है।
अब बारिश के दिनों में यह कूड़ा परेशानी और बढ़ा देता है। गीले कूड़े की बदबू दूर तक आती है। शहर की चार मरला कॉलोनी, योग नगर, सुंदर नगर, चौधरी कॉलोनी तीन सहित कई अन्य कॉलोनियों में करीब 600 से अधिक प्लॉट खाली पड़े हैं। उन प्लॉटों को खाली देखकर आसपास के दुकानदार भी सुबह दुकानों का कचरा फेंक देते हैं। कई बार पड़ोस में रहने वाले लोग बासी सब्जी व अन्य खाद्य सामग्री पॉलिथीन में डाल कर फेंक देते हैं। कई प्लॉट मालिक तो शहर से बाहर रहते हैं, ऐसे में वे महीनों तक अपने प्लॉट की सुध ही नहीं लेते।
नगर परिषद की जिम्मेदारी नहीं
नगर परिषद के कर्मचारियों का कहना है कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ गलियों, सड़कों, बाजारों व सार्वजनिक स्थानों से सफाई करना है। यदि किसी के निजी प्लॉट में कूड़ा पड़ा है तो उसे उठाना उनके अधिकार क्षेत्र में ही नहीं है। क्योंकि ऐसे प्लॉटों को लेकर कब्जे आदि के विवाद चल रहे होते हैं। इसलिए प्लॉट मालिक की ही जिम्मेदारी बनती है कि वे सफाई करवाएं। आस पड़ोस के लोगों को चाहिए कि वे निर्धारित जगह पर या कूड़ेदान में ही कूड़ा डालें।
विज्ञापन
शिकायत मिलने पर नोटिस देते हैं : निरीक्षक
हमारे पास यह अधिकार नहीं है कि किसी के निजी प्लॉट में कूड़ा उठा सकें। यदि आसपास के लोग समस्या से परेशान होकर शिकायत देते हैं तो हम प्लॉट मालिक को नोटिस देते हैं। इसके बाद प्लॉट मालिक की जिम्मेदारी तय की जाती है कि वह अपने प्लॉट से कूड़ा उठवाए। या फिर ऐसी व्यवस्था बनाए कि लोग उसमें कूड़ा न डालें। हालांकि कोरोना काल में यह कार्रवाई नहीं हो सकती।
-मुकेश कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।
विज्ञापन
अब बारिश के दिनों में यह कूड़ा परेशानी और बढ़ा देता है। गीले कूड़े की बदबू दूर तक आती है। शहर की चार मरला कॉलोनी, योग नगर, सुंदर नगर, चौधरी कॉलोनी तीन सहित कई अन्य कॉलोनियों में करीब 600 से अधिक प्लॉट खाली पड़े हैं। उन प्लॉटों को खाली देखकर आसपास के दुकानदार भी सुबह दुकानों का कचरा फेंक देते हैं। कई बार पड़ोस में रहने वाले लोग बासी सब्जी व अन्य खाद्य सामग्री पॉलिथीन में डाल कर फेंक देते हैं। कई प्लॉट मालिक तो शहर से बाहर रहते हैं, ऐसे में वे महीनों तक अपने प्लॉट की सुध ही नहीं लेते।
विज्ञापन
नगर परिषद की जिम्मेदारी नहीं
नगर परिषद के कर्मचारियों का कहना है कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ गलियों, सड़कों, बाजारों व सार्वजनिक स्थानों से सफाई करना है। यदि किसी के निजी प्लॉट में कूड़ा पड़ा है तो उसे उठाना उनके अधिकार क्षेत्र में ही नहीं है। क्योंकि ऐसे प्लॉटों को लेकर कब्जे आदि के विवाद चल रहे होते हैं। इसलिए प्लॉट मालिक की ही जिम्मेदारी बनती है कि वे सफाई करवाएं। आस पड़ोस के लोगों को चाहिए कि वे निर्धारित जगह पर या कूड़ेदान में ही कूड़ा डालें।
विज्ञापन
शिकायत मिलने पर नोटिस देते हैं : निरीक्षक
हमारे पास यह अधिकार नहीं है कि किसी के निजी प्लॉट में कूड़ा उठा सकें। यदि आसपास के लोग समस्या से परेशान होकर शिकायत देते हैं तो हम प्लॉट मालिक को नोटिस देते हैं। इसके बाद प्लॉट मालिक की जिम्मेदारी तय की जाती है कि वह अपने प्लॉट से कूड़ा उठवाए। या फिर ऐसी व्यवस्था बनाए कि लोग उसमें कूड़ा न डालें। हालांकि कोरोना काल में यह कार्रवाई नहीं हो सकती।
-मुकेश कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।

सुपर मार्केट के पीछे खाली प्लाट में डाला हुआ कचरा।- फोटो : Fatehabad