फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Farmers will take out candle march today

किसान आज निकालेंगे कैंडल मार्च

Sat, 13 Feb 2021 11:53 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 13 Feb 2021 11:53 PM IST
विज्ञापन
Farmers will take out candle march today
लघु सचिवालय के बाहर पार्क में बैठक करते किसान संगठनों के सदस्य। - फोटो : Fatehabad
केंद्र सरकार की ओर से लागू किए तीन कृषि कानूनों के विरोध में एक बार फिर किसान आंदोलन रविवार से जोर पकड़ेगा। अब तक अलग-अलग गतिविधियां कर रहे किसान संगठनों ने भी एकजुटता बनाते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में ही आगे संघर्ष करने का एलान किया है। इसके लिए अलग अलग गांवों में संयुक्त कमेटियों के गठन का सिलसिला भी जारी है। रविवार शाम को कैंडल मार्च के साथ आगामी कार्यक्रम शुरू होंगे। कैंडल मार्च के दौरान पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद 16 फरवरी को चौधरी छोटूराम जयंती पर कार्यक्रम होंगे। फिर 18 फरवरी को रेल रोकने के लिए जाखल व भट्टू में किसान नेताओं के नेतृत्व में अलग अलग गांवों से किसान पहुंचेंगे।
विज्ञापन

संयुक्त किसान मोर्चा तहसील फतेहाबाद ने डीसी दफ्तर के बाहर अनशन पर बैठे किसानों व मजदूरों के पक्का मोर्चा स्थल पर किसान नेता कल्याण सिंह धांगड़ की अध्यक्षता में बैठक की। इस बैठक में विभिन्न किसान संगठनों ने हिस्सा लिया तथा कैंडल मार्च के आयोजन की योजना बनाई। 16 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन डीसी ऑफिस के बाहर पक्का मोर्चा स्थल पर सुबह 11 बजे छोटूराम जयंती मनाई जाएगी। संयुक्त किसान मोर्चा तहसील के संयोजक योगेंद्र सिंह भूथन कलां ने बताया कि रविवार शाम साढ़े पांच बजे किसान, मजदूर व विभिन्न जनसंगठनों के सदस्य जाट धर्मशाला में इकट्ठे होकर शहर में कैंडल मार्च करेंगे। बैठक में खेती बचाओ संघर्ष समिति के रविंद्र कसवां, रमेशदास जांडवाला सोत्तर, सुरेश गढ़वाल, भारतीय किसान यूनियन से संदीप काजला, मदन बिजारणियां बनगांव, मोहन लाल चाहर, रामचंद्र करनौलीब, मनफूल ढाका, मनोज बीसला, ओमप्रकाश पूनियां, भोलासिंह नागपुर, बेगराज, राजकुमार हड़ोली, मोहनलाल नारंग सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
विज्ञापन

वहीं, जिले में अलग-अलग गतिविधियां चला रहे संगठनों को एकजुट करने में किसान नेता लगे हुए हैं। लघु सचिवालय पर प्रदर्शन से लेकर रोड जाम करने तक कुछ संगठनों द्वारा अलग-अलग कार्यक्रम किए गए। किसान नेताओं का मानना है कि इससे किसानों में गलत संदेश जा रहा है और आंदोलन भी बंटा हुआ है। यदि सभी किसान संगठन एकजुट होकर लड़ेंगे तो सरकार पर अधिक दबाव बनेगा। इसलिए प्रमुख किसान नेताओं द्वारा एकजुटता के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed