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Fatehabad News: पोर्टल खुला तो फसल का ब्योरा जमा कराने लघु सचिवालय पहुंचे किसान
Tue, 22 Sep 2026 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 22 Sep 2026 10:38 PM IST
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फतेहाबाद। लघु सचिवालय के ई-दिशा केंद्र पंजीकरण जमा करवाने के लिए लगी भीड़। संवाद
फतेहाबाद। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का पंजीकरण करवाने के लिए लघु सचिवालय में मंगलवार को द्वितीय खंड के ई-दिशा केंद्र में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। मंगलवार को करीब 1600 किसानों ने एसडीएम कार्यालय में अपनी फसल का ब्योरा दर्ज करवाने के लिए आवेदन किए हैं।
किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कृषि विभाग की ओर से कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है ताकि उनको पंजीकरण करवाने में परेशानी न हो। पंजीकरण से वंचित किसानों के लिए पोर्टल 27 सितंबर तक दोबारा खोला गया है। ऐसे किसान संबंधित एसडीएम को भूमि और फसल का विवरण देकर आवेदन कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से फसल बेचने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पहले सरकार की ओर से पंजीकरण के लिए पोर्टल खुला था, पोर्टल के बंद होने के कारण करीब 68 हजार एकड़ में होने वाली फसल का पंजीकरण इस बार नहीं हुआ था। जिसके चलते सरकार की ओर से पोर्टल को फिर से खोला गया था।
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जिस पर अब फसल पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पहले किसान स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी फसल का ब्योरा दर्ज कर सकते थे लेकिन अब पंजीकरण के लिए किसानों से लिखित में जानकारी ली जा रही है। किसान अपनी जमीन और बोई गई फसल का विवरण लिखित रूप में उपलब्ध करवा रहे हैं। इसके बाद संबंधित कर्मचारी इस जानकारी को पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
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सुबह से ही पहुंचने लगे किसान
पंजीकरण की प्रकिया शुरू होने के साथ ही मंगलवार सुबह से ही ई-दिशा केंद्र पर किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कई किसान सुबह ही केंद्र पर पहुंच गए और अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। किसान जगजीत सिंह, हरनाम सिंह, रामेश्वर, कल्याण सिंह आदि का कहना है कि फसल का ब्योरा समय पर दर्ज करवाना जरूरी है इसलिए वे किसी तरह की देरी या तकनीकी समस्या के कारण पंजीकरण से वंचित नहीं रहना चाहते।
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फसल खरीद और सरकारी योजनाओं से जुड़ा है रिकॉर्ड
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज जानकारी किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। फसल का विवरण दर्ज होने से किसान की बोई गई फसल और जमीन से संबंधित रिकॉर्ड सरकारी स्तर पर उपलब्ध रहता है। फसल खरीद समेत कृषि विभाग से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं में इस रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं सरकार फसल के ब्योरे के अनुसार ही जिले में फसल की खरीद के लिए प्रबंध करती है।
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अब तक 74 हजार किसान करा चुके हैं पंजीकरण
जिले में अब तक करीब 74 हजार किसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। जिले में कुल कृषि योग्य भूमि 5,54,413 एकड़ है। इसमें से अब तक 4,81,669 एकड़ यानि 87 प्रतिशत क्षेत्र का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर हो चुका है।
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सबसे ज्यादा गेहूं उत्पादक किसानों ने करवाया पंजीकरण
फसल- पंजीकृत किसान- भूमि
गेहूं: 63,810 किसान, 4,01,517 एकड़
सरसों: 8,273 किसान, 22,040 एकड़
चना: 825 किसान, 1,519 एकड़
जौ: 305 किसान, 852 एकड़
बरसीम: 264 किसान, 546 एकड़
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किसानों से लिखित में जानकारी लेने के साथ उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज करवा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक संख्या में आने वाले किसानों का ब्यौरा व्यवस्थित तरीके से दर्ज हो और उन्हें अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। एसडीएम कार्यालय की तरफ से प्रक्रिया जारी है।
- डॉ. विनोद फोगाट, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद।
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किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कृषि विभाग की ओर से कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है ताकि उनको पंजीकरण करवाने में परेशानी न हो। पंजीकरण से वंचित किसानों के लिए पोर्टल 27 सितंबर तक दोबारा खोला गया है। ऐसे किसान संबंधित एसडीएम को भूमि और फसल का विवरण देकर आवेदन कर सकते हैं।
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प्रदेश सरकार की ओर से फसल बेचने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पहले सरकार की ओर से पंजीकरण के लिए पोर्टल खुला था, पोर्टल के बंद होने के कारण करीब 68 हजार एकड़ में होने वाली फसल का पंजीकरण इस बार नहीं हुआ था। जिसके चलते सरकार की ओर से पोर्टल को फिर से खोला गया था।
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जिस पर अब फसल पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पहले किसान स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी फसल का ब्योरा दर्ज कर सकते थे लेकिन अब पंजीकरण के लिए किसानों से लिखित में जानकारी ली जा रही है। किसान अपनी जमीन और बोई गई फसल का विवरण लिखित रूप में उपलब्ध करवा रहे हैं। इसके बाद संबंधित कर्मचारी इस जानकारी को पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
सुबह से ही पहुंचने लगे किसान
पंजीकरण की प्रकिया शुरू होने के साथ ही मंगलवार सुबह से ही ई-दिशा केंद्र पर किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कई किसान सुबह ही केंद्र पर पहुंच गए और अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। किसान जगजीत सिंह, हरनाम सिंह, रामेश्वर, कल्याण सिंह आदि का कहना है कि फसल का ब्योरा समय पर दर्ज करवाना जरूरी है इसलिए वे किसी तरह की देरी या तकनीकी समस्या के कारण पंजीकरण से वंचित नहीं रहना चाहते।
फसल खरीद और सरकारी योजनाओं से जुड़ा है रिकॉर्ड
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज जानकारी किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। फसल का विवरण दर्ज होने से किसान की बोई गई फसल और जमीन से संबंधित रिकॉर्ड सरकारी स्तर पर उपलब्ध रहता है। फसल खरीद समेत कृषि विभाग से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं में इस रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं सरकार फसल के ब्योरे के अनुसार ही जिले में फसल की खरीद के लिए प्रबंध करती है।
अब तक 74 हजार किसान करा चुके हैं पंजीकरण
जिले में अब तक करीब 74 हजार किसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। जिले में कुल कृषि योग्य भूमि 5,54,413 एकड़ है। इसमें से अब तक 4,81,669 एकड़ यानि 87 प्रतिशत क्षेत्र का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर हो चुका है।
सबसे ज्यादा गेहूं उत्पादक किसानों ने करवाया पंजीकरण
फसल- पंजीकृत किसान- भूमि
गेहूं: 63,810 किसान, 4,01,517 एकड़
सरसों: 8,273 किसान, 22,040 एकड़
चना: 825 किसान, 1,519 एकड़
जौ: 305 किसान, 852 एकड़
बरसीम: 264 किसान, 546 एकड़
किसानों से लिखित में जानकारी लेने के साथ उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज करवा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक संख्या में आने वाले किसानों का ब्यौरा व्यवस्थित तरीके से दर्ज हो और उन्हें अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। एसडीएम कार्यालय की तरफ से प्रक्रिया जारी है।
- डॉ. विनोद फोगाट, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद।

फतेहाबाद। लघु सचिवालय के ई-दिशा केंद्र पंजीकरण जमा करवाने के लिए लगी भीड़। संवाद