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Fatehabad News: सरसों की बुआई के लिए किसानों काे बीज उपचार का दिया परामर्श
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भट्टू कलां। अनाजमंडी में शुक्रवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से किसान मेला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि उप मंडल कृषि अधिकारी डा. सुभाष लौहान ने भाग लिया। इस दौरान कृषि विश्वविद्यालय हिसार से डॉ. ओपी नेहरा ने किसानों को सरसों व गेहूं के फसल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को सरसों के बीज को उपचार करके बोना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसान कार्बन्डाजिम (बेवीसटीन) 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से बीज उपचार करें। उन्होंने मरगौजा (ओरोबन्की) के इलाज के लिए बताया की किसान बिजाई के 25 दिन बाद 25 एमएल ग्लाईफोस्टेट 41 प्रतिशत एसएल 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करे व 50 दिन बाद इतनी ही मात्रा में इसे दोबारा स्प्रे करने से काफी हद तक मरगोजा पर नियंत्रण कर सकते है। किसान भाई सरसों की फसल में सल्फर का इस्तेमाल अवश्य करे इससे तेल की मात्रा बढ़ती है व पैदावार के भी इजाफा होता है।
कृषि विकास अधिकारी डा. सुरेश पारीक ने किसानों से आह्वान किया कि किसान धान निकालने के बाद अवशेषों में आग ना लगाएं। किसान धान को गांठें बनाकर या अन्य किसी भी तरीके से प्रबंधन करके 1200 रुपए अनुदान प्राप्त कर सकते है। इस अवसर पर खंड कृषि विकास अधिकारी महेन्द्र सिंह, एडीओ डा. जनक राम, डा. बहादर गोदारा सहित काफी सख्यां में किसान मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि किसान कार्बन्डाजिम (बेवीसटीन) 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से बीज उपचार करें। उन्होंने मरगौजा (ओरोबन्की) के इलाज के लिए बताया की किसान बिजाई के 25 दिन बाद 25 एमएल ग्लाईफोस्टेट 41 प्रतिशत एसएल 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करे व 50 दिन बाद इतनी ही मात्रा में इसे दोबारा स्प्रे करने से काफी हद तक मरगोजा पर नियंत्रण कर सकते है। किसान भाई सरसों की फसल में सल्फर का इस्तेमाल अवश्य करे इससे तेल की मात्रा बढ़ती है व पैदावार के भी इजाफा होता है।
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कृषि विकास अधिकारी डा. सुरेश पारीक ने किसानों से आह्वान किया कि किसान धान निकालने के बाद अवशेषों में आग ना लगाएं। किसान धान को गांठें बनाकर या अन्य किसी भी तरीके से प्रबंधन करके 1200 रुपए अनुदान प्राप्त कर सकते है। इस अवसर पर खंड कृषि विकास अधिकारी महेन्द्र सिंह, एडीओ डा. जनक राम, डा. बहादर गोदारा सहित काफी सख्यां में किसान मौजूद रहे।
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