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Fatehabad News: अब चार विभाग मिलकर किशोरियों में एचपीवी वैक्सीन की भ्रांतियां दूर करेंगे
Thu, 30 Apr 2026 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 30 Apr 2026 10:47 PM IST
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फतेहाबाद में टीकाकरण के प्रति जागरूक करते हुए चिकित्सक स्त्रोत शिक्षा विभाग
फतेहाबाद। किशोरियों और उनके परिजनों में एचपीवी वैक्सीन के प्रति भ्रांतियों को अब चार विभाग मिलकर दूर करेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अलावा, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और पंचायत विभाग किशोरियों को जागरूक करेंगे और बताएंगे कि इस वैक्सीन के नुकसान नहीं बल्कि फायदे हैं और इसे लगवाकर कैसे सर्वाइकल कैंसर से बचा सकती हैं।
टीकाकरण की धीमी प्रक्रिया को तेज करने के लिए योजना तैयार की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है जो कि स्कूलों में जाकर एचपीवी वैक्सीन के फायदे बता रहे हैं। इससे 10 दिन में 50 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। जिले में 19 अप्रैल तक आंकड़ा 200 तक था अब वह बढ़कर 502 तक हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण शुरू कर दिया है। जिले में 8850 किशोरियों को वैक्सीन लगाई जानी है।
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पीएचसी पर शुरू किए गए शिविर
वैक्सीन के लिए पहले सीएचसी या फिर शहर स्थित नागरिक अस्पताल में ही सुविधा थी लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी पर कैंप लगाकर टीकाकरण शुरू किया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सन्नी का कहना है कि एचपीवी वायरस सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। इससे बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। टीकाकरण के बाद किसी भी प्रकार का गंभीर दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है। इससे स्पष्ट है कि यह पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की वे किशोरियां, जिन्हें पहले एचपीवी का टीका नहीं लगा है, इस अभियान के तहत पात्र हैं। पात्र लाभार्थियों को यह टीका नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। टीकाकरण के दौरान सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं। टीका लगने के बाद लाभार्थी को 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाता है। हल्का बुखार या दर्द सामान्य प्रतिक्रिया है, जो कुछ समय में स्वत: ठीक हो जाता है।
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उपायुक्त के साथ टीकाकरण के बारे में बैठक हुई थी। इसके बाद शिक्षा, पंचायत और महिला एवं बाल विभाग भी मिलकर टीकाकरण के लिए जागरूक कर रहे हैं। अभिभावकों से अपील है कि वे किशोरियों को टीकाकरण के लिए खाली पेट लेकर न लाएं। टीकाकरण की एंट्री यूविन पोर्टल पर की जा रही है और लाभार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जा रहा है।
-डॉ. सन्नी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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टीकाकरण की धीमी प्रक्रिया को तेज करने के लिए योजना तैयार की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है जो कि स्कूलों में जाकर एचपीवी वैक्सीन के फायदे बता रहे हैं। इससे 10 दिन में 50 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। जिले में 19 अप्रैल तक आंकड़ा 200 तक था अब वह बढ़कर 502 तक हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण शुरू कर दिया है। जिले में 8850 किशोरियों को वैक्सीन लगाई जानी है।
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पीएचसी पर शुरू किए गए शिविर
वैक्सीन के लिए पहले सीएचसी या फिर शहर स्थित नागरिक अस्पताल में ही सुविधा थी लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी पर कैंप लगाकर टीकाकरण शुरू किया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सन्नी का कहना है कि एचपीवी वायरस सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। इससे बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। टीकाकरण के बाद किसी भी प्रकार का गंभीर दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है। इससे स्पष्ट है कि यह पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की वे किशोरियां, जिन्हें पहले एचपीवी का टीका नहीं लगा है, इस अभियान के तहत पात्र हैं। पात्र लाभार्थियों को यह टीका नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। टीकाकरण के दौरान सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं। टीका लगने के बाद लाभार्थी को 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाता है। हल्का बुखार या दर्द सामान्य प्रतिक्रिया है, जो कुछ समय में स्वत: ठीक हो जाता है।
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उपायुक्त के साथ टीकाकरण के बारे में बैठक हुई थी। इसके बाद शिक्षा, पंचायत और महिला एवं बाल विभाग भी मिलकर टीकाकरण के लिए जागरूक कर रहे हैं। अभिभावकों से अपील है कि वे किशोरियों को टीकाकरण के लिए खाली पेट लेकर न लाएं। टीकाकरण की एंट्री यूविन पोर्टल पर की जा रही है और लाभार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जा रहा है।
-डॉ. सन्नी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी