जिला मुख्यालय पर 23 साल में पहली बार नहीं मनाया दशहरा

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Sun, 25 Oct 2020 11:18 PM IST
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कोरोना महामारी का असर दशहरा पर्व पर पड़ा है। जिला मुख्यालय बनने के 23 साल में पहली बार ऐसा हुआ कि दशहरा पर्व नहीं मनाया गया। इसके अलावा न ही कोई कार्यक्रम आयोजित किया गया। लघुसचिवालय के सामने हर साल दशहरा पर्व पर कार्यक्रम आयोजित करने वाली समिति ने 10 दिन पहले पर्व न बनाने का ऐलान कर दिया था। समिति की तरफ से हर साल दशहरा पर्व पर झांकी निकाली जाती थी और इसके बाद रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाता रहा है, लेकिन कोरोना महामारी का इस पर्व पर असर पड़ा है।
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त्योहार न मनाए जाने के कारण बाजार भी सुनसान रहे। मिठाइयों की दुकानों पर दस फीसदी भीड़ रही। दुकानदारों के मुताबिक शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग दशहरा पर्व देखने के बहाने बाजार आते हैं और खरीददारी करते हैं, लेकिन कार्यक्रम आयोजित न होने के कारण बाजार सुनसान रहे।
बच्चों ने बनाए पुतले
कोरोना महामारी के चलते बड़े कार्यक्रम न होने के कारण गली मोहल्लों के बच्चों ने अपने स्तर पर रावण, मेघनाथ व कुंभकर्ण के पुतले बनाए और शाम को उनका दहन किया। दिनभर बच्चे पुतले बनाने में जुटे रहे। इसको लेकर अभिभावक भी काफी उत्साहित दिखे।
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