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Fatehabad News: किसानों को खालिस्तानी बताने वाले इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई न होने पर किसानों ने भूना थाने के गेट पर किया प्रदर्शन
Tue, 09 Apr 2024 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 09 Apr 2024 12:11 AM IST
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भूना। किसानों ने इंस्पेक्टर रामपाल के खिलाफ खालिस्तानी कहने की शिकायत पुलिस को दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति से जुड़े किसानों ने सोमवार को भूना थाने के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया जबकि संचालन जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मंडा ने किया।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने के बाहर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दिनभर धरना देकर रोष प्रकट किया। जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मंडा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मार्च महीने में तत्कालीन भूना थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रामपाल ने मेरे घर जाकर पारिवारिक महिला सदस्यों से कहा कि ओमप्रकाश को किसान आंदोलन में जाने से रोक लो, क्योंकि वे किसान आंदोलन की आड़ में खालिस्तानी लोगों का समर्थन कर रहे हैं। इसलिए उन्हें ऐसे किसान आंदोलन से दूरी बनानी चाहिए।
ओमप्रकाश मंडा ने कहा कि ऐसा कहकर मेरी छवि धूमिल की गई है। इसलिए हमने 17 मार्च को इंस्पेक्टर रामपाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायत दी थी। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। धरने के जरिये किसानों ने इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग की।
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पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान ने कहा कि पुलिस ने अभी तक उनकी शिकायत पर कोई भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई इंस्पेक्टर रामपाल के विरुद्ध नहीं की है, इसलिए अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। जब तक इंस्पेक्टर माफी नहीं मांगेंगे, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर ब्लॉक प्रधान कमल सिंह बराड़, मांगेराम मेहड़ा, राजेंद्र नेहरा लहरिया, निहाल सिंह बिश्नोई, सरदार मिठू सिंह, सुखा दिगोह, राममेहर सिवाच, राधेश्याम व तेलूराम चंद्रावल, महेंद्र बेनीवाल, सुरेश हसंगा, जयबीर गोरखपुर, महावीर सिंह, गुरदयाल कंबोज सहित कई किसान मौजूद रहे।
वहीं इंस्पेक्टर रामपाल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति के सामने किसानों को खालिस्तानी जैसे शब्द नहीं कहे। वह भी एक किसान परिवार का हिस्सा हैं।
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प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने के बाहर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दिनभर धरना देकर रोष प्रकट किया। जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मंडा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मार्च महीने में तत्कालीन भूना थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रामपाल ने मेरे घर जाकर पारिवारिक महिला सदस्यों से कहा कि ओमप्रकाश को किसान आंदोलन में जाने से रोक लो, क्योंकि वे किसान आंदोलन की आड़ में खालिस्तानी लोगों का समर्थन कर रहे हैं। इसलिए उन्हें ऐसे किसान आंदोलन से दूरी बनानी चाहिए।
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ओमप्रकाश मंडा ने कहा कि ऐसा कहकर मेरी छवि धूमिल की गई है। इसलिए हमने 17 मार्च को इंस्पेक्टर रामपाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायत दी थी। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। धरने के जरिये किसानों ने इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग की।
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पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान ने कहा कि पुलिस ने अभी तक उनकी शिकायत पर कोई भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई इंस्पेक्टर रामपाल के विरुद्ध नहीं की है, इसलिए अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। जब तक इंस्पेक्टर माफी नहीं मांगेंगे, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर ब्लॉक प्रधान कमल सिंह बराड़, मांगेराम मेहड़ा, राजेंद्र नेहरा लहरिया, निहाल सिंह बिश्नोई, सरदार मिठू सिंह, सुखा दिगोह, राममेहर सिवाच, राधेश्याम व तेलूराम चंद्रावल, महेंद्र बेनीवाल, सुरेश हसंगा, जयबीर गोरखपुर, महावीर सिंह, गुरदयाल कंबोज सहित कई किसान मौजूद रहे।
वहीं इंस्पेक्टर रामपाल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति के सामने किसानों को खालिस्तानी जैसे शब्द नहीं कहे। वह भी एक किसान परिवार का हिस्सा हैं।