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मृत किसान के नाम पर करवाई जमीन की रजिस्ट्री, पांच लाख का लोन हड़पा
अमर उजाला ब्यूरो, भूना
Updated Sat, 30 Jul 2016 11:37 PM IST
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गांव ढाणी डूल्ट के मृत किसान के नाम पर कुलां उप तहसील में फर्जी तरीके से जमीन का पंजीकरण करवाकर दी फतेहाबाद केंद्रीय सहकारी बैंक से पांच लाख रुपये का कर्जा हड़प लिया। किसान के परिजनों को जब 24 जुलाई 2016 को पांच लाख रुपये का ऋण होने की जानकारी मिली, तो वे दंग रहे गए। क्योंकि जिस समय बैंक से ऋण लिया गया, उस समय जमीन का रहण करने वाले किसान की एक साल पहले ही मौत हो चुकी थी। लेकिन उप तहसीलदार और बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत से चंद्रभान और एक नामालूम व्यक्ति ने पांच लाख रुपये कर्ज ले लिया। मृत किसान के परिवार ने पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद को शिकायत पत्र देकर धोखाधड़ी से कर्जा लेने वाले नायब तहसीलदार, बैंक प्रबंधक, नंबरदार आशानंद धारसूल, गवाह सुनील कुमार ढाणी डूल्ट, चंद्रभान पुत्र दिवान चंद भूना और एक नामालूम व्यक्ति आदि छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच एसपी ने अपराध शाखा को दी है।
यह है मामला
ढाणी डूल्ट निवासी रविंद्र कुमार ने बताया कि उसके भाई सुरेंद्र सिंह का एक मार्च 2015 को देहांत हो गया था। लेकिन उसके भाई के नाम जमीन वाक्या मौजा लहरियां में 10 कनाल भूमि पर 21 अप्रैल 2016 को उपतहसील कार्यालय कुलां में दस्तावेज नंबरी 53 दफतर सब रजिस्टार कुलां में जमीन का कर्जा लेने के लिए पंजीकरण करवा लिया। उपरोक्त कार्य में नायब तहसीलदार से लेकर नंबरदार तथा बैंक के अधिकारी भी मिले हुए थे। जमीन का रहननाम चंद्रभान के नाम शेटरिंग स्टोर भूना के नाम दिखाया गया है।
इसमें ढाणी डूल्ट के सुनील कुमार ने अपना गलत पिता का नाम और ठिकाना तहसील रजिस्ट्री में अंकित करवाया है। जबकि फोटो सुनील ढाणी डूल्ट खुद है। धारसूल के नंबरदार ने इसमें गवाह के तौर पर पहचान की है। नायब तहसीलदार ने कर्जा से संबंधित रहननामा चंद्रभान के नाम कर दिया गया है। इसके बाद दी फतेहाबाद केंद्रीय सहकारी बैंक ने पांच लाख का कर्जा शेटरिंग स्टोर के मालिक चंद्रभान के नाम जारी कर दिया।
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बैंक और तहसील में हड़कंप
दी फतेहाबाद सहकारी बैंक को जब धोखाधड़ी से पांच लाख रुपये निकलवाने के बारे में सूचना मिली तो वहां खलबली मच गई। बैंक के पास भले ही रजिस्ट्री के दस्तावेज जमा हों, मगर वह सब फर्जी तरीके से तैयार करवाकर दिए गए हैं। इनमें सुरेंद्र सिंह फर्जी है क्योंकि असली सुरेंद्र सिंह किसान की मौत एक साल पहले हो चुकी है। बैंक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भूना पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी करने वाले पंाच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायत पत्र दिया है।
इस संबंध में बैंक के प्रबंधक जगदीश नैन ने बताया कि मामला पुराना है। उस समय बैंक प्रबंधक ओर थे। लेकिन मामला नोटिस में एक सप्ताह पहले आया है। बैंक के साथ धोखाधड़ी करने वाले पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए मांग की गई है।
क्या कहते हैं नायब तहसीलदार
उप तहसील कुलां के नायब तहसीलदार रमेश कुमार ने बताया कि नंबरदार आशानंद धारसूल की शिनाख्त के बाद रजिस्ट्री का पंजीकरण किया है। इसको लेकर नंबरदार को नोटिस देकर तलब किया गया है। उनको अंधेरे में रखकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए गए हैं। इसलिए उनके खिलाफ उप तहसील कार्यालय कुलां की तरफ से भी मुकदमा दर्ज करवाएंगे। हमारी इसमें किसी भी प्रकार की कोई मिलीभगत नहीं है।
यह है मामला
ढाणी डूल्ट निवासी रविंद्र कुमार ने बताया कि उसके भाई सुरेंद्र सिंह का एक मार्च 2015 को देहांत हो गया था। लेकिन उसके भाई के नाम जमीन वाक्या मौजा लहरियां में 10 कनाल भूमि पर 21 अप्रैल 2016 को उपतहसील कार्यालय कुलां में दस्तावेज नंबरी 53 दफतर सब रजिस्टार कुलां में जमीन का कर्जा लेने के लिए पंजीकरण करवा लिया। उपरोक्त कार्य में नायब तहसीलदार से लेकर नंबरदार तथा बैंक के अधिकारी भी मिले हुए थे। जमीन का रहननाम चंद्रभान के नाम शेटरिंग स्टोर भूना के नाम दिखाया गया है।
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इसमें ढाणी डूल्ट के सुनील कुमार ने अपना गलत पिता का नाम और ठिकाना तहसील रजिस्ट्री में अंकित करवाया है। जबकि फोटो सुनील ढाणी डूल्ट खुद है। धारसूल के नंबरदार ने इसमें गवाह के तौर पर पहचान की है। नायब तहसीलदार ने कर्जा से संबंधित रहननामा चंद्रभान के नाम कर दिया गया है। इसके बाद दी फतेहाबाद केंद्रीय सहकारी बैंक ने पांच लाख का कर्जा शेटरिंग स्टोर के मालिक चंद्रभान के नाम जारी कर दिया।
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बैंक और तहसील में हड़कंप
दी फतेहाबाद सहकारी बैंक को जब धोखाधड़ी से पांच लाख रुपये निकलवाने के बारे में सूचना मिली तो वहां खलबली मच गई। बैंक के पास भले ही रजिस्ट्री के दस्तावेज जमा हों, मगर वह सब फर्जी तरीके से तैयार करवाकर दिए गए हैं। इनमें सुरेंद्र सिंह फर्जी है क्योंकि असली सुरेंद्र सिंह किसान की मौत एक साल पहले हो चुकी है। बैंक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भूना पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी करने वाले पंाच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायत पत्र दिया है।
इस संबंध में बैंक के प्रबंधक जगदीश नैन ने बताया कि मामला पुराना है। उस समय बैंक प्रबंधक ओर थे। लेकिन मामला नोटिस में एक सप्ताह पहले आया है। बैंक के साथ धोखाधड़ी करने वाले पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए मांग की गई है।
क्या कहते हैं नायब तहसीलदार
उप तहसील कुलां के नायब तहसीलदार रमेश कुमार ने बताया कि नंबरदार आशानंद धारसूल की शिनाख्त के बाद रजिस्ट्री का पंजीकरण किया है। इसको लेकर नंबरदार को नोटिस देकर तलब किया गया है। उनको अंधेरे में रखकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए गए हैं। इसलिए उनके खिलाफ उप तहसील कार्यालय कुलां की तरफ से भी मुकदमा दर्ज करवाएंगे। हमारी इसमें किसी भी प्रकार की कोई मिलीभगत नहीं है।