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न्याय मांग रहे पीड़ित पर दर्ज किए दो मुकदमे
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Thu, 31 Mar 2016 12:27 AM IST
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सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या करने की धमकी
- फोटो : fatehabad
फतेहाबाद लघु सचिवालय की दीवार पर सुसाइड नोट लिखने वाले राजेश धानक को शहर पुलिस ने मंगलवार रात को धरनास्थल से गिरफ्तार कर लिया। राजेश के खिलाफ पुलिस ने अलग-अलग दो मामले दर्ज किए हैं। बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, बेघर हो चुकी मूर्ति देवी अपने पति से मिलने के लिए कोर्ट में पहुंची। मूर्ति देवी ने पुलिस प्रशासन पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दो साल से न्याय के लिए धरने पर बैठे राजेश ने मंगलवार सुबह लघु सचिवालय की दीवारों पर लिखा था कि उसे न्याय न मिला तो वह सुसाइड कर लेगा और उसकी मौत का जिम्मेवार डीसी होगा। धमकी की सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया और इस मामले के लिए नायब तहसीलदार कुलवंत सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
देर रात धरनास्थल पर पहुंची पुलिस फोर्स ने राजेश को गिरफ्तार कर लिया और सामान उठाकर पार्क में फेंक दिया। जिस समय पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची उस समय राजेश की पत्नी मूर्तिदेवी नहीं थी। पुलिस राजेश को हुडा चौकी में ले गई। जहां पर उसके खिलाफ पुलिस ने दो-दो अलग-अलग मामले दर्ज कर दिए।
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नहीं मिला जमानती
राजेश को पुलिस ने दोपहर में कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मूर्तिदेवी ने बताया कि उसके पास पति की जमानत करवाने के लिए जमानती नहीं है। मूर्तिदेवी ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि रात 10 बजे उसे हुडा चौकी में बुलाया गया। वहां उसे धमकी दी गई कि चुप होकर बैठ जाओ, वरना उस पर भी केस बना दिए जाएंगे। मूर्तिदेवी अपने बच्चे को लेकर कोर्ट में पति से मिलने के लिए पहुंची थी।
धरनास्थल पर चलाया ट्रैक्टर, दीवार पर की पुताई
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राजेश का जबरन धरना उठा दिया गया और सामान को उठाकर पार्क में फेंक दिया गया। बुधवार सुबह पुलिस ने पार्क में फेंके गए सामान को कब्जे में ले लिया। वहीं, बीएंडआर के कर्मचारियों ने दीवार पर लिखे गए सुसाइड नोट पर पुताई कर दी और धरनास्थल की जगह पर ट्रैक्टर चला दिया।
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दो साल से न्याय के लिए धरने पर बैठे राजेश ने मंगलवार सुबह लघु सचिवालय की दीवारों पर लिखा था कि उसे न्याय न मिला तो वह सुसाइड कर लेगा और उसकी मौत का जिम्मेवार डीसी होगा। धमकी की सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया और इस मामले के लिए नायब तहसीलदार कुलवंत सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
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देर रात धरनास्थल पर पहुंची पुलिस फोर्स ने राजेश को गिरफ्तार कर लिया और सामान उठाकर पार्क में फेंक दिया। जिस समय पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची उस समय राजेश की पत्नी मूर्तिदेवी नहीं थी। पुलिस राजेश को हुडा चौकी में ले गई। जहां पर उसके खिलाफ पुलिस ने दो-दो अलग-अलग मामले दर्ज कर दिए।
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नहीं मिला जमानती
राजेश को पुलिस ने दोपहर में कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मूर्तिदेवी ने बताया कि उसके पास पति की जमानत करवाने के लिए जमानती नहीं है। मूर्तिदेवी ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि रात 10 बजे उसे हुडा चौकी में बुलाया गया। वहां उसे धमकी दी गई कि चुप होकर बैठ जाओ, वरना उस पर भी केस बना दिए जाएंगे। मूर्तिदेवी अपने बच्चे को लेकर कोर्ट में पति से मिलने के लिए पहुंची थी।
धरनास्थल पर चलाया ट्रैक्टर, दीवार पर की पुताई
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राजेश का जबरन धरना उठा दिया गया और सामान को उठाकर पार्क में फेंक दिया गया। बुधवार सुबह पुलिस ने पार्क में फेंके गए सामान को कब्जे में ले लिया। वहीं, बीएंडआर के कर्मचारियों ने दीवार पर लिखे गए सुसाइड नोट पर पुताई कर दी और धरनास्थल की जगह पर ट्रैक्टर चला दिया।