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Fatehabad News: किसानों की जीएम सरसों के बीज पर रोक लगाने की मांग
Mon, 25 Nov 2024 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 25 Nov 2024 12:41 AM IST
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सांसद कुमारी सैलजा के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते भारतीय किसान संघ के सदस्य।
फतेहाबाद। भारतीय किसान संघ ने जीएम (जेनेटिक मॉडिफाइड) सरसों को मानव के लिए हानिकारक बताते हुए इसके उत्पादन पर रोक लगाने की मांग की है। इसको लेकर भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधिमंडल जिला प्रधान रोहताश पंघाल के नेतृत्व में राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला और सिरसा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा के प्रतिनिधि से मिला और उन्हें मांग पत्र सौंपा।
संघ के जिला प्रधान रोहताश पंघाल ने कहा कि देश में जीएम फसल के रूप में बीटी कपास को वर्ष 2002 में किसानों के बीच पिछले दरवाजे से लाया गया था। कपास में बैक्टीरिया से दो अलग जीन को डालकर बारी-बारी से अधिक जहरीला कपास बनाया गया और बताया गया था कि यह कपास में लगने वाले कीट को रोकेगा जबकि यह दावा झूठा साबित हुआ।
पंघाल ने कहा कि जीएम फसल हर प्रकार से भारत की भौगोलिक संरचना, पर्यावरण, जलवायु और कृषि संस्कृति के लिए सर्वथा अनुचित और हानिकारक है। भारतीय किसान संघ इस प्रकार के प्रयासों की निंदा करता है। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला और सांसद कुमारी सैलजा के कहने पर उनके प्रतिनिधि अरविंद शर्मा को ज्ञापन सौंपकर भारतीय किसान संघ ने जीएम सरसों के बीज की रोकथाम की मांग की है।
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प्रतिनिधिमंडल में जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट सुधीर मेहता, जिला मंत्री देवी लाल गोदारा, जिला युवा प्रमुख राहुल गोदारा भोडिया खेड़ा, भूना खंड अध्यक्ष सूरजभान चंद्रावल, सह मंत्री जितेंद्र मताना, रतिया खंड अध्यक्ष मिल्क राज कंबोज, भट्टू खंड के अध्यक्ष जय किशन गोदारा, जैविक प्रमुख धर्मवीर जाखड़ व अन्य कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।
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संघ के जिला प्रधान रोहताश पंघाल ने कहा कि देश में जीएम फसल के रूप में बीटी कपास को वर्ष 2002 में किसानों के बीच पिछले दरवाजे से लाया गया था। कपास में बैक्टीरिया से दो अलग जीन को डालकर बारी-बारी से अधिक जहरीला कपास बनाया गया और बताया गया था कि यह कपास में लगने वाले कीट को रोकेगा जबकि यह दावा झूठा साबित हुआ।
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पंघाल ने कहा कि जीएम फसल हर प्रकार से भारत की भौगोलिक संरचना, पर्यावरण, जलवायु और कृषि संस्कृति के लिए सर्वथा अनुचित और हानिकारक है। भारतीय किसान संघ इस प्रकार के प्रयासों की निंदा करता है। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला और सांसद कुमारी सैलजा के कहने पर उनके प्रतिनिधि अरविंद शर्मा को ज्ञापन सौंपकर भारतीय किसान संघ ने जीएम सरसों के बीज की रोकथाम की मांग की है।
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प्रतिनिधिमंडल में जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट सुधीर मेहता, जिला मंत्री देवी लाल गोदारा, जिला युवा प्रमुख राहुल गोदारा भोडिया खेड़ा, भूना खंड अध्यक्ष सूरजभान चंद्रावल, सह मंत्री जितेंद्र मताना, रतिया खंड अध्यक्ष मिल्क राज कंबोज, भट्टू खंड के अध्यक्ष जय किशन गोदारा, जैविक प्रमुख धर्मवीर जाखड़ व अन्य कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।