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Fatehabad News: फरवरी माह में ही हो रहा गर्मी का एहसास, 32 डिग्री तक पहुंचा पारा
Sun, 26 Feb 2023 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 26 Feb 2023 11:06 PM IST
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फतेहाबाद/समैन। जिले के तापमान में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। फरवरी माह में ही लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा है। फतेहाबाद में अधिकतम तापमान 32 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं रात का तापमान भी 14 डिग्री पर आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन मौसम में बदलाव रहेगा और बादलवाही भी हो सकती है, लेकिन तापमान में कोई गिरावट नहीं आएगी। बढ़ती गर्मी ने किसानों की नींद उड़ा रखी है, खासतौर पर गेहूं उत्पादक किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं।
फतेहाबाद में फरवरी माह में लगातार बढ़ते तापमान ने कृषि विभाग व किसानों की चिंताएं बढ़ा दी है। फरवरी माह में गेहूं की बालियां पकने लगती हैं। ऐसे में गेहूं की फसल के लिए 20 डिग्री तापमान जरूरी है, लेकिन तापमान 12 डिग्री बढ़कर 32 डिग्री तक पहुंच गया है।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बढ़ते तापमान से गेहूं की उपज पर असर पड़ने की आशंका है। मौसम में अनियमितता को टर्मिनल हिट कहा जाता है। इसके कारण गेहूं की बाली में दाना पतला हो जाता है। इससे पैदावार पर असर पड़ता है। टोहाना खंड के गांव समैन, कन्हड़ी, गाजुवाला, नांगली, नांगला, पिरथला, पारता, लोहाखेड़ा, भीमेवाला के किसानों रामप्रकाश, हरिओम, जिले सिंह, करतार, महाबीर सिंह, होशियार सिंह, महेंद्र का कहना है कि इन दिनों बढ़ रहा तापमान गेहूं की फसलों के लिए खतरनाक है। गांव समैन के किसान राजबीर सिंह व संतलाल का कहना है की इन दिनों में गेहूं के पौधे के ऊपर आ रही बालियों में दाना बनना शुरू होता है। यदि तापमान इसी तरह से बढ़ता रहा तो गेहूं की बालियों में बनने वाले दाने का विकास रुक जाएगा व दाना कमजोर रहेगा। जिससे गेहूं का उत्पादन गिरेगा। गांव गाजुवाला के किसान ओम प्रकाश ने बताया कि बढ़ते तापमान से गेहूं की पछेती फसलों को नुकसान होने की ज्यादा संभावना है। क्योंकि अगेती फसलों में गेहूं की बालियों में दाना पूरा बन चुका है व पछेती फसलों में अभी तक दाना बना नहीं है। गांव नांगला के किसान हरपाल सिंह का कहना है कि यदि तापमान में यह बढ़ोतरी लगातार जारी रही तो आने वाले दिनों में गेहूं की फसलों को काफी नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि बढ़ते तापमान से प्रति एकड़ गेहूं का उत्पादन चार क्विंटल तक घट सकता है। ::::::::::30 डिग्री तापमान से ज्यादा तापमान गेहूं की बालियों में बनने वाले दाने के विकास को रोक देता है। यदि तापमान लगातार इसी तरह 15-20 दिनों तक 30 डिग्री से ज्यादा रहा तो निश्चित रूप से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाएगा और गेहूं का उत्पादन घटेगा।
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-मुकेश महला,एसडीओ कृषि विभाग, टोहाना।
हरियाणा राज्य में मौसम आमतौर पर 28 फरवरी तक परिवर्तनशील परंतु खुश्क रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 27 फरवरी तक राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादलवाही रहने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की दिशा में भी बदलाव होने तथा हल्की से मध्यम गति की सतही हवाएं चलने की भी संभावना है। जिसके प्रभाव से दिन के तापमान में हल्की गिरावट तथा रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभावित है। -डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार।
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फतेहाबाद में फरवरी माह में लगातार बढ़ते तापमान ने कृषि विभाग व किसानों की चिंताएं बढ़ा दी है। फरवरी माह में गेहूं की बालियां पकने लगती हैं। ऐसे में गेहूं की फसल के लिए 20 डिग्री तापमान जरूरी है, लेकिन तापमान 12 डिग्री बढ़कर 32 डिग्री तक पहुंच गया है।
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कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बढ़ते तापमान से गेहूं की उपज पर असर पड़ने की आशंका है। मौसम में अनियमितता को टर्मिनल हिट कहा जाता है। इसके कारण गेहूं की बाली में दाना पतला हो जाता है। इससे पैदावार पर असर पड़ता है। टोहाना खंड के गांव समैन, कन्हड़ी, गाजुवाला, नांगली, नांगला, पिरथला, पारता, लोहाखेड़ा, भीमेवाला के किसानों रामप्रकाश, हरिओम, जिले सिंह, करतार, महाबीर सिंह, होशियार सिंह, महेंद्र का कहना है कि इन दिनों बढ़ रहा तापमान गेहूं की फसलों के लिए खतरनाक है। गांव समैन के किसान राजबीर सिंह व संतलाल का कहना है की इन दिनों में गेहूं के पौधे के ऊपर आ रही बालियों में दाना बनना शुरू होता है। यदि तापमान इसी तरह से बढ़ता रहा तो गेहूं की बालियों में बनने वाले दाने का विकास रुक जाएगा व दाना कमजोर रहेगा। जिससे गेहूं का उत्पादन गिरेगा। गांव गाजुवाला के किसान ओम प्रकाश ने बताया कि बढ़ते तापमान से गेहूं की पछेती फसलों को नुकसान होने की ज्यादा संभावना है। क्योंकि अगेती फसलों में गेहूं की बालियों में दाना पूरा बन चुका है व पछेती फसलों में अभी तक दाना बना नहीं है। गांव नांगला के किसान हरपाल सिंह का कहना है कि यदि तापमान में यह बढ़ोतरी लगातार जारी रही तो आने वाले दिनों में गेहूं की फसलों को काफी नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि बढ़ते तापमान से प्रति एकड़ गेहूं का उत्पादन चार क्विंटल तक घट सकता है। ::::::::::30 डिग्री तापमान से ज्यादा तापमान गेहूं की बालियों में बनने वाले दाने के विकास को रोक देता है। यदि तापमान लगातार इसी तरह 15-20 दिनों तक 30 डिग्री से ज्यादा रहा तो निश्चित रूप से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाएगा और गेहूं का उत्पादन घटेगा।
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-मुकेश महला,एसडीओ कृषि विभाग, टोहाना।
हरियाणा राज्य में मौसम आमतौर पर 28 फरवरी तक परिवर्तनशील परंतु खुश्क रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 27 फरवरी तक राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादलवाही रहने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की दिशा में भी बदलाव होने तथा हल्की से मध्यम गति की सतही हवाएं चलने की भी संभावना है। जिसके प्रभाव से दिन के तापमान में हल्की गिरावट तथा रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभावित है। -डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार।