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प्रशासन ने पंचायती जमीन से कब्जा हटवाया
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Thu, 29 Dec 2016 11:53 PM IST
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पंचायती जमीन पर मकानों को तोड़ती दो जेसीबी मशीने
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव हसंगा में पंचायत की 5 एकड़ जमीन पर पिछले दो दशकों से कब्जा करके दो दर्जन परिवार मकान बनाकर रह रहे थे। वीरवार को प्रशासन ने इस पर कार्रवाई करते हुए इन्हें तहस-नहस कर दिया। दो जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रालियों और दर्जनों मजदूरों की मदद से इस कार्यवाही को अंजाम दिया गया। पुलिस फोर्स भारी संख्या में मौजूद रहने से लोग विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। गौरतलब है कि इस अवैध कब्जे को हटाने का आदेश एसडीएम न्यायालय ने दिया था। जब इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो गांव के साधुराम, राजबीर और सतवीर ने सीएम विंडों में शिकायत देकर प्रशासनिक अधिकारियों पर हसंगा बस्ती के लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल पैदा हुई और वीरवार को कब्जा कार्रवाई को हाथोंहाथ हटाया गया।
इनके नष्ट कर दिए गए घर
इंदिरा गांधी आवास योजना बस्ती के पास दो दर्जन से अधिक लोगों ने पंचायत की करीब पांच एकड़ जमीन पर बीस साल पहले मकान बना लिए थे। उस दौरान पंचायत ने भी कोई आपत्ति नहीं की। जिसके कारण एक के बाद एक 29 मकान बन गए और 130 के करीब वोट भी बन गए। करीब 12 साल पहले पूर्व सरपंच देवीलाल ने पंचायती जमीन खाली कराने के लिए रतिया एसडीएम न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसके बाद कब्जा हटाने के निर्देश भी दिए गए थे। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। उसी फैसले को आधार बनाते तीन व्यक्तियों ने बार-बार सीएम विंडों में दरखास्त देकर कार्रवाई का जवाब मांगा था।
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नायब तहसीलदार ने कानूनगो इंद्रसिंह के मार्फत 22 दिसंबर को बेदखली का नोटिस जारी किया था और 29 दिसंबर को कब्जा खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था। इसी के चलते वीरवार को भारी पुलिस फोर्स के साथ प्रशासनिक अमले ने मकान ध्वस्त करके कब्जेदारों को पंचायती जमीन से खदेड़ दिया। अद्भुत दास, करनैल सिंह, सुभाष चंद्र हरिजन, मांगेराम भाट, सरजीत नायक, जसबीर सिंह, कृष्ण कुमार बावरिया, जीत सिंह हरिजन, मोमन राम बावरिया का परिवार, महेंद्र सिंह, तरसेम सिंह, अमरजीत सिंह, बीरभान, गोपीराम भाट, लखमीचंद, धर्मपाल हरिजन, रामचंद्र लाखलान, जगदीश चंद्र, बदरी प्रसाद, दर्शन सिंह मजबी, सुभाष चंद्र, भाना राम, राजकुमार नायक, कृष्णा देवी बावरिया आदि को पंचायती जमीन से उठा दिया गया है और इनके बनाए गए मकान भी तोड़ दिए गए हैं।
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कैसे गुजरेगी रात
पीड़ित सीता देवी, निर्मला व गुड्डी ने कहा कि पंचायत व प्रशासन ने उन्हें बीस साल लगातार गांव में बसे होने के बाद उजाड़ दिया गया है। सर्दी के मौसम में उनके बच्चे खुले आसमान के नीचे कैसे रात गुजारेंगे। इतना कहते ही तीनों की आंखों में पानी भर आया और जोर-जोर से रोने चिल्लाने लग गई। ऐसा ही दृश्य अमरजीत रायसिक्ख के घर भी देखने को मिला। उनके घर महिलाएं जमीन पर बैठी आंखों से पानी टपका कर भगवान को दोष दे रही थी। हे रब्बा असी की मांडा किता सी जो सानू उजाड़ के रखता।
क्या कहते हैं ड्यूटी मजिस्ट्रेट
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रवींद्र कुमार दलाल ने बताया कि सीएम विंडो में तीन शिकायतें बार-बार अवैध कब्जे को लेकर दी गई थी। जिस पर उच्च स्तर पर कार्रवाई करने के लिए दिशा निर्देश दिए गए थे। हालांकि पूर्व में एसडीएम न्यायालय से भी आदेश दिया हुआ है। करीब पांच एकड़ जमीन से पंचायत को प्रति वर्ष लाखों रुपये की आय भी हो सकेगी। जिन लोगों को कब्जे से हटाया गया है उनको सर्दी से बचाव के लिए तंबू इत्यादि देकर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इस मौके पर राजस्व विभाग के कानूनगो इंद्र सिंह, पटवारी बलवंत सिंह, समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी ओमप्रकाश, ग्राम सचिव राजू सिंह, सरपंच सुरेंद्र लांबा, नंबरदार जंगीर सिंह, उदय सिंह आदि सहित कई गणमान्य व्यक्ति व अधिकारी गण भी मौजूद थे।