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भीगा और काला पड़ा गेहूं भेजा गुजरात
fatehabad
Updated Fri, 22 Jul 2016 12:23 AM IST
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सड़ रहा सड़क पर फैला गेहूं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाखल से एक मालगाड़ी में गुजरात के लिए रवाना किया गया गेहूं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। भेजा गया गेहूं न केवल बारिश से भीगा, बल्कि कई बोरियां में भरा गेहूं खराब भी पाया गया।
हालांकि, निगम अधिकारी इस बात को सिरे से नकारते हुए ऐसी किसी भी मामले से इंकार कर रहे हैं, लेकिन भेजे जा रहे गेहूं की मीडिया द्वारा कवरेज करते समय जो तथ्य सामने आए उससे गड़बड़ी की संभावना से इंकार नहीं कियाजा सकता है। मौके पर मौजूद अधिकारियों से जब इस बारे में जानकारी लेनी चाही तो वे जानकारी देने से बचते नजर आए और आनन फानन में अपने काम को पूरा करने में जुट गए।
एफसीआई की ओर से करीब 300 ट्रकों में गेहूं की करीब 57 हजार बोरियां एक मालगाड़ी में लोड कर गुजरात भेजी गई हैं। मंगलवार शाम करीब छह बजे वहां पर घूम रहे लोगों ने इस दौरान गेहूं की दर्जनों बोरियों को सड़क पर जमा बरसाती पानी में गिरा हुआ पाया।
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उस गेहूं को वहां जमा हुए लावारिस पशुओं को खाते देख इसकी जानकारी मीडिया कर्मियों को दी गई। जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे तो मालगाड़ी लोड करते समय इनमें से कई बोरियां बारिश में भीगी हुई मिलीं। इसके अलावा, गेहूं की दर्जनों बोरियां फटकर सड़क पर बारिश के पानी में गिरी हुई थी, जिसे वहां घूम रहे लावारिस पशु खा रहे थे। इस गेहूूं को बचाने के लिए निगम का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं आया। यहां तक कि मालगाड़ी लोड होने के समय सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आरपीएफ का भी कोई कर्मी मौजूद नहीं था। जब मालगाड़ी के अन्य डिब्बों की जांच की गई तो कई जगहों पर गाड़ी के अंदर लोड किया गेहूं बारिश में भीगा हुआ पाया गया।
कुछ बोरियों के अंदर गेहूं काला और गंदगीयुक्त पाया गया, जबकि नियमानुसार बारिश या अन्य कारणों से खराब हुए गेहूं को लोड नहीं किया जा सकता। वहीं, कई लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि ऐसा एक बार नहीं, बल्कि अक्सर देखा जाता है। जहां विभागीय अधिकारी भेजे जाने वाले अनाज को खराब होने अथवा उसे भेजने बारे कोई गंभीरता नहीं दिखाते हैं। गेहूं को ढकने के लिए तिरपाल की व्यवस्था भी नहीं थी।
निगम अधिकारियों ने किया मामले से इंकार
एफसीआई जाखल मैनेजर जगरूप ने बताया कि यह गेहूं दो साल पुराना है, जिसे पंजाब से खरीदकर तलवाड़ा गोदामों में लगवाया गया था। मालगाड़ी में किसी तरह से भीगा हुआ गेहूं लोड नहीं किया गया है। बल्कि, बारिश आने के दौरान ट्रकों की लोडिंग बंद करा दी गई थी। कुछ गेहूं अगर बाहर बिखर गया है तो साफ कराकर अन्य थैलों में भरकर ही भेजा जाएगा।
हालांकि, निगम अधिकारी इस बात को सिरे से नकारते हुए ऐसी किसी भी मामले से इंकार कर रहे हैं, लेकिन भेजे जा रहे गेहूं की मीडिया द्वारा कवरेज करते समय जो तथ्य सामने आए उससे गड़बड़ी की संभावना से इंकार नहीं कियाजा सकता है। मौके पर मौजूद अधिकारियों से जब इस बारे में जानकारी लेनी चाही तो वे जानकारी देने से बचते नजर आए और आनन फानन में अपने काम को पूरा करने में जुट गए।
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एफसीआई की ओर से करीब 300 ट्रकों में गेहूं की करीब 57 हजार बोरियां एक मालगाड़ी में लोड कर गुजरात भेजी गई हैं। मंगलवार शाम करीब छह बजे वहां पर घूम रहे लोगों ने इस दौरान गेहूं की दर्जनों बोरियों को सड़क पर जमा बरसाती पानी में गिरा हुआ पाया।
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उस गेहूं को वहां जमा हुए लावारिस पशुओं को खाते देख इसकी जानकारी मीडिया कर्मियों को दी गई। जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे तो मालगाड़ी लोड करते समय इनमें से कई बोरियां बारिश में भीगी हुई मिलीं। इसके अलावा, गेहूं की दर्जनों बोरियां फटकर सड़क पर बारिश के पानी में गिरी हुई थी, जिसे वहां घूम रहे लावारिस पशु खा रहे थे। इस गेहूूं को बचाने के लिए निगम का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं आया। यहां तक कि मालगाड़ी लोड होने के समय सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आरपीएफ का भी कोई कर्मी मौजूद नहीं था। जब मालगाड़ी के अन्य डिब्बों की जांच की गई तो कई जगहों पर गाड़ी के अंदर लोड किया गेहूं बारिश में भीगा हुआ पाया गया।
कुछ बोरियों के अंदर गेहूं काला और गंदगीयुक्त पाया गया, जबकि नियमानुसार बारिश या अन्य कारणों से खराब हुए गेहूं को लोड नहीं किया जा सकता। वहीं, कई लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि ऐसा एक बार नहीं, बल्कि अक्सर देखा जाता है। जहां विभागीय अधिकारी भेजे जाने वाले अनाज को खराब होने अथवा उसे भेजने बारे कोई गंभीरता नहीं दिखाते हैं। गेहूं को ढकने के लिए तिरपाल की व्यवस्था भी नहीं थी।
निगम अधिकारियों ने किया मामले से इंकार
एफसीआई जाखल मैनेजर जगरूप ने बताया कि यह गेहूं दो साल पुराना है, जिसे पंजाब से खरीदकर तलवाड़ा गोदामों में लगवाया गया था। मालगाड़ी में किसी तरह से भीगा हुआ गेहूं लोड नहीं किया गया है। बल्कि, बारिश आने के दौरान ट्रकों की लोडिंग बंद करा दी गई थी। कुछ गेहूं अगर बाहर बिखर गया है तो साफ कराकर अन्य थैलों में भरकर ही भेजा जाएगा।